Israel Iran Conflict: इजराइल और अमेरिका की संयुक्त एयरस्ट्राइक ने ईरान के भीतर तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। इस सैन्य कार्रवाई का सबसे हृदयविदारक पहलू मिनाब शहर से सामने आया है, जहाँ एक गर्ल्स स्कूल को निशाना बनाया गया। इस हमले में 51 स्कूली छात्राओं की मौत हो गई है। मिनाब, जहाँ ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड का एक महत्वपूर्ण बेस स्थित है, इस ऑपरेशन में नागरिक हताहतों का पहला बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। इन मौतों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोक और आक्रोश की लहर पैदा कर दी है, जिससे युद्ध के मानवीय पक्ष पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Israel Iran Conflict: तेहरान में धुआं और नागरिकों को पलायन की सलाह
राजधानी तेहरान से शुरू हुई इन एयरस्ट्राइक्स की खबरें अब पूरे ईरान में फैल चुकी हैं। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के समीपवर्ती क्षेत्रों में भी जोरदार धमाके सुने गए हैं और पूरी राजधानी धुएं के गुबार से ढकी नजर आ रही है। बिगड़ते हालातों को देखते हुए ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। सुरक्षा परिषद ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द तेहरान छोड़कर सुरक्षित शहरों या ग्रामीण इलाकों की ओर चले जाएं। इस घोषणा के बाद से ही राजधानी से पलायन की अफरा-तफरी मची हुई है।
Israel Iran Conflict: ट्रंप और नेतन्याहू का ‘इस्लामिक लीडरशिप’ पर निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन हमलों के पीछे के रणनीतिक उद्देश्यों को स्पष्ट कर दिया है। ट्रंप ने ईरानी जनता से अपील की है कि वे अपनी किस्मत का फैसला स्वयं करें और 1979 से शासन कर रही इस्लामिक लीडरशिप के खिलाफ विद्रोह करें। अमेरिका और इजराइल का मुख्य लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह ध्वस्त करना और वहां की वर्तमान सत्ता को कमजोर करना है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब तेहरान पहले से ही घरेलू विरोध प्रदर्शनों और अमेरिकी जंगी जहाजों की घेराबंदी से जूझ रहा है।
मिडिल ईस्ट में जवाबी कार्रवाई और सैन्य ठिकानों पर हमले
ईरान पर हुए इन हमलों की प्रतिक्रिया स्वरूप पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुँच गया है। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान और उसके समर्थित गुटों ने बहरीन, कुवैत और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इराक ने तत्काल प्रभाव से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। खाड़ी देशों में हवाई यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
ईरान का ‘पीछे न हटने’ का संकल्प और क्षेत्रीय अलर्ट
ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक सख्त बयान जारी करते हुए कहा है कि देश अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेगा। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि अब दुश्मन के हमलों का सामना करने का समय आ गया है। इस बीच, एएफपी (AFP) की रिपोर्ट के अनुसार रियाद, दोहा और अबू धाबी में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। बहरीन के गृह मंत्रालय ने जुफेयर इलाके से लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहाँ अमेरिका का महत्वपूर्ण नौसैनिक बेस स्थित है।
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