Manav Suthar Test Debut : अगर पिछले कुछ सालों के वैश्विक टेस्ट क्रिकेट परिदृश्य पर नजर डाली जाए, तो पाकिस्तान को छोड़कर लगभग सभी देशों में बेहतरीन स्तर के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजों (लेफ्ट-आर्म स्पिनर्स) की एक बड़ी कमी महसूस की जा रही थी। लेकिन मुल्लनपुर के मैदान पर अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में भारत के युवा स्पिनर मानव सुथार ने इस शून्य को हमेशा के लिए भरने के संकेत दे दिए हैं। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला मुकाबला खेल रहे मानव ने न सिर्फ इस कमी को पूरा किया, बल्कि भविष्य के लिए एक नया मानक भी स्थापित कर दिया है। हर एक उभरते हुए भारतीय क्रिकेटर का सपना टेस्ट कैप हासिल करना होता है, लेकिन मानव ने अपने प्रदर्शन से इस सपने को एक ऐतिहासिक उपलब्धि में तब्दील कर दिया और मैच के तीसरे दिन ही अपनी जादुई गेंदबाजी से विकेटों का ‘पंज’ और फिर ‘छक्का’ जड़ दिया।
94 साल के इतिहास में रचा कीर्तिमान: हिरवानी के बाद किया सबसे घातक प्रदर्शन
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे दिन के खेल में अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए मानव सुथार ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट के 94 साल के समृद्ध इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। वे भारत की तरफ से अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही 5 या उससे अधिक विकेट (पंजा) लेने वाले 10वें गेंदबाज बन गए हैं। इसके साथ ही, वे टेस्ट क्रिकेट के पदार्पण मैच में भारत के इतिहास में दूसरा सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्पिनर भी बन गए हैं। मानव ने अपनी कातिलाना गेंदबाजी के दौरान कुल 22 ओवर फेंके, जिसमें से 10 ओवर मेडन रहे और उन्होंने मात्र 33 रन खर्च करके अफगानिस्तान के 6 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। भारतीय क्रिकेट इतिहास में डेब्यू मैच में उनसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले इकलौते स्पिनर महान नरेंद्र हिरवानी हैं, जिन्होंने साल 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले ही टेस्ट में कुल 16 विकेट (दोनों पारियों में 8-8 विकेट) चटकाए थे।
दूसरे दिन ही दिखा दी थी अपनी प्रतिभा: दिग्गजों को किया गेंदबाजी से प्रभावित
मानव सुथार ने मैच के दूसरे दिन (रविवार) ही दुनिया भर के क्रिकेट दिग्गजों और चयनकर्ताओं को अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दे दिया था। मुल्लनपुर की जिस पिच पर यह मैच खेला जा रहा है, वहां स्पिनरों के लिए कोई बहुत डरावनी या असाधारण मदद मौजूद नहीं थी। इसके बावजूद, मानव ने अपनी काबिलियत के दम पर गेंदों को हवा में शानदार गति से घुमाया, जो पिछले कुछ समय के लेफ्ट-आर्म स्पिनरों की तुलना में काफी तेज था। उनके बेहतरीन बॉलिंग एक्शन, सटीक नियंत्रण और लगातार एक ही टप्पे पर गेंद फेंकने की कला का नतीजा यह रहा कि उन्होंने रविवार को अपने स्पेल के पहले ही ओवर में अफगान ओपनर अब्दुल मलिक को आउट किया, और उसके बाद रहमनुल्लाह गुरबाज तथा अफसर जजई को भी पवेलियन भेज दिया। दूसरे दिन के इस घातक स्पेल ने ही साफ कर दिया था कि वे इस मैच में इतिहास रचने वाले हैं।
सोमवार को जारी रहा जादुई स्पेल: अफगान बल्लेबाजी की तोड़ी पूरी कमर
दूसरे दिन मिले 3 महत्वपूर्ण विकेटों की बदौलत मानव सुथार का आत्मविश्वास तीसरे दिन यानी सोमवार को सातवें आसमान पर दिखाई दिया। उन्होंने अफगान बल्लेबाजों पर अपना दबाव कम नहीं होने दिया और बेहतरीन सूझबूझ के साथ गेंदबाजी जारी रखी। सोमवार को उन्होंने सबसे पहले शरफुद्दीन को चलता किया, उसके बाद क्रीज पर पैर जमाकर खेल रहे अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह का बहुमूल्य विकेट चटकाया और अंत में मोहम्मद सलीम को आउट कर पारी में अपने 6 विकेट पूरे किए। इस ऐतिहासिक छह विकेट हॉल के साथ ही मानव भारतीय स्पिन गेंदबाजी के उस एलीट क्लब में शामिल हो गए हैं, जहां पहुंचना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए एक बड़े गौरव की बात होती है।
डेब्यू टेस्ट में भारतीय स्पिनरों का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन: दिलीप दोषी और अश्विन छूटे पीछे
भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पदार्पण मैच में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करने वाले शीर्ष 5 स्पिनरों की सूची में अब मानव सुथार दूसरे स्थान पर शान से काबिज हो गए हैं, जिन्होंने कई महान स्पिनरों को पीछे छोड़ दिया है:
| खिलाड़ी का नाम | गेंदबाजी प्रदर्शन | प्रतिद्वंद्वी टीम | मुकाबला होने का वर्ष | मैच का स्थान |
| नरेंद्र हिरवानी | 8/61 और 8/75 | वेस्टइंडीज | 1988 | चेन्नई |
| मानव सुथार | 6/33 | अफगानिस्तान | 2026 | मुल्लनपुर |
| दिलीप दोषी | 6/103 | ऑस्ट्रेलिया | 1979 | चेन्नई |
| रविचंद्रन अश्विन | 6/47 | वेस्टइंडीज | 2011 | दिल्ली |
| अक्षर पटेल | 5/60 | इंग्लैंड | 2021 |
