Headline
Strait of Hormuz
Strait of Hormuz: ईरान ने भारतीय जहाजों को दी बड़ी राहत, होर्मुज में मिली छूट
Modi Cabinet Decisions
Modi Cabinet Decisions: मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाने के लिए 850 अदालतें होंगी मजबूत
RSS Reservation Stand : दत्तात्रेय होसबाले का आरक्षण, हिंदुत्व और RSS पंजीकरण पर बड़ा बयान, जानिए संघ का रुख
Himanta Biswa Sarma
Himanta Biswa Sarma : हिमंता सरमा का राहुल पर हमला, राम मंदिर-वोट चोरी पर तीखे बयान
Supreme Court on Reserved Seats
Supreme Court on Reserved Seats: विधानसभा की आरक्षित सीटों पर क्यों नहीं होता रोटेशन, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
Agniveer Scheme Update
Agniveer Scheme Update: अग्निवीरों को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, सेवा अवधि और नियमित सैनिक बनने का मौका बढ़ा
BJP Congress Clash
BJP Congress Clash : राहुल गांधी की बहस चुनौती पर भड़के किरेन रिजिजू, इस्लामी कट्टरपंथ से की तुलना
Diwali Controversy
Diwali Controversy : दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो विवाद पर फडणवीस की प्रतिक्रिया, हाईकोर्ट के आदेश पर कही ये बात
Bihar News
Bihar News : बिहार में बाढ़ रोकने के लिए बड़ा फैसला, अब नदियों की गाद से बनेंगे नेशनल हाईवे

Chaitra Navratri 2026: डोली पर सवार होकर आएंगी माँ जगदम्बे, जानें क्या होगा देश-दुनिया पर इसका असर

Chaitra Navratri 2026

Chaitra Navratri 2026 : हिंदू कैलेंडर के अनुसार, नव संवत्सर के स्वागत और शक्ति की उपासना का पावन पर्व ‘चैत्र नवरात्रि’ इस वर्ष 19 मार्च 2026, गुरुवार से शुरू हो रहा है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि के साथ ही वासंतिक नवरात्रि का आगाज़ होगा, जिसमें भक्त नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। देशभर के शक्तिपीठों और मंदिरों में माता के स्वागत की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बाजारों में चुनरी, नारियल, श्रृंगार सामग्री और फलों की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। घरों में घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाएगी, जो नौ दिनों तक वातावरण को भक्तिमय बनाए रखेगी।

Chaitra Navratri 2026 : देवी का आगमन और प्रस्थान: क्या कहते हैं भविष्य के संकेत?

धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिष शास्त्र में नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन का विशेष महत्व बताया गया है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, जिस दिन नवरात्रि शुरू होती है, उस वार के आधार पर माता की सवारी तय होती है। इस वर्ष नवरात्रि का प्रारंभ गुरुवार को हो रहा है, जिसके कारण मां दुर्गा का आगमन ‘डोली’ (पालकी) पर हो रहा है। शास्त्रों में डोली की सवारी को मिश्रित फलदायी माना गया है। विद्वानों के अनुसार, डोली पर देवी का आना प्राकृतिक आपदाओं, राजनीतिक उथल-पुथल या देश-दुनिया में कुछ बड़ी चुनौतियों का संकेत देता है।

Chaitra Navratri 2026 : हाथी पर होगी माता की विदाई: सुख-समृद्धि और वर्षा के संकेत

नौ दिनों तक भक्तों पर अपनी कृपा बरसाने के बाद मां दुर्गा की विदाई इस बार ‘हाथी’ पर होगी। हाथी को ज्ञान, शांति और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब माता हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं, तो यह आने वाले समय में अच्छी वर्षा और कृषि की उन्नति का संकेत देता है। हालांकि, कुछ मतों में इसे अतिवृष्टि का सूचक भी माना जाता है, लेकिन सामान्यतः इसे समाज में स्थिरता और सुख-समृद्धि लाने वाला वाहन माना गया है। देवी का यह स्वरूप भक्तों को धैर्य और शक्ति के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

कलश स्थापना और पूजन विधि: नौ दिनों तक भक्ति का अनूठा संगम

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इसी दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है, जिसे ब्रह्मांड का प्रतीक माना जाता है। कलश में जल, अक्षत, सिक्का और गंगाजल डालकर उस पर आम के पल्लव और नारियल रखा जाता है। श्रद्धालु नौ दिनों तक उपवास रखकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष विधान है, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उन्हें भोजन कराया जाता है और उपहार भेंट किए जाते हैं।

रामनवमी का पावन उत्सव: अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश

चैत्र नवरात्रि का समापन चैत्र शुक्ल नवमी को ‘रामनवमी’ के साथ होता है। यह दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में इसी दिन भगवान विष्णु ने रावण के अत्याचारों को समाप्त करने और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए पृथ्वी पर अवतार लिया था। मंदिरों में ‘भये प्रगट कृपाला’ के गीतों के साथ प्रभु राम का अभिषेक किया जाता है और भव्य शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। इस वर्ष रामनवमी का उत्सव विशेष होने वाला है, जिसमें शक्ति और भक्ति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
मिट्टी के दीयों से क्यों रोशन करते हैं घर? जानें इसका महत्व गुलमर्ग से औली तक, न्यू ईयर पर इन जगहों का करें दीदार कभी दाल में पानी मिलाकर खाते थे शाहरुख खान विंटर में स्टाइलिश दिखना है तो लेयरिंग के ये नियम जान लें क्या रोज चिया सीड्स खाना फायदेमंद है?