पित्त दोष आयुर्वेद के अनुसार शरीर में अग्नि तत्व से जुड़ा होता है, जो पाचन शक्ति को नियंत्रित करता है। वर्षा ऋतु में वातावरण में नमी और ठंडक के कारण शरीर का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। इसके साथ ही वर्षा ऋतु में जठराग्नि मंद हो जाती है, जिससे पित्त का असंतुलन होता है। […]
