PM Modi Tamil Nadu Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (1 मार्च 2026) को पुडुचेरी और तमिलनाडु का दौरा कर दक्षिण भारत के विकास को नई गति दी। इस यात्रा के दौरान उन्होंने पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपये और तमिलनाडु में 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु को 8 नए ‘अमृत भारत’ रेलवे स्टेशन और 3 आकाशवाणी एफएम रिले ट्रांसमीटरों की सौगात मिली। विकास कार्यों के बाद मदुरै में आयोजित एक विशाल जनसभा में पीएम मोदी ने सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार पर जमकर निशाना साधा।
PM Modi Tamil Nadu Visit: आवास योजना में देरी पर सवाल: गरीब परिवारों के हक की बात
मदुरै की जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार गरीबों के कल्याण में बाधक बन रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र की ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ के तहत तमिलनाडु में छह लाख से अधिक घर बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन करीब तीन लाख घर अब भी अधूरे हैं। पीएम ने इसका मुख्य कारण राज्य सरकार द्वारा सर्वेक्षण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जानबूझकर की जा रही देरी को बताया। उन्होंने सवाल किया कि डीएमके की “छोटी राजनीति” के कारण लाखों गरीब परिवारों को अपने पक्के घर से वंचित क्यों रहना पड़ रहा है?
PM Modi Tamil Nadu Visit: वंशवाद और भ्रष्टाचार का आरोप: सुशासन के अभाव पर प्रहार
पीएम मोदी ने डीएमके सरकार को सुशासन की कसौटी पर विफल करार दिया। उन्होंने कहा कि 2021 में पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद डीएमके ने जन आकांक्षाओं को नजरअंदाज कर वंशवादी राजनीति को बढ़ावा दिया। मदुरै का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि चूंकि यह शहर पूर्व मुख्यमंत्री एमजीआर (MGR) का प्रिय रहा है, इसलिए डीएमके ने हमेशा मदुरै के विकास की उपेक्षा की है। पीएम ने आरोप लगाया कि केंद्र में सत्ता में रहने के दौरान भी डीएमके और कांग्रेस ने तमिलनाडु के अधिकारों के लिए कुछ नहीं किया, जबकि एनडीए सरकार ने चेन्नई पोर्ट-मदुरवॉयल एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे अटके हुए प्रोजेक्ट्स को पुनर्जीवित किया।
जल्लीकट्टू और तमिल संस्कृति: कांग्रेस-डीएमके के इतिहास पर घेराबंदी
तमिल संस्कृति और परंपराओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर “तमिलनाडु से बदला लेने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ही जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगाया था और तब डीएमके मौन रही थी। यह एनडीए सरकार ही थी जिसने अध्यादेश लाकर इस प्राचीन परंपरा को सुरक्षित किया। साथ ही, उन्होंने सेंगोल (Sengol) को संसद में स्थापित कर तमिल संस्कृति को वैश्विक सम्मान देने की बात दोहराई।
घोटालों की लंबी फेहरिस्त: नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग
राजनीति में शुचिता का जिक्र करते हुए पीएम ने के. कामराज के आदर्शों को याद किया और डीएमके के शासन को भ्रष्टाचार का अड्डा बताया। उन्होंने राज्य सरकार पर 365 करोड़ का ट्रांसफर घोटाला, 900 करोड़ का नौकरी घोटाला और 4700 करोड़ के रेत खनन घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगाए। पीएम ने तंज कसते हुए कहा कि जहां अन्य राज्यों में मंत्री विकास कार्यों में प्रतिस्पर्धा करते हैं, वहीं डीएमके के मंत्री घोटालों में एक-दूसरे को पछाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
महिला सुरक्षा और नशा मुक्ति: अम्मा जयललिता के शासन की याद
तमिलनाडु में बढ़ती अपराध दर और नशीले पदार्थों के माफिया पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज राज्य की माताएं और बहनें असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता (अम्मा) के कार्यकाल की कानून-व्यवस्था को याद करते हुए वादा किया कि एनडीए के सत्ता में आते ही अपराधियों और ड्रग माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
तटीय विकास की संभावनाएं: भारत का पहला ‘बंदरगाह क्लस्टर’
तमिलनाडु की तटीय शक्ति का उल्लेख करते हुए पीएम ने कहा कि कांग्रेस और डीएमके की निष्क्रियता के कारण राज्य की समुद्री क्षमताएं ठप पड़ी थीं। 2014 के बाद एनडीए ने चेन्नई बंदरगाह और कामराजार बंदरगाह को एकीकृत कर भारत का पहला ‘पोर्ट क्लस्टर’ विकसित किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि तमिलनाडु की जनता इस बार बदलाव के लिए मन बना चुकी है और आगामी चुनाव राज्य के भविष्य के लिए निर्णायक मोड़ साबित होगा।
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