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Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT रिपोर्ट, कई अहम सिफारिशों से बढ़ी हलचल

Ayodhya Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में हेराफेरी और चोरी के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। लखनऊ मंडल के आयुक्त और SIT अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने यह 150 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव गृह को सौंपी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक शुरुआती रिपोर्ट है और मामले की गहन जांच अभी जारी रहेगी। SIT ने इस पूरी प्रक्रिया में मंदिर के चढ़ावे की गणना करने वाले कर्मियों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों से लंबी पूछताछ की है।

FIR दर्ज करने और ट्रस्ट पुनर्गठन की सिफारिश

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, SIT ने अपनी रिपोर्ट में कई कड़े कदम उठाने की सिफारिश की है। जांच टीम ने इस प्रकरण में तत्काल प्रभाव से एफआईआर (FIR) दर्ज करने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही, मंदिर प्रबंधन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी बात कही गई है। रिपोर्ट में यह सुझाव प्रमुखता से रखा गया है कि मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी को सीईओ (CEO) के पद पर नियुक्त किया जाए। इससे चढ़ावे की राशि की सुरक्षा और प्रबंधन में जवाबदेही तय हो सकेगी।

दान की गणना और निगरानी प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

राम मंदिर दान प्रकरण में SIT ने अपनी जांच के दौरान धन की गणना और उसकी निगरानी की मौजूदा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शुरुआती जांच में गणना करने वाले कर्मचारियों के चयन प्रक्रिया और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ उनके संबंधों की भी पड़ताल की गई है। रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया है कि कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, मंदिर की आंतरिक सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी जांच दल ने असंतोष जाहिर किया है। फिलहाल, इस मामले में किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है।

विस्तृत जांच के लिए समय और अतिरिक्त सहयोग की मांग

SIT ने अपनी रिपोर्ट में इस जटिल मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त समय और सहयोगी अधिकारियों की मांग की है। अब तक की जांच में राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव और गोपाल राव सहित 11 लोगों से गहन पूछताछ की जा चुकी है। चूंकि मामला अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए राज्य सरकार इस रिपोर्ट को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने की तैयारी कर रही है। गृह मंत्रालय की समीक्षा के बाद इस मामले में आगे की ठोस कार्रवाई तय की जाएगी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा अभी और बढ़ सकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए सरकार इस मामले में कोई भी ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में मामले से जुड़े और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।

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