Udhampur Bus Accident : जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार की सुबह एक भीषण चीख-पुकार में बदल गई। रामनगर से उधमपुर जा रही एक यात्री बस कगोत के पास अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, इस दुर्घटना में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 29 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा सोमवार सुबह करीब 10 बजे हुआ, जब बस अपनी पूरी क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर पहाड़ी रास्तों से गुजर रही थी।
Udhampur Bus Accident : सुबह का सफर बना आखिरी सफर: 15 की मौके पर मौत
हादसे का शिकार हुई बस में लगभग 50 यात्री सवार थे। इनमें से अधिकांश लोग रोजाना काम के सिलसिले में रामनगर से उधमपुर मुख्यालय की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस के खाई में गिरते ही 15 यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन गंभीर रूप से घायल 6 अन्य यात्रियों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका अब भी बनी हुई है क्योंकि कई घायलों की हालत नाजुक है।
Udhampur Bus Accident : हादसे की वजह: ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और टायर फटना
अस्पताल में भर्ती घायल यात्रियों ने बताया कि बस खचाखच भरी हुई थी और ड्राइवर उसे बहुत तेज रफ्तार में चला रहा था। जैसे ही बस कगोत नाले के पास पहुँची, अचानक उसका एक टायर फट गया। रफ्तार अधिक होने के कारण ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क से नीचे 100 मीटर की ऊंचाई से गिरकर पलट गई। इस टक्कर में बस का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर अलग हो गया, जिससे यात्रियों को बचने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे की चपेट में आया ऑटो-रिक्शा और सेना की मदद
अधिकारियों ने बताया कि बस खाई में गिरने से पहले सड़क पर चल रहे एक ऑटो-रिक्शा को भी कुचलती हुई नीचे गई। गनीमत रही कि ऑटो में सवार लोगों को गंभीर चोटें तो आईं, लेकिन उनकी जान बच गई। हादसे के तुरंत बाद उसी मार्ग से गुजर रहे भारतीय सेना के एक काफिले ने देवदूत बनकर बचाव अभियान की कमान संभाली। सेना के जवानों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर मलबे में दबे यात्रियों को बाहर निकाला। बाद में एक हाइड्रोलिक क्रेन मंगवाई गई ताकि दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सीधा कर फंसे हुए शवों को निकाला जा सके।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएम ने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से सहायता राशि की घोषणा की है। प्रत्येक मृतक के परिवार को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि वे जिला प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में हैं और घायलों का इलाज सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) उधमपुर में युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा पर उठते सवाल
हादसे के बाद एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार इस क्षेत्र में आम बात हो गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बस मालिक और संबंधित विभागों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, जिला प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और उनके परिजनों तक हर संभव मदद पहुँचाना है। पूरे उधमपुर में इस समय मातम का माहौल है।
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