Headline
Vaibhav Suryavanshi
Vaibhav Suryavanshi Fight : इंडिया ए बनाम श्रीलंका ए मैच में भिड़े खिलाड़ी, वैभव सूर्यवंशी का धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल
US Iran Peace Deal
US Iran Peace Deal : अमेरिका-ईरान शांति समझौते से वैश्विक मंच पर छाई खुशी, अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने किया स्वागत
India Slovakia Agreements
India Slovakia Agreements : भारत-स्लोवाकिया के बीच हुए 11 ऐतिहासिक समझौते, रिश्तों को मिली नई रणनीतिक ऊंचाई
Ram Mandir Trust Fraud
Ram Mandir Trust Fraud : करोड़ों के चढ़ावे की हेराफेरी पर घमासान, जानिए एसआईटी जांच में क्या आया सामने
Kakoli Ghosh Dastidar
Kakoli Ghosh Dastidar : काकोली घोष दस्तीदार बनीं NCPI अध्यक्ष, TMC के 20 बागी सांसदों के विलय की जानकारी EC को
US Iran Peace Deal
US Iran Peace Deal : अमेरिका-ईरान शांति समझौते से वैश्विक मंच पर छाई खुशी, अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने किया स्वागत
Share Market Today
Share Market Today : शेयर बाजार में धमाका! सेंसेक्स 1100 अंक उछला, निफ्टी में जोरदार तेजी
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026 : नीदरलैंड्स से ड्रा के बाद जापान कोच नाराज, उठाए सवाल
Noida International Airport
Noida International Airport : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें शुरू, जेवर हवाई अड्डे पर विमान की पहली लैंडिंग

Mann Ki Baat: युद्ध से दुनिया में गहराया ईंधन संकट, पीएम मोदी बोले- भारत डटकर कर रहा सामना, अफवाहों पर न दें ध्यान

Mann Ki Baat

Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। 29 मार्च 2026 को प्रसारित इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने वैश्विक उथल-पुथल से लेकर खेल जगत की उपलब्धियों और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विस्तार से बात की। उन्होंने देश के 140 करोड़ नागरिकों से एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करने का आह्वान किया।

Mann Ki Baat: युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच एकजुटता की अपील

प्रधानमंत्री ने संबोधन की शुरुआत वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद दुनिया को प्रगति की उम्मीद थी, लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में जारी युद्ध और संघर्ष ने नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं। विशेष रूप से युद्ध प्रभावित क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं के केंद्र हैं, जिससे पेट्रोल और डीजल की वैश्विक आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। पीएम ने स्पष्ट किया कि पिछले एक दशक में भारत ने जो सामर्थ्य विकसित किया है, उसी के बल पर हम इन संकटों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकार द्वारा दी जा रही आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।

Mann Ki Baat:  टी-20 विश्व कप से रणजी ट्रॉफी तक का गौरवशाली सफर

पीएम मोदी ने खेल प्रेमियों के लिए इस महीने को बेहद उत्साहजनक बताया। उन्होंने टी-20 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत को याद करते हुए टीम को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने घरेलू क्रिकेट में जम्मू-कश्मीर की टीम की सराहना की, जिसने 7 दशकों के इंतजार के बाद हुबली में अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता। उत्तर प्रदेश के एथलीट गुलवीर सिंह का जिक्र करते हुए पीएम ने बताया कि कैसे उन्होंने न्यूयॉर्क सिटी हाफ मैराथन में एक घंटे से कम समय में दौड़ पूरी कर इतिहास रचा। ये सफलताएं दिखाती हैं कि भारतीय युवाओं का संकल्प नए शिखर छू रहा है।

अमृत सरोवर और सामुदायिक प्रयासों की सफलता

प्रधानमंत्री ने जल संकट से निपटने के लिए किए जा रहे सामुदायिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि ‘अमृत सरोवर अभियान’ के तहत देश भर में लगभग 70 हजार सरोवर बनाए गए हैं, जो वर्षा जल संचयन में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मछुआरे समुदाय के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों का भी उल्लेख किया। आधुनिक बंदरगाहों के विकास और बीमा योजनाओं जैसी पहलों ने मछुआरों के जीवन को सुरक्षित और आसान बनाया है।

चीनी और तेल के सेवन में कटौती का मंत्र

आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) का जिक्र करते हुए पीएम ने बताया कि अब इसमें 100 दिन से भी कम समय बचा है। उन्होंने अफ्रीका के जिबूती में योग सिखा रहे अल्मिस जी का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे योग वैश्विक स्तर पर लोगों को जोड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने स्वस्थ भारत के लिए दो महत्वपूर्ण सुझाव दिए: उन्होंने देशवासियों से अपने आहार में चीनी (शुगर) का सेवन कम करने और खाने के तेल में 10 प्रतिशत की कटौती करने का आग्रह किया।

पांडुलिपियों के सर्वे में जन-भागीदारी की अपील

अपनी विरासत को सहेजने की दिशा में पीएम ने ‘ज्ञान भारतम सर्वे’ और इसके ऐप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से लोग अपनी पुरानी पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर रहे हैं। इसमें अरुणाचल की ताई लिपि, अमृतसर की गुरुमुखी लिपि और लद्दाख की तिब्बती पांडुलिपियों का विशेष उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि यह सर्वे जून के मध्य तक जारी रहेगा और लोगों से अपनी संस्कृति से जुड़ी पांडुलिपियों की फोटो ऐप पर साझा करने का आग्रह किया।

Read More: No Kings Protest : डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध नीति के खिलाफ अमेरिका में ‘नो किंग्स’ विरोध प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे लाखों लोग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
नींद बार-बार टूटना क्यों होता है? WhatsApp Web बना और स्मार्ट राजस्थान में आज भी राबड़ी है पहली पसंद गर्मी में Hot Coffee से मिलती है ठंडक? स्किन ऑयली है?