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NDA Meeting : NDA बैठक में पीएम मोदी और शुभेंदु अधिकारी का झालमुरी मोमेंट, भारत मंडपम में अनोखा राजनीतिक दृश्य

NDA Meeting

NDA Meeting : दिल्ली के प्रगति मैदान में स्थित अत्याधुनिक भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक आयोजित की गई। इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में देश के कोने-कोने से आए एनडीए के तमाम घटक दलों के शीर्ष और दिग्गज नेता शामिल हुए। इस बैठक के दौरान एक बेहद दिलचस्प और आत्मीय वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सहयोगी दलों के नेताओं को बड़े ही दोस्ताना अंदाज में कोलकाता का मशहूर स्ट्रीट फूड ‘झालमुरी’ बांटते और खुद भी उसका स्वाद लेते नजर आ रहे हैं। इस अनौपचारिक पल ने बैठक के गंभीर माहौल को बेहद खुशनुमा और जीवंत बना दिया।

प्रधानमंत्री के नाम दर्ज हुई ऐतिहासिक उपलब्धि

यह बैठक सिर्फ राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से ही नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में भी याद की जाएगी। दरअसल, इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का एक बहुत बड़ा और पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पीएम मोदी अब भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। नरेंद्र मोदी के नाम लगातार 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर आसीन रहने का एक नया कीर्तिमान दर्ज हो गया है। इससे पहले यह गौरवशाली रिकॉर्ड पंडित नेहरू के नाम था, जिन्होंने लगातार 4,398 दिनों तक एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया था। इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि पर एनडीए के तमाम नेताओं ने खड़े होकर पीएम मोदी का भव्य सम्मान किया, उन्हें बधाई दी और विशेष उपहार भेंट किए।

राजनीतिक गलियारों में झालमुरी की धूम

इस पूरी बैठक के दौरान जहां एक तरफ गंभीर राजनीतिक चर्चाएं हो रही थीं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपने साथी नेताओं को झालमुरी खिलाने का वाकया सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना रहा। राजनीति के जानकारों के मुताबिक, पीएम मोदी का यह अंदाज महज एक खान-पान का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसके गहरे सियासी मायने भी हैं। दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने झालमुरी के प्रति अपना प्रेम दिखाया हो। इससे पहले जब वे पश्चिम बंगाल के चुनावी दौरे पर गए थे, तब भी उन्होंने वहां के स्थानीय लोगों के बीच जाकर झालमुरी का लुत्फ उठाया था। उस दौरान पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक शानदार और ऐतिहासिक जीत हासिल हुई थी।

बिखराव की कगार पर पहुंची तृणमूल कांग्रेस

इस चुनावी हार के बाद से पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। सूबे की सत्ता पर काबिज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) वर्तमान में अपने सबसे खराब और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। चुनाव में मिली करारी शिकस्त और आंतरिक कलह के कारण टीएमसी के भीतर असंतोष की आवाजें तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी इस समय पूरी तरह से टूटने की कगार पर खड़ी है और उसके कई बड़े नेता पाला बदलने की फिराक में हैं। ऐसे संवेदनशील समय में एनडीए की बैठक के भीतर पीएम मोदी द्वारा झालमुरी परोसे जाने को विपक्षी खेमे पर एक बड़े मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

जानिए क्या है कोलकाता की प्रसिद्ध झालमुरी 

अगर बात झालमुरी की करें, तो यह पश्चिम बंगाल, विशेषकर कोलकाता का सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा स्ट्रीट फूड माना जाता है। स्वाद में बेहद तीखा, चटपटा और जायकेदार होने के कारण ही इसे ‘झालमुरी’ का नाम दिया गया है। बंगाली भाषा में ‘झाल’ शब्द का सीधा अर्थ तीखा या मसालेदार होता है, जबकि ‘मुरी’ का अर्थ मुरमुरा (पफ्ड राइस) होता है। इसे बनाने की विधि भी बेहद खास है। इसे तैयार करने के लिए मुख्य रूप से कुरकुरे मुरमुरे, कच्चा सरसों का तेल (जो इसे एक खास झांस देता है), बारीक कटे हुए प्याज, लाल टमाटर, तीखी हरी मिर्च, उबले हुए आलू, तली हुई मूंगफली, भुना हुआ चना, बेसन की भुजिया या सेव और ताजी हरी धनिया पत्ती का इस्तेमाल किया जाता है।

विशेष मसालों का अनूठा मिश्रण

झालमुरी का असली स्वाद इसके खास मसालों और नींबू के रस के सटीक मिश्रण से निखर कर आता है। इसे और अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें भुना हुआ जीरा पाउडर, काला नमक, चाट मसाला, सादा नमक और लाल मिर्च पाउडर अच्छी तरह से मिलाया जाता है। वैसे तो आज के समय में झालमुरी देश के लगभग हर छोटे-बड़े शहर और हर नुक्कड़ पर आसानी से मिल जाती है, लेकिन कोलकाता के कारीगरों के हाथ के स्वाद की बात ही कुछ और है। जब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साधारण से दिखने वाले स्ट्रीट फूड को खाया है और अब एनडीए की राष्ट्रीय स्तर की बैठक में इसे शामिल किया है, तब से देश के सियासी गलियारों में इस चटपटी झालमुरी को लेकर लगातार चर्चाओं का दौर जारी है। यह डिश अब सिर्फ स्वाद का माध्यम नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चाओं का एक मुख्य केंद्र बन चुकी है।

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