Hanuman Temple Collapse : महाराष्ट्र के परभणी जिले के मनवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान में शनिवार को एक अत्यंत दुखद और हृदय विदारक हादसा हुआ। दोपहर के समय जब श्रद्धालु मंदिर में दर्शन-पूजन और प्रसाद ग्रहण करने में व्यस्त थे, तभी वहां निर्माणाधीन सभामंडप की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में 40 से अधिक लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। शाम 6 बजे तक की जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि करीब 25 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार नजदीकी अस्पतालों में किया जा रहा है।
दोपहर 3 बजे का मंजर: प्रसाद वितरण के दौरान ढही छत
प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, घटना शनिवार दोपहर करीब 3 बजे की है। शनिवार का दिन होने के कारण मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में भारी भीड़ थी। मंदिर के ठीक सामने सभामंडप का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें बांस और लोहे की रॉड से सेंट्रिंग की गई थी और भारी पत्थरों का उपयोग हो रहा था। तभी अचानक यह पूरा स्ट्रक्चर कमजोर होकर ढह गया। दर्शन के लिए लाइन में लगे भक्त मलबे के नीचे दब गए, जिससे मंदिर परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
स्थानीय लोगों की तत्परता और प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों ने किसी तरह की देरी न करते हुए अपने स्तर पर मलबा हटाना शुरू किया। लोगों ने लोहे की रॉड और पत्थरों को हटाकर मलबे में दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का साहसपूर्ण कार्य किया। इसके कुछ ही समय बाद जिला कलेक्टर संजय चव्हाण, उपमंडल अधिकारी संगीता चव्हाण और तहसीलदार पांडुरंग माछेवाड़ के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला, अग्निशमन विभाग, और स्वास्थ्य टीमों के साथ मौके पर पहुंच गया। जेसीबी मशीनों की मदद से तेजी से मलबा हटाया गया और घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
मृतकों और घायलों की आधिकारिक पुष्टि
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस दुर्घटना में कुल 7 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। वहीं, 25 घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग और परभणी नगर निगम की संयुक्त टीम ने दिन भर बचाव कार्य में तत्परता दिखाई। जिला कलेक्टर ने स्थिति का जायजा लेते हुए घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, मलबे को पूरी तरह हटा दिया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हो गया है।
सुरक्षा और निर्माण मानकों पर उठते सवाल
परभणी का यह हादसा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मंदिर परिसर जैसे सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बरती जाने वाली सावधानी में चूक का नतीजा आज 7 परिवारों के लिए त्रासदी बन गया है। अब प्रशासन इस मामले की जांच में जुट गया है कि सभामंडप के निर्माण में क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है और हर कोई घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
FIFA World Cup 2026 : एलेक्स फ्रीमैन का वो जादुई गोल, जिसने अमेरिका को नॉकआउट राउंड में पहुँचाया!
