Karnataka Crime : कर्नाटक के विजयपुरा जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और रूह कंपा देने वाली सामूहिक हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिले के चड़चण तालुक के अंतर्गत आने वाले गोविंदपुर गांव में दो पक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही पुरानी रंजिश और जमीन के मालिकाना हक के विवाद ने ऐसा भयानक और हिंसक रूप अख्तियार कर लिया, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। यहां आपसी दुश्मनी के चलते एक ही झटके में छह लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने इस खूनी खेल को अंजाम देने के लिए बेहद आक्रामक रुख अपनाया; उन्होंने पहले पीड़ितों पर ताबड़तोड़ और अंधाधुंध गोलियां चलाईं और फिर जब उतने से भी मन नहीं भरा, तो धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
निराले और गोलागी परिवारों के बीच पुराना विवाद, घात लगाकर बैठे थे कातिल
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस की प्रारंभिक जांच से जो जानकारी छनकर सामने आ रही है, उसके मुताबिक गोविंदपुर गांव के रहने वाले निराले और गोलागी परिवारों के बीच काफी लंबे वक्त से जमीन के एक टुकड़े को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। इसी पुरानी अदालती और सामाजिक रंजिश के कारण गोलागी परिवार के कुछ लोग बेहद गुस्से में थे और उन्होंने निराले परिवार को खत्म करने की साजिश रची। घात लगाकर बैठे अत्याधुनिक और धारदार हथियारों से लैस हमलावरों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। इस दर्दनाक हमले में जान गंवाने वाले सभी छह मृतकों की शिनाख्त चंदू निराले, दुंडप्पा निराले, शिवपुत्र निराले, राहुल निराले, समर्थ निराले और उनके एक करीबी सहयोगी शब्बीर नदाफ के रूप में की गई है। ये सभी मृतक इसी गांव के मूल निवासी थे।
शांति वार्ता के प्रयास हुए विफल, बातचीत के रास्ते में बिछाई गई मौत की बिसात
ग्रामीणों और खबरों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच बढ़ते तनाव और जमीन के इस खूनी झगड़े को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए गंभीर प्रयास भी किए जा रहे थे। इसी सिलसिले में कुछ दिन पहले गांव के मौजिज लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच एक पंचायत भी बुलाई गई थी, ताकि कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके। वारदात वाले दिन, निराले परिवार के लोग और उनके कुछ समर्थक इसी जमीनी मसले पर दोबारा बातचीत को आगे बढ़ाने और मसले को हमेशा के लिए सुलझाने के इरादे से घर से निकले थे।
लेकिन दूसरी तरफ खड़ी मौत से वे अनजान थे। रास्ते में पहले से ही घात लगाए बैठे हथियारों से लैस हमलावरों ने उन पर अचानक धावा बोल दिया। कातिलों ने पहले पीड़ितों को घेरकर उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और फिर मरणासन्न हालत में जमीन पर गिरे लोगों पर धारदार हथियारों से तब तक बेरहमी से वार किए, जब तक कि उनके शरीर से प्राण नहीं निकल गए।
हत्याकांड के बाद गांव में पसरा सन्नाटा, मौके पर पहुंचे भारी पुलिस बल और आला अधिकारी
इस दिल दहला देने वाले सामूहिक हत्याकांड की खबर जैसे ही हवा की तरह फैली, पूरे गोविंदपुर गांव और आस-पास के इलाकों में भारी दहशत और तनाव का माहौल बन गया। लोग डर के मारे अपने घरों में दुबक गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए विजयपुरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) लक्ष्मण निंबार्गी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करने के बाद इस सामूहिक नरसंहार की पुष्टि की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चड़चण थाना क्षेत्र में इस संबंध में छह लोगों की हत्या का संगीन मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस हर पहलू से इसकी बारीकी से तफ्तीश कर रही है।
गोलागी परिवार के संदिग्ध आरोपी फरार, आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित
पुलिस की प्राथमिक छानबीन के आधार पर इस जघन्य हत्याकांड का सीधा शक गोलागी परिवार के कुछ चिन्हित सदस्यों पर जताया जा रहा है, जो वारदात को अंजाम देने के बाद से ही अपने घरों से फरार बताए जा रहे हैं। कर्नाटक पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी छह शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फरार आरोपियों को पाताल से भी ढूंढ निकालने और उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई विशेष और खोजी टीमें गठित कर दी गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही, गांव में दोबारा कोई हिंसक टकराव न हो और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे, इसके लिए गोविंदपुर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती कर दी गई है।
