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PoK Protests News : PoK में फिर चलीं गोलियां, PAK सेना की फायरिंग में 2 प्रदर्शनकारियों की मौत

PoK Protests News

PoK Protests News : पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलाकोट शहर से एक बार फिर दिल दहला देने वाली हिंसा की खबर सामने आई है। यहाँ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना के जवानों ने अचानक सीधी फायरिंग कर दी। अब तक प्राप्त आधिकारिक और स्थानीय जानकारियों के मुताबिक, इस ताजा सैन्य कार्रवाई में दो प्रदर्शनकारियों की मौके पर ही मौत हो चुकी है, जबकि नौ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के नाम पर लगभग 20-20 मिनट के दो लंबे सत्रों में रबर की गोलियों के साथ-साथ प्रतिबंधित एके-47 (AK-47) राइफलों से अंधाधुंध गोलियां बरसाईं।

तड़के सुबह नमाज के वक्त हुआ पहला हमला

इस दर्दनाक घटनाक्रम की शुरुआत तड़के सुबह हुई, जब सुरक्षा बलों ने दो चरणों में इस हिंसक कार्रवाई को अंजाम दिया। पहली फायरिंग सुबह लगभग 4 बजे के आसपास की गई। उस समय सैकड़ों की तादाद में प्रदर्शनकारी ईदगाह मैदान के पास मुख्य सड़क पर सुबह की नमाज अदा करने के लिए शांतिपूर्वक इकट्ठा हुए थे। अचानक गोलियों की आवाज सुनते ही नमाजियों और प्रदर्शनकारियों के बीच भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए पास के ईदगाह मैदान की तरफ भागने लगे। सुरक्षा बलों की इस अमानवीय कार्रवाई के बाद भी तनाव कम नहीं हुआ। इसके ठीक तीन घंटे बाद, यानी सुबह 7 बजे पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने एक बार फिर ईदगाह मैदान को चारों तरफ से घेर लिया और वहां शरण लिए हुए निहत्थे लोगों पर दोबारा गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

हिंसा में दो प्रदर्शनकारियों की मौत और वायरल वीडियो के सबूत

सुबह हुई इस दूसरे दौर की फायरिंग ने दो बेकसूर लोगों की जान ले ली। मारे गए लोगों में से एक प्रदर्शनकारी मीरपुर इलाके से आंदोलन में शामिल होने आया था, जबकि दूसरा मृतक स्थानीय रावलाकोट का ही निवासी बताया जा रहा है। इस पूरी हिंसक घटना के दौरान और उसके तुरंत बाद के कई डरावने वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया तथा अंतरराष्ट्रीय मीडिया चैनलों पर सामने आई हैं। इन वीडियो साक्ष्यों में जमीन पर बिखरे हुए गोलियों के खोखे, चारों तरफ फैले खून के धब्बे और तड़के सुबह 4 बजे की फायरिंग के बाद बदहवास होकर भागते हुए प्रदर्शनकारी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं, जो पाकिस्तानी दावों की पोल खोलते हैं।

मौतों का आंकड़ा पहुंचा 55 के पार: दो मुख्य मांगों पर अड़ा पेंच

आपको बता दें कि इस क्षेत्र में बीते 9 जून से ही लगातार बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। तब से लेकर अब तक पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स द्वारा की गई अलग-अलग हिंसक कार्रवाइयों में कुल 55 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदर्शनकारी कुल 38 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं, लेकिन सरकार और आंदोलनकारियों के बीच मुख्य रूप से दो सबसे बड़ी मांगों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इसमें पहली मांग पीओके के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा ली जाने वाली पाकिस्तान के प्रति वफादारी की शपथ को पूरी तरह बदलने की है, और दूसरी मांग वहां की विधानसभा में मौजूद 12 कथित शरणार्थी सीटों को हमेशा के लिए खत्म करने की है।

वफादारी की शपथ बदलने और शरणार्थी सीटों को खत्म करने की जंग

वर्तमान व्यवस्था के तहत पीओके से जो भी सांसद, प्रधानमंत्री और मंत्री चुना जाता है, उसे यह अनिवार्य शपथ लेनी होती है कि वह पाकिस्तान और पीओके के पाकिस्तान में पूर्ण विलय के प्रति हमेशा वफादार रहेगा। प्रदर्शनकारियों की पुरजोर मांग है कि इस गुलामी की शपथ को बदला जाए। नई शपथ के तहत जनप्रतिनिधियों को पूरे जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक एकता, अखंडता और राज्य की जनता के प्रति वफादार होने का संकल्प लेना चाहिए। इसके साथ ही, आंदोलनकारी उन 12 शरणार्थी सीटों का भी विरोध कर रहे हैं, जिनके दम पर पाकिस्तानी हुकूमत और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) चुनाव परिणामों में हेरफेर करके पीओके में अपनी मर्जी की कठपुतली सरकारें बैठाती है।

अवामी एक्शन कमेटी पर प्रतिबंध और नेताओं पर करोड़ों का इनाम

पाकिस्तान की सरकार और सैन्य नेतृत्व का मानना है कि अवामी एक्शन कमेटी की ये दोनों मांगें सीधे तौर पर पीओके में पाकिस्तानी दखल को पूरी तरह खत्म करने वाली हैं। वे इसे पाकिस्तान से आजादी के आंदोलन के रूप में देख रहे हैं, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच बातचीत के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं और अब यह लड़ाई आर-पार के मोड़ पर आ गई है। इस बीच, बौखलाई पाकिस्तानी सरकार ने अवामी एक्शन कमेटी को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे चार प्रमुख नेताओं—शौकत नवाज मीर, सरदार उमर नजीर, ख्वाजा मेहरान और सरदार अमन खान पर देशद्रोह तथा दंगा भड़काने का मुकदमा दर्ज किया गया है और उनकी गिरफ्तारी पर एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये का भारी-भरकम इनाम रख दिया गया है।

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