Headline
Houthi Attack: सऊदी अरब में हूती हमलों से बढ़ा खतरा, 9 देशों में STEP अलर्ट; अमेरिका की एडवाइजरी
Varanasi News: यूपी ATS के साथ मुठभेड़ में 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू ढेर
Kiren Rijiju Reaction : हामिद अंसारी के बयान पर भड़के किरेन रिजिजू, अलगाववादियों को लेकर पूछा बड़ा सवाल
Asian Games 2026
Asian Games 2026: भारत ने खोला मेडल खाता, महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम ने जीता सिल्वर
Sleep Deprivation
Sleep Deprivation: 6–8 घंटे से कम सोने पर शरीर और दिमाग में क्या होता है? जानिए डॉक्टर की सलाह
Ancestors in Dream
Ancestors in Dream : सपने में पूर्वजों का दिखना शुभ या अशुभ, जानिए स्वप्न शास्त्र के संकेत और मतलब
DUSU Result 2026 : DUSU चुनाव में ABVP का परचम, किरेन रिजिजू ने विजेताओं को दी बधाई
Amit Shah Health
Amit Shah Health : अमित शाह की बिगड़ी तबीयत, हुबली कार्यक्रम से रहे दूर, प्रह्लाद जोशी ने दिया अपडेट
NGT Conference
NGT Conference : भारत के कार्बन उत्सर्जन पर PM मोदी का बड़ा बयान, विकसित देशों का आंकड़ा चौंकाएगा

Adhik Maas Purnima : तीन साल बाद आया अधिकमास पूर्णिमा का महासंयोग, एक उपाय चमका देगा किस्मत

Adhik Maas Purnima

हिंदू धर्म और वैदिक पंचांग में हर महीने आने वाली पूर्णिमा तिथि का एक विशिष्ट स्थान है। इस पावन तिथि को बेहद शुभ और मंगलकारी माना जाता है, जिसमें पवित्र नदियों में स्नान और सामर्थ्य अनुसार दान करने की परंपरा सदियों से अनवरत चली आ रही है। हालांकि, इन सभी पूर्णिमाओं में ‘अधिकमास की पूर्णिमा’ को अत्यंत दुर्लभ और विशेष फलदायी माना गया है। इस पूर्णिमा का धार्मिक महत्व इसलिए कई गुना बढ़ जाता है क्योंकि यह तिथि तीन साल में केवल एक बार आती है। यही कारण है कि इस दिन किए जाने वाले धार्मिक अनुष्ठानों का पुण्यफल भी सामान्य दिनों की तुलना में अनंत गुना अधिक प्राप्त होता है।

पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु और चंद्र देव की असीम कृपा

अधिकमास को शास्त्रों में ‘पुरुषोत्तम मास’ के नाम से भी संबोधित किया जाता है, जो कि जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु का ही एक अत्यंत प्रिय नाम है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, स्वयं भगवान विष्णु ने इस अतिरिक्त महीने को अपना नाम देकर इसे सर्वशक्तिमान बनाया है। यही वजह है कि इस पूरे महीने और विशेष रूप से इसकी पूर्णिमा तिथि पर किए जाने वाले व्रत, विशेष पूजा-पाठ, कथा श्रवण और दान-पुण्य का फल किसी भी अन्य सामान्य पूर्णिमा के मुकाबले भक्तों को बहुत जल्दी और कई गुना अधिक मिलता है। इस दिन पूजा-अर्चना के साथ-साथ रात के समय चंद्र देव से जुड़ा एक अचूक उपाय करने का विधान है।

जानिए वर्ष 2026 में कब है अधिकमास पूर्णिमा की सही तिथि?

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस साल अधिकमास यानी ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 30 मई 2026 को सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर होने जा रही है। इसके बाद इस अत्यंत पावन तिथि का समापन अगले दिन यानी 31 मई 2026 को दोपहर 02 बजकर 14 मिनट पर होगा। शास्त्रों के नियम के अनुसार, चूंकि 30 मई की रात को ही पूर्णिमा तिथि व्याप्त रहेगी और इसी दौरान चंद्रोदय होगा, इसलिए पूर्णिमा का प्रसिद्ध व्रत 30 मई, शनिवार को ही रखा जाएगा। दूसरी तरफ, 31 मई को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि विद्यमान होने के कारण, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के कार्य संपन्न किए जाएंगे।

मानसिक तनाव और डर दूर करने के लिए रात में करें यह चमत्कारी उपाय

यदि आप लंबे समय से मानसिक अशांति, अज्ञात भय या जीवन की विभिन्न चिंताओं से घिरे हुए हैं, तो 30 मई की रात को चंद्रोदय के समय एक विशेष उपाय अवश्य करें। इसके लिए सबसे पहले शुद्ध होकर अपने हाथ में साबुत चावल (जिन्हें अक्षत कहा जाता है) के कुछ दाने लें। इसके बाद आकाश में उदय हुए चंद्र देव की ओर देखते हुए पूरी श्रद्धा के साथ मन ही मन प्रार्थना करें— “हे चंद्रदेव, कृपा करके मेरी जीवन की सारी चिंताएं और परेशानियां दूर करें। मेरे भीतर के हर प्रकार के डर को समाप्त करें, मुझे आप पर और आपकी कृपा पर पूर्ण विश्वास है।” इस भावपूर्ण प्रार्थना के बाद हाथ के चावलों को जमीन पर छोड़ दें या किसी पवित्र पेड़-पौधे की जड़ में डाल दें। यह उपाय आपकी सभी मानसिक तकलीफों को दूर कर सकता है।

सोलह कलाओं से पूर्ण चंद्रमा की सकारात्मक ऊर्जा का उठाएं लाभ

ऐसी सुदृढ़ धार्मिक मान्यता है कि अधिकमास की इस विशेष पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी समस्त 16 कलाओं में पूरी तरह दक्ष और पूर्ण होता है। इस खगोलीय और आध्यात्मिक घटना के कारण पृथ्वी पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाता है। इस पावन अवसर पर आत्म-चिंतन, ध्यान, भगवान विष्णु अथवा भगवान सत्यनारायण की विधि-विधान से पूजा करने पर मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु को पूरी तरह समर्पित इस दिव्य महीने में किए गए जप, तप, दान और मानसिक साधना से साधक के जीवन के सभी संचित पाप नष्ट हो जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

Read More:  Assam UCC Bill : असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पास, ऐसा करने वाला बना देश का तीसरा राज्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
फेस्टिव सीजन में छाना है तो शहनाज गिल का ये सूट लुक जरूर देखें रसीली नाशपाती के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप, डाइट में करें शामिल कॉफी पीने का सही तरीका क्या है? जानिए दिन में कितने कप हैं सुरक्षित दूध से घर पर तैयार करें अलग-अलग तरह के चीज़, अपनाएं ये आसान तरीके क्या आप सही, तरीके से करते हैं चेहरे पर ब्लीच? जानिए आसान टिप्स