Asian Games Trials : भारतीय महिला कुश्ती की दिग्गज खिलाड़ी विनेश फोगाट की प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। करीब दो साल बाद रेसलिंग मैट पर उतरीं विनेश एशियन गेम्स चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने पहुंचीं, लेकिन उनका सफर सेमीफाइनल चरण में ही समाप्त हो गया। इस हार के साथ एशियन गेम्स के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने का महत्वपूर्ण मौका भी उनके हाथ से निकल गया।
विवादों और कानूनी प्रक्रिया के बाद मिली ट्रायल्स में जगह
एशियन गेम्स ट्रायल्स से पहले विनेश फोगाट को लेकर काफी चर्चा और विवाद देखने को मिले थे। चयन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे थे और मामला अदालत तक भी पहुंचा था। कानूनी हस्तक्षेप और विभिन्न प्रक्रियाओं के बाद उन्हें ट्रायल्स में भाग लेने का अवसर मिला। ऐसे में उनकी वापसी पर खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों की खास नजरें टिकी हुई थीं।
नई दिल्ली में आयोजित हुए चयन ट्रायल्स
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 30 मई को एशियन गेम्स के लिए चयन ट्रायल्स आयोजित किए गए। इसी प्रतियोगिता के जरिए भारतीय पहलवानों को आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अपनी दावेदारी पेश करने का मौका मिला। विनेश फोगाट भी 53 किलोग्राम भार वर्ग में मैदान में उतरीं और शुरुआत में शानदार प्रदर्शन कर अपनी तैयारी का संकेत दिया।
पहले मुकाबले में दिखाई पुरानी लय
ट्रायल्स के पहले मुकाबले में विनेश का सामना ज्योति से हुआ। इस मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया। विनेश ने एकतरफा अंदाज में मुकाबला जीतते हुए 7-1 के अंतर से जीत दर्ज की। इस जीत ने यह संकेत दिया कि लंबे ब्रेक के बावजूद वह अभी भी प्रतिस्पर्धी स्तर पर प्रभावी प्रदर्शन करने की क्षमता रखती हैं।
रोमांचक मुकाबले में हासिल की सेमीफाइनल की टिकट
क्वार्टर फाइनल मुकाबले में विनेश का सामना निशू से हुआ। यह मुकाबला बेहद रोमांचक और उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा। शुरुआत में विनेश 0-5 से पीछे चल रही थीं और ऐसा लग रहा था कि उनका सफर यहीं समाप्त हो जाएगा। हालांकि उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार अंक जुटाए और अंततः 7-6 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के दौरान कुछ फैसलों को लेकर विवाद भी देखने को मिला, लेकिन अंत में विनेश ने सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफलता हासिल की।
सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयात ने रोका विजयी अभियान
सेमीफाइनल में विनेश फोगाट का सामना युवा और प्रतिभाशाली पहलवान मीनाक्षी गोयात से हुआ। मीनाक्षी हाल ही में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित कर चुकी हैं। मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंत में मीनाक्षी ने 6-4 के स्कोर से जीत दर्ज कर ली। इस हार के साथ विनेश का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया।
एशियन गेम्स की उम्मीदों को लगा झटका
सेमीफाइनल में मिली हार का सीधा असर विनेश फोगाट की एशियन गेम्स में चयन की संभावनाओं पर पड़ा है। फाइनल में पहुंचने और ट्रायल्स जीतने की स्थिति में उनकी दावेदारी काफी मजबूत हो सकती थी, लेकिन अब चयन की राह उनके लिए कठिन हो गई है। यह परिणाम उनके समर्थकों और खेल प्रेमियों के लिए भी निराशाजनक रहा।
पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बड़ी प्रतियोगिता
पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान फाइनल मुकाबले से पहले अयोग्य घोषित किए जाने के बाद विनेश फोगाट पहली बार किसी बड़े प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट में उतरी थीं। ऐसे में उनकी वापसी को लेकर काफी उत्साह था। हालांकि ट्रायल्स में उनका सफर उम्मीद से पहले समाप्त हो गया, लेकिन शुरुआती मुकाबलों में दिखाए गए जज्बे और संघर्ष ने यह साबित कर दिया कि वह अभी भी उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखती हैं।
भविष्य की चुनौतियों पर रहेगा ध्यान
हालांकि एशियन गेम्स ट्रायल्स का परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा, लेकिन विनेश फोगाट के लिए यह वापसी भविष्य की तैयारी का महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। आने वाले समय में वह अपनी तकनीक और फिटनेस पर काम करते हुए फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत वापसी करने का प्रयास करेंगी। भारतीय कुश्ती जगत को उम्मीद है कि अनुभवी पहलवान जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल करेंगी।
