Kashi Bulldozer Action : उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में बुनियादी ढांचे के विकास और रेलवे के आधुनिकीकरण को लेकर एक बेहद बड़ी और संवेदनशील प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। काशी रेलवे स्टेशन को वैश्विक स्तर का रूप देने और वहां एक विशाल मल्टी मॉडल टर्मिनल स्थापित करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर विस्तारीकरण का काम चल रहा है। इस महापरियोजना के रास्ते में आ रही करीब दो सौ साल पुरानी ऐतिहासिक अजगैब शहीद मस्जिद को पूरी तरह से ढहा दिया गया है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और रेलवे प्रबंधन की मानें तो यह मस्जिद पूरी तरह से रेलवे की स्वामित्व वाली भूमि पर निर्मित थी और रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और प्लेटफार्मों के विस्तार के नक्शे के बिल्कुल बीच में आ रही थी, जिसके चलते इसे हटाना अपरिहार्य हो गया था।
मध्यरात्रि में बेहद गोपनीय ऑपरेशन
तनाव की स्थिति से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस पूरी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को बेहद गोपनीय, योजनाबद्ध और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया। सोमवार की देर रात लगभग 11:15 बजे, जब पूरा शहर सो रहा था, भारी सुरक्षा बल के साथ आला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी अचानक मौके पर पहुंचे। इसके ठीक बाद कार्रवाई शुरू की गई और रात 12:15 बजे तक, यानी महज एक घंटे के भीतर ही पूरी मस्जिद के ढांचे को जमींदोज कर दिया गया। प्रशासन की तैयारी इतनी पुख्ता थी कि तय समय सीमा के भीतर न केवल निर्माण को ढहाया गया, बल्कि डंपर वाहनों की मदद से वहां से सारा मलबा भी तुरंत हटाकर मैदान साफ कर दिया गया।
छावनी में तब्दील हुआ रेलवे परिसर
इस बेहद संवेदनशील कार्रवाई को पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए वाराणसी प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। मौके पर जॉइंट पुलिस कमिश्नर (जेसीपी) शिव हरि मीणा खुद कमान संभाले हुए थे। उनके कुशल नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक आईपीएस अधिकारी, सैकड़ों की संख्या में उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान और पैरा मिलिट्री फोर्स की कई टुकड़ियां स्टेशन परिसर में तैनात की गई थीं। किसी भी तरह की अफवाह या अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए सुरक्षा के लिहाज से मीडिया कर्मियों समेत किसी भी बाहरी व्यक्ति या स्थानीय नागरिक को परिसर के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी। इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पांच बड़ी जेसीबी और दो भारी पोकलैंड मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद संभाली ग्राउंड जीरो पर कमान
मस्जिद के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले जेसीपी शिवहरी मीणा ने अपनी कोर टीम के साथ मिलकर पूरे रेलवे स्टेशन और उसके आस-पास के संवेदनशील रिहाइशी इलाकों का पैदल निरीक्षण किया था। सुरक्षा ग्रिड को इतना मजबूत बनाया गया था कि मौके पर डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर, एसीपी विजय प्रताप के साथ-साथ कोतवाली और चेतगंज सर्किल के एसीपी समेत कई थानों के थाना प्रभारी भारी फोर्स के साथ मुस्तैद रहे। अधिकारियों की इस सीधी निगरानी के कारण ही पूरी कार्रवाई के दौरान कहीं भी विरोध या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा नहीं हुई। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम और ध्वस्तीकरण पर मुस्लिम समुदाय या मस्जिद कमेटी की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Read More : Fatty Liver: शरीर को अंदर से खोखला कर रहा है ‘साइलेंट किलर’ फैटी लिवर, इन 5 शुरुआती लक्षणों को आज ही पहचानें
