Headline
NEET UG 2026 Re-exam
NEET UG 2026 Re-exam : नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित, 21 जून को फिर होगी परीक्षा, पेपर लीक के बाद बड़ा फैसला
Petrol-Diesel Price
Petrol-Diesel Price : आम आदमी को लगा बड़ा झटका, रातों-रात बदल गए पेट्रोल और डीजल के दाम
Women Health :
Women Health : PCOS का नाम बदलकर हुआ PMOS, अब इस नए नाम से जानी जाएगी महिलाओं की यह बीमारी
Vastu Tips for Salt
Vastu Tips for Salt : क्या आप भी दूसरों से मांगते हैं नमक? जानिए इससे जुड़ा डरावना वास्तु दोष
Cuba Energy Crisis 2026
Cuba Energy Crisis 2026 : क्यूबा में ऊर्जा का महासंकट, ईंधन खत्म होने से अंधेरे में डूबा पूरा देश
NEET Paper Leak Case
NEET Paper Leak Case : NEET पेपर लीक मामले में तीन राज्यों से 7 गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका
Keralam CM News 2026
Keralam CM News 2026: कौन हैं केरल के नए मुख्यमंत्री सतीशन, जिन्होंने रेस में वेणुगोपाल को पीछे छोड़ा
Chandranath Rath Murder Case
Chandranath Rath Murder Case : सीबीआई जांच में 70 लाख की सुपारी का खुलासा, सिग्नल ऐप से रची गई साजिश
SIR Phase 3 India
SIR Phase 3 India : देशभर में शुरू होगा SIR का तीसरा चरण, 16 राज्यों में होगा स्वास्थ्य सर्वे

Election Commission : इलेक्शन कमीशन का बड़ा फैसला, काउंटिंग सेंटर पर अब QR कोड से मिलेगी एंट्री

Election Commission

Election Commission : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। यह नई पहल चुनाव आयोग द्वारा पिछले एक वर्ष में शुरू की गई 30 से अधिक सुधारात्मक पहलों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस नई व्यवस्था के तहत अब बीएलओ (BLOs) और मतगणना से जुड़े अन्य कर्मियों के लिए मानक QR कोड आधारित फोटो पहचान पत्र (ID Cards) अनिवार्य कर दिए गए हैं। आयोग का मानना है कि इस डिजिटल तकनीक के समावेश से न केवल फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी, बल्कि मतगणना के दौरान होने वाली भीड़ और अव्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।

Election Commission : काउंटिंग सेंटर पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरे का कड़ा पहरा

मतगणना केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक विशेष ‘थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम’ तैयार किया है। इस प्रणाली के तहत पहचान सत्यापन (Identity Verification) के तीन अलग-अलग स्तर होंगे। पहले और दूसरे स्तर की सुरक्षा चौकी पर, रिटर्निंग ऑफिसर (RO) द्वारा जारी किए गए पारंपरिक फोटो पहचान पत्रों की मैन्युअल जांच की जाएगी। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बदलाव तीसरे और अंतिम सुरक्षा घेरे में होगा, जो काउंटिंग हॉल के ठीक पास स्थित होगा। यहाँ किसी भी व्यक्ति को केवल मैन्युअल जांच के आधार पर प्रवेश नहीं मिलेगा; बल्कि उनके पहचान पत्र पर मौजूद QR कोड को स्कैन किया जाएगा। डिजिटल सत्यापन सफल होने के बाद ही किसी व्यक्ति को मतगणना कक्ष के भीतर जाने की अनुमति दी जाएगी।

Election Commission : इन खास लोगों को मिलेंगे QR कोड वाले नए डिजिटल आईडी कार्ड

आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये नए QR कोड-आधारित डिजिटल फोटो पहचान पत्र केवल उन्हीं लोगों के लिए जारी किए जाएंगे, जिन्हें मतगणना केंद्र और हॉल के भीतर प्रवेश के लिए आधिकारिक तौर पर अधिकृत किया गया है। इस सूची में रिटर्निंग ऑफिसर (RO), असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO), काउंटिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी और डाटा ऑपरेटर शामिल हैं। इसके अलावा, चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों, उनके इलेक्शन एजेंटों और काउंटिंग एजेंटों के लिए भी यही डिजिटल पास अनिवार्य होंगे। सुरक्षा के इस कड़े मानकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतगणना की संवेदनशीलता के साथ कोई समझौता न हो और केवल प्राधिकृत व्यक्ति ही हॉल के भीतर मौजूद रहें।

मीडिया कर्मियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया और विशेष इंतजाम

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ, यानी मीडिया के लिए भी आयोग ने विशेष व्यवस्था की है। अधिकृत मीडिया कर्मियों की सुविधा के लिए प्रत्येक मतगणना केंद्र पर काउंटिंग हॉल के समीप ही एक सुसज्जित ‘मीडिया सेंटर’ स्थापित किया जाएगा। मीडिया कर्मियों के प्रवेश के संबंध में आयोग ने अपने मौजूदा निर्देशों को यथावत रखा है। इसके अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए ‘अथॉरिटी लेटर’ के आधार पर ही पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे मीडिया सेंटर में सभी आवश्यक बुनियादी ढांचा और संचार सुविधाएं सुनिश्चित करें ताकि मतगणना के रुझानों का प्रसार सुगमता से हो सके।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: पारदर्शिता और सुरक्षा सर्वोपरि

इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) और रिटर्निंग अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक चेकपॉइंट पर पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की जाए, जो QR कोड स्कैनिंग और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया में निपुण हों। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना है। आयोग ने अधिकारियों को आगाह किया है कि इन निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की चुनावी साख से जुड़ा मामला है।

Read More : Nuclear Power Iran : ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामनेई का बड़ा ऐलान, परमाणु शक्ति और होर्मुज हमारी राष्ट्रीय पूंजी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top