Headline
Iron Deficiency in Men
Iron Deficiency in Men : पुरुषों में आयरन की कमी के 6 संकेत, जानिए कब हो जाएं सावधान
Dhanteras Puja Muhurat
Dhanteras Puja Muhurat : धनतेरस पर शाम को इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, जानें क्या है खास धार्मिक महत्व
Hardeep Singh Puri
Hardeep Singh Puri मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज, निर्विरोध जीत दर्ज
Agniveer Scheme New Rules: अग्निवीरों को मिलेगा दो साल एक्सटेंशन, शादी की अनुमति पर भी विचार
CAIT Protest
CAIT Protest: राहुल गांधी को व्यापारियों की चेतावनी, देशभर में मनाया जाएगा धिक्कार दिवस
Supreme Court Arrest Verdict
Supreme Court Arrest Verdict : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुलिस हिरासत के 24 घंटे नियम पर बदला कानून
Chirag Paswan
Chirag Paswan: चिराग पासवान ने फिर दिखाई बगावती तेवर, BJP पर उठाए सवाल
Kiren Rijiju Rahul Gandhi
Kiren Rijiju Rahul Gandhi: राहुल गांधी को रिजिजू की सात शर्तें, बोले- कांग्रेस ज्यादा सांसद जिताना चाहती है तो
Child Swallowed Object : बच्चे ने निगल ली बैटरी या सिक्का? तुरंत अपनाएं ये जरूरी कदम

Rajya Sabha Election 2026 : बिहार और ओडिशा में विपक्ष पस्त, एनडीए ने हासिल की ऐतिहासिक जीत

Rajya Sabha Election 2026

Rajya Sabha Election 2026: देश की राजनीति में सोमवार, 16 मार्च 2026 का दिन बेहद गहमागहमी भरा रहा। 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए घोषित चुनावी प्रक्रिया के अंतिम चरण में 11 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ। निर्वाचन आयोग ने बिहार, ओडिशा और हरियाणा की इन महत्वपूर्ण सीटों पर वोटिंग कराई, जिसके परिणाम विपक्षी खेमे के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रहे। विशेष रूप से बिहार और ओडिशा में विपक्षी दल अपने कुनबे को एकजुट रखने में पूरी तरह विफल साबित हुए, जिसका सीधा लाभ सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) गठबंधन को मिला। रणनीतिक चूक और क्रॉस वोटिंग ने विपक्ष के समीकरणों को बिगाड़ दिया।

बिहार का सियासी गणित: एनडीए ने जीतीं सभी 5 सीटें

बिहार विधानसभा की 5 राज्यसभा सीटों के लिए कुल 6 उम्मीदवार मैदान में थे। एनडीए ने पांच और महागठबंधन ने एक प्रत्याशी उतारा था। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायक थे, और उसे पांचवीं सीट के लिए मात्र 3 अतिरिक्त वोटों की दरकार थी। दूसरी ओर, महागठबंधन को जीत के लिए 6 वोटों की जरूरत थी। अंततः एनडीए ने क्लीन स्वीप करते हुए पांचों सीटों पर कब्जा जमा लिया। विजयी उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नितिन नबीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम शामिल हैं। विपक्ष के उम्मीदवार ए.डी. सिंह को तब करारा झटका लगा जब ऐन वक्त पर कांग्रेस के 3 और राजद का 1 विधायक वोट डालने ही नहीं पहुंचे।

ओडिशा में बड़ा उलटफेर: बागी विधायकों ने बदला समीकरण

ओडिशा की 4 सीटों के लिए हुए चुनाव में भारी ड्रामा देखने को मिला। यहां जीत के लिए 30 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता थी। भाजपा के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार के साथ बीजद के संतरूप मिश्रा ने आसानी से जीत दर्ज की। हालांकि, सबसे बड़ा चमत्कार भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे की जीत के रूप में सामने आया। बीजद और कांग्रेस के पास अपने संयुक्त प्रत्याशी दत्तेश्वर होता को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल था, लेकिन बीजद के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों ने बगावत करते हुए दिलीप रे के पक्ष में ‘क्रॉस वोटिंग’ कर दी। नवीन पटनायक ने इस घटनाक्रम पर कड़ी नाराजगी जताते हुए बागी विधायकों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

हरियाणा का सस्पेंस: एक-एक सीट पर भाजपा और कांग्रेस का कब्जा

हरियाणा की दो सीटों पर मुकाबला किसी थ्रिलर फिल्म जैसा रहा। वोटिंग की गोपनीयता भंग होने की शिकायतों के चलते मतगणना करीब 5 घंटे तक ठप रही। लंबी खींचतान और निर्वाचन आयोग के हस्तक्षेप के बाद रात को नतीजे घोषित हुए। भाजपा के संजय भाटिया 31 वोटों के साथ विजयी रहे, जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने मात्र एक वोट के अंतर से निर्दलीय सतीश नांदल को पटखनी दी। कर्मवीर को 28 और नांदल को 27 वोट मिले। इस जीत ने कांग्रेस को थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार की मजबूत चुनौती ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को पसीने ला दिए।

निर्विरोध निर्वाचन: 26 सीटों पर पहले ही तय हो चुके थे विजेता

उल्लेखनीय है कि 37 सीटों के इस चुनावी चक्र में 26 सीटों पर मतदान की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। इन सीटों पर केवल एक-एक उम्मीदवार होने के कारण उन्हें पिछले महीने ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया था। निर्विरोध चुने जाने वाले प्रमुख दिग्गजों में शरद पवार, अभिषेक मनु सिंघवी, रामदास अठावले और तिरुचि शिवा जैसे कद्दावर नेता शामिल हैं। हालांकि, जिन 11 सीटों पर वोटिंग हुई, उन्होंने देश की राजनीति में ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ और ‘क्रॉस वोटिंग’ की बहस को एक बार फिर से गरमा दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
38 साल के हुए विराट कोहली, जानिए उनके करियर की 8 बड़ी उपलब्धियां इस दिवाली बाजार जैसे खूबसूरत दिखेंगे घर के दीये मिट्टी के दीयों से क्यों रोशन करते हैं घर? जानें इसका महत्व गुलमर्ग से औली तक, न्यू ईयर पर इन जगहों का करें दीदार कभी दाल में पानी मिलाकर खाते थे शाहरुख खान