Kashi Shivling Park : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) के नाम एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान जुड़ने जा रहा है। धर्म, कला और आध्यात्म की इस पावन नगरी में विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना होने वाली है। यह अनूठा शिवलिंग शिव तत्व पर आधारित एक विश्वस्तरीय अर्बन पार्क में स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए वाराणसी के भेलूपुर स्थित जलकल विभाग की 20 एकड़ भूमि को चिन्हित किया गया है। शासन स्तर से इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है, और उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी 8 से 9 महीनों के भीतर यह भव्य शिव थीम पार्क और दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
कैसा होगा पार्क का नजारा और क्या होंगी सुविधाएं?
लगभग 100 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले इस अर्बन पार्क में केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि आधुनिक पर्यटन का भी पूरा ध्यान रखा गया है। विशालकाय शिवलिंग के चारों ओर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बेहद खूबसूरत वॉकिंग ट्रैक (परिक्रमा पथ) तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, रात के समय यहां आने वाले लोगों के लिए शिवलिंग पर एक शानदार लेजर शो का आयोजन होगा, जो शिव महिमा को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रदर्शित करेगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए हाईटेक झूले और आधुनिक किड्स प्ले जोन का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए एक विशाल फूड कोर्ट भी बनाया जाएगा।
ओपन आर्ट गैलरी में दिखेगा काशी की विभूतियों का गौरव
इस भव्य पार्क की एक और बड़ी विशेषता इसकी ओपन आर्ट गैलरी होगी। इस गैलरी को विशेष रूप से काशी के समृद्ध इतिहास और उसकी महान शख्सियतों को समर्पित किया जा रहा है। यहां वाराणसी से ताल्लुक रखने वाले और पद्म पुरस्कारों से सम्मानित देश की महान हस्तियों व विभूतियों की जीवन यात्रा और उनकी अद्वितीय उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे यहां आने वाली नई पीढ़ी और देश-विदेश के पर्यटक काशी के बौद्धिक, सांस्कृतिक और कलात्मक योगदान से रूबरू हो सकेंगे।
भेलूपुर जलकल कैंपस में विकास की नई इबारत
वाराणसी नगर निगम के नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस मेगा प्रोजेक्ट के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि बनारस के नागरिकों को बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रदान करने और उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में यह प्रशासन का एक अभूतपूर्व प्रयास है। भेलूपुर के 20 एकड़ में फैले जलकल परिसर में बनने वाले इस अर्बन पार्क का टेंडर भी जारी कर दिया गया है। युवाओं और बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने के लिए पार्क परिसर में एक अत्याधुनिक तारामंडल (प्लैनेटोरियम) बनाने की भी योजना है, जहां लोग ब्रह्मांडीय विज्ञान और खगोलशास्त्र की जानकारियां ले सकेंगे।
130 फीट ऊंचा होगा शिवलिंग, अनुसंधान जारी
नगर आयुक्त के मुताबिक, वर्तमान योजना के तहत इस शिवलिंग की कुल ऊंचाई 130 फीट तय की गई है, जो इसे दुनिया का सबसे ऊंचा मानव निर्मित शिवलिंग बनाएगी। हालांकि, इसके स्थापत्य और सुरक्षा मानकों को देखते हुए इसकी ऊंचाई को और अधिक बढ़ाने की संभावनाओं पर भी लगातार शोध और तकनीकी अध्ययन किया जा रहा है। शहर के बीचों-बीच स्थित होने के कारण इस पार्क को एक सघन हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन) के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारी मात्रा में ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाए जाएंगे। बुजुर्गों के लिए एक शांत लाइब्रेरी, विशाल पार्किंग और आधुनिक सिटिंग एरिया भी इस पार्क का हिस्सा होंगे।
मौजूदा रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ेगा काशी का शिवलिंग
अगर वर्तमान समय में देश और दुनिया के सबसे ऊंचे शिवलिंगों की बात करें, तो इस समय केरल के चेंगल में स्थित महालिंगम शिवलिंग को सबसे ऊंचा माना जाता है, जिसकी लंबाई 111 फीट है। इसके अतिरिक्त, बिहार के पूर्वी चंपारण में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में भी एक अखंड शिवलिंग स्थापित किया जा रहा है, जिसकी ऊंचाई 33 फीट है। इस लिहाज से देखा जाए तो वाराणसी में स्थापित होने वाला 130 फीट का यह शिवलिंग ऊंचाई, भव्यता और लंबाई के मामले में बाकी सभी को काफी पीछे छोड़ देगा और एक नया वैश्विक रिकॉर्ड स्थापित करेगा।
शिव तत्व और आधुनिक विज्ञान का अद्भुत संगम
इस पूरे 20 एकड़ के परिसर की मूल आत्मा ‘शिव तत्व’ पर आधारित होगी। पार्क के लैंडस्केप को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि यहां कदम रखते ही लोगों को असीम आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हो। प्रशासन इसे केवल एक धार्मिक स्थल के रूप में सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक विज्ञान और शहरी पर्यटन के एक बड़े हब के रूप में देख रहा है। पार्क के भीतर बनने वाले डिजिटल और आधुनिक म्यूजियम में काशी की प्राचीन धरोहरों, पौराणिक गाथाओं और ऐतिहासिक मंदिरों के इतिहास को डिजिटल तकनीक के माध्यम से संजोया जाएगा।
