Headline
Ram Mandir Controversy :
Ram Mandir Controversy : राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई, ट्रस्ट की मांग पर SIT गठित
PoK Protest
PoK Protest : पीओके में भड़की आजादी की चिंगारी, शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को बताया आतंकवादी
TMC Rebel MP
TMC Rebel MP : टीएमसी में बगावत तेज! Sudip Bandyopadhyay पहुंचे Bhupender Yadav से मिलने
Lt Gen Dhiraj Seth Army Chief
Lt Gen Dhiraj Seth Army Chief होंगे नए सेना प्रमुख, 30 जून से संभालेंगे भारतीय सेना की कमान
INDIA Alliance Rift
INDIA Alliance Rift : INDIA गठबंधन की फूट उजागर, लेफ्ट ने पूछा- राहुल गांधी केरल सीएम को गले क्यों नहीं लगाते?
Demographic Change
Demographic Change : देश में डेमोग्राफी बदलाव के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय समिति बनेगी, अमित शाह ने दिए सख्त निर्देश
Vikram 1 Rocket Launch
Vikram 1 Rocket Launch : भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-I’ तैयार, श्रीहरिकोटा से रचा जाएगा इतिहास
PM Modi France Visit
PM Modi France Visit : फ्रांस में मैक्रों संग मुलाकात और जी7 समिट, पीएम मोदी के एजेंडे में क्या?
US Iran Conflict
US Iran Conflict : डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों पर भड़का ईरान, अमेरिका पर लगाया भारतीय नाविकों की हत्या का आरोप

Asha Bhosle funeral : पंचतत्व में विलीन हुईं आशा भोसले, राजकीय सम्मान और नम आंखों के साथ दी गई अंतिम विदाई!

Asha Bhosle funeral

Asha Bhosle funeral :  भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। अपनी जादुई आवाज से सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली महान गायिका आशा भोंसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। रविवार को 92 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली, जिससे पूरा देश स्तब्ध और शोकाकुल है। सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदा किया गया।

Asha Bhosle funeral :  शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

सोमवार का दिन मुंबई के लिए अत्यंत भारी रहा। सुरों की रानी आशा भोंसले का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान और राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। ‘आशा ताई अमर रहें’ के गगनभेदी नारों के बीच उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी गई। उनके बेटे आनंद भोंसले ने नम आंखों से अपनी माता को मुखाग्नि दी। जैसे ही चिता की लपटें आसमान की ओर उठीं, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। संगीत प्रेमियों के लिए यह क्षण एक अपूरणीय क्षति की तरह था।

Asha Bhosle funeral :  सुरमयी विदाई: कालजयी गीतों से दी गई श्रद्धांजलि

आशा ताई का व्यक्तित्व जितना जिंदादिल था, उनकी विदाई भी वैसी ही गरिमामयी रही। अंतिम संस्कार के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला जब संगीत जगत के दिग्गजों, जैसे शान और अनूप जलोटा ने आशा जी के ही सदाबहार गीतों को गाकर उन्हें नमन किया। वहां मौजूद कलाकारों ने संगीत के जरिए अपनी ‘आशा ताई’ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। यह नजारा संगीत की उस शक्ति को दर्शा रहा था, जिसे आशा जी ने पूरी दुनिया में फैलाया था।

स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं और अस्पताल में अंतिम क्षण

आशा भोंसले पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। 11 अप्रैल को उन्हें सांस लेने में अचानक तकलीफ महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें मुंबई के प्रसिद्ध ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए आईसीयू में रखा और हर संभव प्रयास किए, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर उनके शरीर ने साथ देना छोड़ दिया। डॉक्टरों के अनुसार, मल्टी-ऑर्गन फेलियर (कई अंगों का काम बंद कर देना) उनके निधन का मुख्य कारण बना।

शोक में डूबा बॉलीवुड: दिग्गजों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

आशा ताई के अंतिम दर्शन के लिए देश की तमाम बड़ी हस्तियां मुंबई पहुंचीं। मनोरंजन जगत से एआर रहमान, शबाना आजमी, रणवीर सिंह, तब्बू, जैकी श्रॉफ और विक्की कौशल जैसे सितारों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। खेल जगत से सचिन तेंदुलकर और मोहम्मद सिराज भी उन्हें नमन करने पहुंचे। राजनीति के गलियारों से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और उनके योगदान को याद किया। पूरा वातावरण गमगीन था और हर कोई इस महान आवाज को खोने के दुख में डूबा था।

संघर्षों से भरा जीवन और 12000 गानों का रिकॉर्ड

आशा भोंसले का जीवन प्रेरणा का एक जीवंत उदाहरण है। अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर की छाया से निकलकर अपनी अलग पहचान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म के गीत ‘चला चला नव बाल’ से की थी। 16 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘रात की रानी’ के जरिए हिंदी सिनेमा में अपनी पहली सोलो उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली सहित अन्य भाषाओं में 12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी, जो आज भी एक वैश्विक रिकॉर्ड है।

संगीत जगत में आशा ताई की अमर विरासत

भले ही आशा भोंसले शारीरिक रूप से पंचतत्व में विलीन हो गई हों, लेकिन उनकी आवाज और उनके गाए गीत युगों-युगों तक गूंजते रहेंगे। पॉप, गजल, भजन और शास्त्रीय संगीत—हर विधा में उन्होंने अपनी महारत साबित की। उनका संघर्ष, उनकी मुस्कान और उनकी वह खनकती आवाज भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनी रहेगी। संगीत जगत में उनके स्थान को कभी नहीं भरा जा सकेगा, लेकिन उनके सुर हमेशा नई पीढ़ी के गायकों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

Read more :  Noida Phase 2 Violence: नोएडा फेज-2 में कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन, फूंकी गाड़ियां, पुलिस पर पथराव, भारी तनाव!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
कामाख्या मंदिर दर्शन के लिए बेहतरीन बजट ऑफर ढाबे जैसा पनीर पराठा घर पर कैसे बनाएं राजस्थान में आज भी राबड़ी है पहली पसंद गर्मी में Hot Coffee से मिलती है ठंडक? स्किन ऑयली है?