अहमदाबाद में गुरुवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया। एयर इंडिया की लंदन जाने वाली फ्लाइट टेकऑफ के कुछ देर बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस प्लेन में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल हैं। हादसे में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के कई स्टाफ और इंटर्न डॉक्टर भी शामिल थे, जिससे कुल मृतकों की संख्या 265 तक पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक प्रकट किया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने बताया कि हादसे की जांच एएआईबी (Aircraft Accident Investigation Bureau) द्वारा ICAO प्रोटोकॉल के तहत शुरू कर दी गई है। साथ ही, सरकार एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर रही है जो विमानन सुरक्षा को लेकर सिफारिशें देगी।
टाटा समूह ने घोषणा की है कि मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और घायलों का पूरा उपचार खर्च कंपनी वहन करेगी। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने यह भी कहा कि बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्रावास निर्माण में सहयोग दिया जाएगा।
हादसे के बाद का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि सीट 11A पर एक व्यक्ति जीवित मिला। अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर जी.एस. मलिक ने जानकारी दी कि व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर है। विमान रिहायशी इलाके में गिरा, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर बोले अमित शाह
अहमदाबाद में हुए विमान हादसे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि विमान में कुल 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य सवार थे। दुर्घटना के बाद राहत की एक खबर यह रही कि एक यात्री जीवित बचा, जिनसे वे खुद मिलने अस्पताल गए। कहा कि मृतकों की अंतिम संख्या डीएनए परीक्षण और यात्री पहचान के बाद ही घोषित की जाएगी। हादसे के तुरंत बाद गुजरात सरकार ने आपदा प्रबंधन की सभी यूनिट्स को अलर्ट कर राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया था।
उन्होंने यह भी बताया कि विमान में सवा लाख लीटर ईंधन भरा हुआ था, जिससे टक्कर के बाद अत्यधिक तापमान उत्पन्न हुआ और लोगों को बचाने का कोई मौका नहीं मिल पाया। अधिकांश यात्रियों के शवों को निकाल लिया गया है और जिनके परिजन पहुंच चुके हैं, उनका डीएनए सैंपल लिया जा रहा है। विदेश में रह रहे परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है। सरकार राहत कार्यों को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से अंजाम दे रही है।
