Vaibhav Suryavanshi crying : मुल्लांपुर में खेले गए आईपीएल 2026 के हाई-वोल्टेज क्वालीफायर-2 मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने धमाकेदार जीत दर्ज की है। कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी और उनके बल्ले से निकले एक यादगार और विस्फोटक शतक की बदौलत गुजरात ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से धूल चटा दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही गुजरात टाइटंस ने फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। अब आगामी 31 मई को अहमदाबाद के भव्य नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक महामुकाबला खेला जाएगा, जहां गुजरात टाइटंस की भिड़ंत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से होगी। यह मैच बेहद रोमांचक होने वाला है क्योंकि दोनों ही टीमें लीग में अपने दूसरे आईपीएल खिताब पर कब्जा करने के मजबूत इरादे से मैदान में उतरेंगी।
हार के बाद डगआउट में छलके आंसू: भावुक हुए युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी
गुजरात के खिलाफ मिली इस करारी शिकस्त के बाद राजस्थान रॉयल्स के खेमे में मायूसी छा गई। टीम के सबसे युवा और उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी इस हार के बाद अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए। मैच का परिणाम आते ही वह राजस्थान के डगआउट में बेहद शांत और गुमसुम बैठे नजर आए। उनकी आंखों से बहते आंसू साफ बयां कर रहे थे कि टीम को खिताबी मुकाबले तक न पहुंचा पाने का दर्द उनके दिल में कितना गहरा था। महज 15 साल की छोटी सी उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे वैभव का यह भावुक चेहरा देखकर क्रिकेट फैंस और मैदान पर मौजूद सभी खिलाड़ियों का दिल भर आया।
रनों की बरसात और ऑरेंज कैप: वैभव सूर्यवंशी का जादुई डेब्यू सीजन
भले ही राजस्थान रॉयल्स का सफर इस सीजन में यहीं थम गया हो, लेकिन वैभव सूर्यवंशी के लिए आईपीएल 2026 किसी खूबसूरत सपने से कम नहीं रहा। इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने बल्ले से पूरे टूर्नामेंट में कोहराम मचाया। वैभव ने इस सीजन के कुल 16 मैचों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 776 रन अपने नाम किए। इस बेहतरीन आंकड़े के साथ फिलहाल लीग की प्रतिष्ठित ‘ऑरेंज कैप’ उन्हीं के सिर पर सजी हुई है। हालांकि, इस बेमिसाल और ऐतिहासिक व्यक्तिगत प्रदर्शन के बाद भी वैभव के चेहरे पर उदासी थी, क्योंकि उनका अपनी टीम को आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी जिताने का मुख्य सपना अधूरा रह गया।
शुरुआत में लड़खड़ाई राजस्थान: बल्लेबाजों ने खड़ा किया 214 रनों का विशाल स्कोर
इससे पहले, मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का राजस्थान रॉयल्स का फैसला शुरुआत में बिल्कुल गलत साबित होता दिखा। टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक और खराब रही। राजस्थान ने महज 9 रन के कुल स्कोर पर अपने दो सबसे बड़े इन-फॉर्म बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (1) और ध्रुव जुरेल (7) के विकेट गंवा दिए थे। इन शुरुआती झटकों से ऐसा लग रहा था कि टीम जल्द ही बिखर जाएगी, लेकिन मध्यक्रम ने जिम्मेदारी संभाली। राजस्थान ने न सिर्फ शानदार वापसी की, बल्कि निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 214 रनों का एक पहाड़ जैसा विशाल स्कोर बोर्ड पर टांग दिया। गुजरात की ओर से गेंदबाजी में जेसन होल्डर और कगिसो रबाडा सबसे सफल रहे, जिन्होंने 2-2 विकेट चटकाए, जबकि मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा के खाते में 1-1 सफलता आई।
वैभव और रवींद्र जडेजा की ऐतिहासिक साझेदारी: मैदान पर आया रनों का तूफान
शुरुआती झटके लगने के बाद राजस्थान रॉयल्स की पारी को संभालने का जिम्मा युवा वैभव सूर्यवंशी ने अपने कंधों पर लिया। वैभव ने क्रीज पर मौजूद अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के साथ मिलकर मोर्चा संभाला। दोनों ने मिलकर गुजरात के गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी और टीम को संकट से निकालते हुए एक मजबूत शतकीय साझेदारी की। वैभव ने मैदान के चारों कोनों में चौके-छक्कों की बरसात करते हुए महज 47 गेंदों का सामना किया और 7 गगनचुंबी छक्कों व 8 शानदार चौकों की मदद से 96 रनों की बेहद विस्फोटक पारी खेली।
हालांकि, वह लगातार दूसरे नॉकआउट मैच में अपने हक के शतक से सिर्फ 4 रन दूर रह गए। दूसरी तरफ, अनुभवी जडेजा ने समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए 35 गेंदों में नाबाद 45 रन बनाए। पारी के अंतिम ओवरों में डोनोवन फरेरा ने तबाही मचाते हुए सिर्फ 11 गेंदों में 38 रनों की तूफानी कैमियो पारी खेली, जिसने टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया।
आईपीएल इतिहास में तीसरी बार: फाइनल में गुजरात टाइटंस की धमक
गुजरात टाइटंस ने इस जीत के साथ आईपीएल के इतिहास में तीसरी बार फाइनल का टिकट कटाकर अपनी बादशाहत साबित कर दी है। हार्दिक पांड्या के बाद अब शुभमन गिल की कप्तानी में भी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। इससे पहले साल 2022 में अपने डेब्यू सीजन में ही गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को फाइनल में हराकर अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था।
इसके ठीक बाद, साल 2023 में भी टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही थी, हालांकि तब उसे एमएस धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के हाथों एक बेहद रोमांचक मैच में हार का सामना करना पड़ा था। अब देखना होगा कि क्या गुजरात 31 मई को अपना दूसरा खिताब जीत पाती है या नहीं।
