सोनभद्र| ओरगाइ स्थित किन्नर अखाड़े की कथावाचक महामंडलेश्वर हेमलता सखी द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा इन दिनों अंतरराष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कथा के दौरान यूरोप से पधारे आचार्य आंद्रे ने अपने उद्बोधन में कहा कि “ऐसा कोई रहस्य नहीं जिसका उत्तर सनातन धर्म में न हो। मानवता का सार भी इसी में निहित है।”
इस अवसर पर रूस की साध्वी जूलिया और यूक्रेन की साध्वी याना ने हिंदी और संस्कृत में श्लोकों के माध्यम से शिव स्तुति और गुरुमहिमा प्रस्तुत की, जिससे श्रोता भावविभोर हो गए। संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी के प्रोफेसर डॉ लेखमणि त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में अफगानिस्तान में मिले एक प्राचीन विमान के मलबे का उल्लेख करते हुए कहा कि वह कोई सामान्य यान नहीं, बल्कि “माहेश्वर सूत्र” से संचालित होता था।
साहित्यकार विजय शंकर चतुर्वेदी ने सनातन धर्म के प्रति बढ़ते वैश्विक रुझान को भारत के विश्वगुरु बनने की दिशा में अहम कदम बताया। कथावाचिका महामंडलेश्वर हेमलता सखी ने कर्म के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “ईश्वर के पास कोई दुःख नहीं होता, वह तो हमारे कर्मों की देन है।”
काशी से आए विद्वानों द्वारा लोकमंगल के लिए महायज्ञ कराया गया और अतिथियों को तिलक कर अंगवस्त्र भेंट किया गया। कार्यक्रम में पंडित शिशु त्रिपाठी, अशोक चौबे, सनोज तिवारी, श्रीकांत दुबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कथा संयोजक अशोक चौबे ने बताया कि कथा 25 अप्रैल तक जारी रहेगी, जिसमें प्रतिदिन महायज्ञ, कथा, भंडारा और रासलीला का आयोजन किया जा रहा है।
