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Mallikarjun Kharge Controversial : “पीएम मोदी आतंकवादी हैं!” खरगे के बयान से तमिलनाडु चुनाव में मची खलबली, BJP ने मांगा इस्तीफा!

Mallikarjun Kharge Controversial

Mallikarjun Kharge Controversial :  तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, राजनीतिक बयानबाजी ने मर्यादा की सीमाएं लांघनी शुरू कर दी हैं। 23 अप्रैल को होने वाली वोटिंग से ठीक पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी ने देश भर में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। खरगे के इस बयान के बाद भाजपा और एनडीए गठबंधन ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोल दिया है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।

खरगे का तीखा प्रहार: पीएम मोदी को बताया ‘आतंकवादी’

चेन्नई में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने एआईएडीएमके (AIADMK) और भाजपा के गठबंधन पर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए कहा, “ये लोग मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? वह एक आतंकवादी हैं। वह समानता और न्याय में विश्वास नहीं करते।” खरगे ने आगे आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी लोकतंत्र को कमजोर करने का काम कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष का यह कड़ा बयान सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर जंगल की आग की तरह फैल गया, जिसके बाद भाजपा ने इसे देश के सर्वोच्च पद का अपमान करार दिया।

भाजपा का पलटवार: पीयूष गोयल ने बताया 140 करोड़ भारतीयों का अपमान

मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और डीएमके का यह गठबंधन अपनी हार निश्चित देखकर अब ‘नीच हरकत’ पर उतर आया है। गोयल ने कहा, “भारत की जनता द्वारा लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहना 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है।” उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी और एमके स्टालिन को इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए पूरे देश और खासकर तमिलनाडु के 8 करोड़ भाई-बहनों से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।

‘अपवित्र गठबंधन’ बनाम एनडीए की लहर

पीयूष गोयल ने कांग्रेस-डीएमके गठबंधन को ‘अपवित्र’ बताते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत हमले उनके चुनावी भाग्य को नहीं बदल पाएंगे। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता कुशासन से पीड़ित है और बदलाव चाहती है। गोयल ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा, “एनडीए गठबंधन को इस बार तमिलनाडु में क्लीन स्वीप मिलने जा रहा है। अमित शाह के मायलापुर रोड शो और चंद्रबाबू नायडू को मिल रहे भारी समर्थन से यह स्पष्ट है कि जनता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी और पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा कर रही है।”

विवाद बढ़ने पर खरगे की सफाई: “मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला गया”

जब विवाद ने तूल पकड़ा और भाजपा ने इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना लिया, तब मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान पर सफाई पेश की। उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनके कहने का मतलब यह नहीं था कि पीएम मोदी शाब्दिक रूप से आतंकवादी हैं। खरगे ने कहा, “मेरा संदर्भ भाजपा सरकार द्वारा सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग को लेकर था। सरकार इन संस्थाओं के जरिए विपक्षी उम्मीदवारों और दलों में डर का माहौल पैदा कर रही है, जो एक प्रकार का राजनीतिक आतंक है। मैंने इसी अर्थ में अपनी बात रखी थी।”

मतदान से पहले ध्रुवीकरण की कोशिश?

तमिलनाडु में मंगलवार को प्रचार अभियान समाप्त होने जा रहा है, और ऐसे में खरगे का यह बयान मतदाताओं के ध्रुवीकरण में बड़ी भूमिका निभा सकता है। जहां कांग्रेस इसे ‘डर की राजनीति’ के खिलाफ एक रूपक बता रही है, वहीं भाजपा इसे अपनी अस्मिता और गौरव से जोड़कर भुनाने की कोशिश कर रही है। 23 अप्रैल को होने वाली वोटिंग अब केवल दो गठबंधनों की लड़ाई नहीं, बल्कि बयानों और विचारधाराओं की एक बड़ी जंग बन गई है। अब देखना यह है कि तमिलनाडु की जनता इन विवादों पर अपनी क्या मुहर लगाती है।

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