Headline
Ayodhya Ram Mandir Scam
Ayodhya Ram Mandir Scam : अयोध्या राम मंदिर भूमि घोटाले में नया मोड़, संजय सिंह ने SIT को सौंपे सबूत
PM Modi Seychelles Visit
PM Modi Seychelles Visit : प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा, हिंद महासागर में भारत की कूटनीतिक ताकत बढ़ी
Cabinet Reshuffle
Cabinet Reshuffle : केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलें तेज, अमित शाह की राष्ट्रपति से मुलाकात
Ayodhya Donation Case
Ayodhya Donation Case : अयोध्या चंदा चोरी मामले में VHP सख्त, आलोक कुमार ने मांगी त्वरित कार्रवाई
Cabinet Rank Decision
Cabinet Rank Decision : केंद्र का बड़ा फैसला, दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट मंत्री समान दर्जा मिला
NCERT Syllabus
NCERT Syllabus : NCERT ने सिलेबस में इमरजेंसी 1975-77 जोड़ा, कक्षा 9वीं के छात्रों को पढ़ाया जाएगा
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026 : साउथ अफ्रीका और मेक्सिको ने रचा इतिहास, नॉकआउट में शानदार एंट्री
Defamation Case
Defamation Case : मानहानि केस में बड़ा मोड़, राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान के बेटे से मांगी माफी
Maharashtra Politics
Maharashtra Politics : अघाड़ी में बड़ी टूट? 23 विधायक गैरहाजिर, शरद पवार नहीं पहुंचे, उद्धव ठाकरे नाराज़

Cabinet Rank Decision : केंद्र का बड़ा फैसला, दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट मंत्री समान दर्जा मिला

Cabinet Rank Decision

Cabinet Rank Decision : केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को औपचारिक और राजकीय समारोहों के लिए केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष वरीयता प्रदान करने का निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय द्वारा 24 जून को जारी एक आधिकारिक ज्ञापन के माध्यम से इस आशय की जानकारी दी गई। यह सम्मान उन्हें व्यक्तिगत आधार पर दिया गया है, जो उनकी राजनयिक सेवाओं और वर्तमान भूमिका के प्रति सरकार के भरोसे को दर्शाता है। यद्यपि यह दर्जा उच्चायुक्त के लिए एक सम्मान की बात है, लेकिन सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह निर्णय भारत सरकार की ‘टेबल ऑफ प्रिसिडेंस’ (वरीयता क्रम) में किसी भी प्रकार का आधिकारिक या स्थायी संशोधन नहीं है।

समारोहों तक सीमित रहेगा विशेष प्रोटोकॉल का दायरा

गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को प्राप्त यह विशेष दर्जा केवल ‘सेरेमोनियल फंक्शंस’ या औपचारिक राजकीय आयोजनों के दौरान ही प्रभावी होगा। प्रोटोकॉल के दृष्टिकोण से, इस व्यवस्था का उद्देश्य उन्हें किसी विशेष समारोह में कैबिनेट मंत्री के समान दर्जा और सम्मान प्रदान करना है। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि इस निर्णय का किसी भी प्रकार के संवैधानिक या प्रशासनिक अधिकारों के विस्तार से कोई संबंध नहीं है। यह उच्चायुक्त के पद की स्थायी स्थिति में बदलाव नहीं लाता है, बल्कि यह एक सीमित और विशिष्ट प्रोटोकॉल व्यवस्था है जिसे केवल समारोहों की गरिमा बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।

notice

व्यक्तिगत आधार पर व्यवस्था, भविष्य के लिए कोई मिसाल नहीं

आधिकारिक ज्ञापन में सरकार ने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह विशेष प्रोटोकॉल व्यवस्था केवल दिनेश त्रिवेदी के लिए व्यक्तिगत रूप से मान्य है। इसे भविष्य के लिए एक नियम या ‘टेबल ऑफ प्रिसिडेंस’ में स्थायी सुधार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसका अर्थ यह है कि इस निर्णय से भविष्य में किसी अन्य उच्चायुक्त या अन्य सरकारी पद पर आसीन व्यक्तियों की वरीयता या क्रम में कोई परिवर्तन नहीं आएगा। यह सरकार द्वारा अपने वरिष्ठ राजनयिकों के लिए किया गया एक विशिष्ट और अपवाद स्वरूप निर्णय है, जो केवल वर्तमान उच्चायुक्त की विशिष्ट भूमिका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

मंत्रालयों और राज्यों को भेजी गई आदेश की प्रतियां

गृह मंत्रालय के अवर सचिव कमलेश रबीदास के हस्ताक्षरित इस आदेश को देश के सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक संस्थानों तक पहुँचाया जा चुका है। आदेश की प्रतियां सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों, राष्ट्रपति सचिवालय, उपराष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय और विदेश मंत्रालय को भेजी गई हैं। विदेश मंत्रालय के विशेष प्रस्ताव के आधार पर लिए गए इस निर्णय को अब सभी संबंधित संस्थानों द्वारा प्रोटोकॉल संबंधी निर्देशों के रूप में लागू किया जाएगा। यह कदम भारत के राजनयिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रतिनिधियों को उचित सम्मान प्रदान करने की दिशा में सरकार की एक सोची-समझी नीति का हिस्सा है।

Read More :  NCERT Syllabus : NCERT ने सिलेबस में इमरजेंसी 1975-77 जोड़ा, कक्षा 9वीं के छात्रों को पढ़ाया जाएगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
लड़कियों को बड़े उम्र के लड़कों में क्यों दिखता है भरोसा प्रेग्नेंसी में पाइनएप्पल ज्यादा खाने से बचें रोजाना पराठा खाने से बढ़ सकता है मोटापा विदेश यात्रा में गोल्ड शॉपिंग का प्लान? बच्चों को डांटने से पहले जानें ये जरूरी बातें