OpenAI Mission Shift: दुनिया के सबसे लोकप्रिय एआई चैटबॉट ‘चैटजीपीटी’ की निर्माता कंपनी ओपनएआई (OpenAI) अपने मूल सिद्धांतों से भटकती नजर आ रही है। साल 2023 में कंपनी ने अपने ‘मिशन स्टेटमेंट’ में गर्व से कहा था कि उनका लक्ष्य ऐसी एआई तकनीक विकसित करना है जो “मानवता के लिए सुरक्षित और फायदेमंद हो” और जिसका उद्देश्य केवल पैसा कमाना न हो। हालांकि, नवंबर 2025 में जारी ताजा आंतरिक राजस्व रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। कंपनी ने अपने नए मिशन स्टेटमेंट से “सुरक्षित” (Safe) शब्द को पूरी तरह हटा दिया है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब ओपनएआई एक परोपकारी संस्था की छवि छोड़कर तेजी से एक शुद्ध व्यावसायिक इकाई में तब्दील हो रही है।
OpenAI Mission Shift: विवादों के घेरे में एआई: लापरवाही और मुकदमों की बौछार
ओपनएआई द्वारा सुरक्षा शब्द को हटाना केवल भाषाई बदलाव नहीं है, बल्कि इसके गहरे सामाजिक निहितार्थ हैं। वर्तमान में कंपनी कई गंभीर मुकदमों का सामना कर रही है। वादियों का आरोप है कि कंपनी के एआई मॉडल मनोवैज्ञानिक रूप से लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। कुछ मामलों में तो गलत तरीके से हुई मौत और आत्महत्या में मदद करने जैसे संगीन आरोप भी लगाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मिशन स्टेटमेंट से ‘सुरक्षित’ शब्द का हटना इस बात का संकेत है कि कंपनी अब तकनीकी जोखिमों की तुलना में आर्थिक विस्तार को अधिक प्राथमिकता दे रही है। यह समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है कि वे उन संगठनों की निगरानी कैसे करें जो लाभ और विनाश दोनों की अपार क्षमता रखते हैं।
OpenAI Mission Shift: स्थापना से अब तक: एक गैर-लाभकारी लैब का व्यावसायिक सफर
ओपनएआई की शुरुआत 2015 में एक गैर-लाभकारी वैज्ञानिक अनुसंधान प्रयोगशाला के रूप में हुई थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य एआई के निष्कर्षों को सार्वजनिक और रॉयल्टी-मुक्त रखना था ताकि समाज का भला हो सके। लेकिन, एआई मॉडल के विकास के लिए भारी निवेश की जरूरत ने कंपनी की दिशा बदल दी। सीईओ सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व में 2019 में एक लाभ-आधारित सहायक कंपनी बनाई गई। माइक्रोसॉफ्ट ने शुरुआत में इसमें एक अरब डॉलर निवेश किए, जो 2024 तक बढ़कर 13 अरब डॉलर से अधिक हो गए। इसके बदले माइक्रोसॉफ्ट को भविष्य के मुनाफे का हिस्सा देने का वादा किया गया, लेकिन कंपनी के बोर्ड में उसे कोई सीधा नियंत्रण नहीं दिया गया।
नयी संरचना का उदय: फाउंडेशन और बिजनेस का बंटवारा
अक्टूबर 2025 में ओपनएआई ने अपनी संरचना में आमूल-चूल परिवर्तन के लिए कैलिफोर्निया और डेलावेयर के अटॉर्नी जनरल के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस नई व्यवस्था के तहत ओपनएआई को दो संस्थाओं में बांट दिया गया है: एक ‘ओपनएआई फाउंडेशन’ (गैर-लाभकारी) और दूसरा एक व्यावसायिक लाभ कमाने वाला संगठन। पुनर्गठित फाउंडेशन के पास अब समूह के केवल एक-चौथाई शेयर ही बचे हैं। इस बदलाव को व्यावसायिक मीडिया ने निवेश आकर्षित करने वाला कदम बताया, लेकिन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे सुरक्षा मानकों से समझौता करार दिया है।
अरबों डॉलर का निवेश और भविष्य की चुनौतियां
संरचना में बदलाव के दो महीने बाद ही जापानी दिग्गज ‘सॉफ्टबैंक’ ने ओपनएआई में 41 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को अंतिम रूप दिया। इतने बड़े पैमाने पर पूंजी का प्रवाह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि कंपनी अब वैश्विक बाजार में अपनी धाक जमाने के लिए तैयार है। ‘सोरा’ जैसे वीडियो एआई ऐप के निर्माण के साथ ओपनएआई तकनीक की नई ऊंचाइयों को छू रही है, लेकिन मिशन स्टेटमेंट से ‘सुरक्षित’ शब्द का गायब होना एक बड़े नैतिक संकट की ओर इशारा करता है। अब सवाल यह है कि क्या भविष्य का एआई मानवता के लिए वरदान साबित होगा या अनियंत्रित मुनाफे की भूख इसे विनाशकारी बना देगी।
Read More: IND vs PAK: सूर्या ने नहीं मिलाया हाथ, पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा देखते रह गए, जानें वजह

One thought on “OpenAI Mission Shift: OpenAI का बड़ा बदलाव, अब सुरक्षा नहीं, सिर्फ मुनाफा है कंपनी का असली लक्ष्य?”