Monsoon 2026 Arrival : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तपती सड़कों से लेकर राजस्थान के सीमांत जिले जैसलमेर के रेतीले धोरों तक, और आधुनिक शहर नोएडा से लेकर उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के बांदा तक, इस समय पूरा उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में है. आसमान से बरसती आग और गर्म थपेड़ों ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. चिलचिलाती धूप और बढ़ते पारे के कारण अब हर किसी की नजरें आसमान की ओर टिकी हैं और सभी को शिद्दत से मानसून का इंतजार है. मौसम वैज्ञानिकों का भी मानना है कि इस जानलेवा और रिकॉर्डतोड़ गर्मी से असली और परमानेंट राहत मानसून की झमाझम बारिश के आने के बाद ही मिल पाएगी.
निर्धारित समय से पहले केरल के तट पर दस्तक देगा दक्षिण-पश्चिम मानसून
भीषण गर्मी से बेहाल देशवासियों के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बहुत बड़ा और राहत भरा अपडेट जारी किया है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस साल अपनी सामान्य निर्धारित तारीख 1 जून से काफी पहले ही देश में प्रवेश कर रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि बस एक दिन के और इंतजार के बाद यानी 26 मई (मंगलवार) तक मानसून केरल के तट पर अपनी पहली दस्तक दे देगा. समय से पहले मानसून का केरल पहुंचना इस बात का संकेत है कि देश के अन्य हिस्सों में भी इस बार झमाझम बारिश की फुहारें जल्दी देखने को मिल सकती हैं, जिससे सूखे और तपते खेतों को जल्द ही नया जीवन मिलेगा.
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए मौसम विभाग की महत्वपूर्ण तारीखें
आईएमडी ने उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों में मानसून के पहुंचने की संभावित तारीखों का भी ऐलान कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को जून के आखिरी हफ्ते तक गर्मी का सितम झेलना पड़ सकता है, क्योंकि यहां मानसून 27 से 30 जून के बीच पहुंचने का अनुमान है. वहीं, उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री 15 से 25 जून के बीच हो सकती है, जिससे पूर्वी और पश्चिमी यूपी के जिलों को क्रमिक राहत मिलेगी. पड़ोसी राज्य बिहार की बात करें तो वहां मानसून 12 से 15 जून के बीच दस्तक दे सकता है. इन तारीखों से साफ है कि अगले कुछ सप्ताह उत्तर भारत के लोगों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं.
केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के लिए भारी वर्षा की चेतावनी
भले ही उत्तर भारत को अभी मानसून के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़े, लेकिन देश के कई अन्य हिस्सों के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले 6-7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत (North-Eastern India) के राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है. इसके साथ ही, अगले 2-3 दिनों के भीतर दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर तेज कड़कड़ाती बिजली और तूफानी हवाओं के साथ भारी वर्षा हो सकती है. इस दौरान कुछ संवेदनशील इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी आशंका जताई गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी.
मैदानी इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ प्री-मानसून बौछारों का अनुमान
दिल्ली-एनसीआर और इसके आसपास के मैदानी इलाकों में जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं होता, तब तक स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण कुछ राहत मिल सकती है. आईएमडी के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में धूल भरी तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 मई को और राजस्थान के रेतीले इलाकों में 28 व 29 मई को मौसम का मिजाज तेजी से बदलेगा. इन राज्यों में तेज आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली कड़कने और गरज के साथ प्री-मानसून बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया गया है, जो अस्थायी रूप से गर्मी को कम करेंगी.
देश के पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर में मौसम का मिजाज बदलेगा
यदि देश के ऊंचे पहाड़ी राज्यों की बात करें तो वहां भी मौसम विभाग ने बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे व मध्यम पहाड़ी इलाकों में 28 और 29 मई को अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं, देवभूमि उत्तराखंड के कई पहाड़ी और मैदानी जिलों में 28 से 31 मई के दौरान मौसम काफी संवेदनशील रहेगा. इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और बेहद तेज रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है, जिससे पहाड़ों पर घूमने गए पर्यटकों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.
दक्षिण भारत के कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सहित विभिन्न हिस्सों में अलर्ट
दक्षिण भारत के एक बड़े हिस्से में भी मानसून पूर्व की गतिविधियों और मानसून के आगमन को लेकर हाई अलर्ट है. मौसम कार्यालय ने साफ किया है कि 26 से 29 मई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा के कई जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश होगी. इसी समय अवधि के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में तेज हवाओं और बिजली की कड़कड़ाहट के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना है. इसके अतिरिक्त, 25 से 29 मई के दौरान दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में और 27 मई को उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज अंधड़ के साथ भारी वर्षा का अनुमान व्यक्त किया गया है.
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