K Annamalai New Party : तमिलनाडु के सियासी गलियारों से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व धाकड़ आईपीएस अधिकारी और तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सबसे बड़े चेहरों में शुमार के अन्नामलाई के बीजेपी से अलग होने की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। दक्षिण भारत की राजनीति में इस संभावित बदलाव ने कूटनीतिक हलकों में भारी खलबली मचा दी है। इस बीच यह खबर भी सामने आ रही है कि अन्नामलाई ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात करने के लिए एक विशेष वक्त मांगा है। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात की खबर के बाद से ही कयासों का बाजार गर्म है।
3 जून को ले सकते हैं कोई बड़ा फैसला, करीबियों ने किया बड़ा खुलासा
के अन्नामलाई के बेहद करीबी सूत्रों और समर्थकों के मुताबिक, वे आगामी 3 जून को अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई बहुत बड़ा और अप्रत्याशित फैसला ले सकते हैं। अंदरूनी जानकारी के मुताबिक, हाल ही में जब अन्नामलाई ने केंद्र की मोदी सरकार की ‘थ्री लैंग्वेज पॉलिसी’ (त्रिभाषी नीति) का खुलकर विरोध किया था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक लंबा पोस्ट साझा किया था, तभी से राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बात की चर्चा शुरू हो गई थी कि उनका अब भारतीय जनता पार्टी से मोहभंग हो चुका है।
सोशल मीडिया की खबरों का अन्नामलाई ने नहीं किया खंडन, गहराया इस्तीफे का शक
पिछले लगभग पांच दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय टीवी चैनलों पर अन्नामलाई के पाला बदलने और पार्टी छोड़ने की तमाम तरह की खबरें और रिपोर्ट्स लगातार चल रही हैं। आमतौर पर सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहने वाले और हर मुद्दे पर त्वरित जवाब देने वाले के अन्नामलाई ने इन वायरल हो रही अटकलों को अभी तक एक बार भी आधिकारिक तौर पर नकारा नहीं है और न ही इनका खंडन किया है। उनके इसी मौन के कारण अब राजनीतिक गलियारों में यह शक और भी ज्यादा गहराता जा रहा है कि वे जल्द ही कमल का साथ छोड़ सकते हैं।
‘मक्कल शक्ति इय्यक्कम’ नाम से जल्द शुरू कर सकते हैं अपनी नई राजनीतिक पार्टी
तमिलनाडु के एक प्रतिष्ठित प्रादेशिक अखबार में छपी खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, के अन्नामलाई केवल बीजेपी ही नहीं छोड़ रहे हैं, बल्कि वे राज्य की क्षेत्रीय राजनीति में एक नए विकल्प के रूप में उभरने की तैयारी कर रहे हैं। खबरों की मानें तो वे बहुत जल्द ‘मक्कल शक्ति इय्यक्कम’ नाम से अपनी एक नई स्वतंत्र राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। अन्नामलाई के इस कदम से राज्य में द्रविड़ राजनीति के स्थापित समीकरणों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है, जिससे अन्य क्षेत्रीय दल भी सतर्क हो गए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बटोरी थीं सुर्खियां, भाजपा को स्थापित करने में निभाई अहम भूमिका
आपको बता दें कि साल 2021 से लेकर 2025 तक तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहते हुए के अन्नामलाई ने राष्ट्रीय स्तर पर बहुत सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने अपनी आक्रामक शैली और ‘एन मन, एन मक्कल’ पदयात्रा के जरिए तमिलनाडु के सुदूर गांवों में बीजेपी को स्थापित करने और उसे मुख्यधारा में लाने में बेहद अहम भूमिका निभाई थी। एक पूर्व पुलिस अधिकारी के रूप में उनकी साफ-सुथरी और कड़क छवि के कारण राज्य के युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का ग्राफ बहुत तेजी से ऊपर चढ़ा था।
अन्नामलाई को साइडलाइन किए जाने से नाराज थे समर्थक, टीवीके ने बनाई सरकार
पार्टी सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा एआईएडीएमके (AIADMK) के साथ दोबारा चुनावी गठबंधन करने के फैसले से अन्नामलाई कतई खुश नहीं थे। उनके समर्थकों का आरोप है कि पूरे चुनाव अभियान के दौरान पार्टी आलाकमान ने अन्नामलाई को एक तरह से पूरी तरह साइडलाइन कर दिया था, जिससे वे मानसिक रूप से काफी हर्ट (आहत) हो गए थे। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है और वहां अभिनेता जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए अपनी सरकार बना ली है। अब देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात के बाद अन्नामलाई का क्या रुख रहता है।
