NEET UG Paper Leak : देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 के कथित पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी सिलसिले में शिक्षा, महिला, बाल और यूथ एंड स्पोर्ट्स संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सामने आज राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी () के अध्यक्ष और महानिदेशक (DG) व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से परीक्षा की गोपनीयता भंग होने को लेकर कड़े सवाल-जवाब किए। हालांकि, अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एनटीए के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी ने संसदीय कमेटी के समक्ष बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह वर्तमान परिस्थितियों में नीट परीक्षा को आधिकारिक तौर पर लीक नहीं मानते हैं।
NEET UG Paper Leak : सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
संसदीय समिति की बैठक में मौजूद विपक्षी दलों के सांसदों ने पेपर लीक के दावों को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अधिकारियों को जमकर घेरा और बार-बार तीखे सवाल पूछे। इन चौतरफा हमलों के बावजूद एनटीए के अधिकारियों ने अपने रुख पर अड़े रहते हुए कहा कि इस पूरे संवेदनशील मामले की विस्तृत और वैज्ञानिक जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो () द्वारा की जा रही है। अधिकारियों का तर्क था कि जब तक सीबीआई अपनी जांच पूरी करके अदालत के समक्ष आधिकारिक तौर पर यह नहीं मान लेती कि पेपर वास्तव में बड़े पैमाने पर लीक हुआ था, तब तक एजेंसी इसे तकनीकी रूप से पेपर लीक की श्रेणी में नहीं रखेगी।
NEET UG Paper Leak : सत्ता पक्ष के सांसदों ने किया एनटीए का बचाव
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान न केवल मौजूदा विवाद, बल्कि पूर्व में हुई विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। संसदीय कमेटी के अध्यक्ष और वरिष्ठ राजनेता दिग्विजय सिंह ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए एनटीए से कई कड़े और तकनीकी स्पष्टीकरण मांगे। हालांकि, इस पूरे वाद-विवाद के बीच एक दिलचस्प राजनीतिक नजारा भी देखने को मिला, जहां सत्ता पक्ष से जुड़े विभिन्न सांसद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के तर्कों और स्पष्टीकरणों का पुरजोर समर्थन करते और उनका बचाव करते हुए नजर आए।
सीबीआई की ताबड़तोड़ कार्रवाई
दूसरी ओर, इस पूरे मामले की आपराधिक जांच कर रही सीबीआई की टीम लगातार बड़े एक्शन ले रही है। सीबीआई ने इस कथित पेपर लीक सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए अब तक कुल 10 मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इस मामले के दो मुख्य सरगनाओं, प्रह्लाद विट्ठलराव कुलकर्णी और मनीषा संजय वाघमारे को विगत 16 मई को 10 दिनों की विशेष सीबीआई कस्टडी में भेजा गया था। इसी कड़ी में, सीबीआई ने जीव विज्ञान (बायोलॉजी) की प्रख्यात व्याख्याता मनीषा मांढरे को भी गिरफ्तार किया है, जो चौंकाने वाले रूप से एनटीए की परीक्षा-निर्धारण समिति की एक सक्रिय सदस्य थीं। उन्हें 17 मई को 14 दिनों के लिए सीबीआई की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
इक्कीस जून को दोबारा होगी परीक्षा
गौरतलब है कि पेपर लीक के गंभीर आरोपों और भारी विवाद के बाद सरकार को 3 मई को आयोजित की गई मूल NEET-UG परीक्षा को निरस्त (रद्द) करना पड़ा था। अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने आगामी 21 जून को दोबारा से इस परीक्षा को आयोजित करने का नया टाइमटेबल निर्धारित किया है। हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बड़ा नीतिगत संकेत देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं को धीरे-धीरे कंप्यूटर आधारित टेस्ट () प्रारूप की ओर स्थानांतरित किया जाएगा। इस बीच, 21 जून को होने वाली संशोधित परीक्षा के एडमिट कार्ड परीक्षा तिथि से लगभग एक सप्ताह पहले जारी कर दिए जाएंगे।
