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US Politics : डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एक्शन, पाम बोंडी बर्खास्त, आर्मी चीफ को तुरंत रिटायरमेंट का आदेश

US Politics

US Politics : मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन में दो बड़े और चौंकाने वाले बदलाव किए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इसके साथ ही, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के माध्यम से अमेरिकी सेना प्रमुख (आर्मी चीफ) जनरल रैंडी जॉर्ज को समय से पहले अनिवार्य सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) लेने का कड़ा आदेश जारी किया गया है। इन फैसलों ने न केवल वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसके दूरगामी परिणामों पर चर्चा शुरू हो गई है।

US Politics: पाम बोंडी की बर्खास्तगी और जेफरी एपस्टीन फाइल्स का विवाद

अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को पद से हटाए जाने के पीछे सबसे प्रमुख कारण विवादित ‘जेफरी एपस्टीन फाइल्स’ को माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप पाम बोंडी के काम करने के तरीके से काफी समय से असंतुष्ट थे। बोंडी पर आरोप है कि उन्होंने सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी संवेदनशील फाइलों की जांच को सही तरीके से मैनेज नहीं किया। इस कुप्रबंधन के कारण राष्ट्रपति ट्रंप को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा और उन पर दस्तावेज गायब करने के आरोप भी लगे। कभी ट्रंप की सबसे करीबी सहयोगी रहीं बोंडी अब उनके विरोधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में ढिलाई बरतने के आरोपों का सामना कर रही हैं।

US Politics : विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी और राजनीतिक पेच

पाम बोंडी की विदाई का एक अन्य कारण राष्ट्रपति ट्रंप के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने में उनकी कथित विफलता है। राष्ट्रपति कार्यालय का मानना था कि बोंडी उन मामलों को आगे बढ़ाने में जानबूझकर देरी कर रही थीं, जिनमें ट्रंप के आलोचक शामिल थे। एपस्टीन मामले में दस्तावेजों को सार्वजनिक करने में हुई गड़बड़ी ने ट्रंप की राजनीतिक मुश्किलों को और बढ़ा दिया था, जिससे उनके और एपस्टीन के पुराने संबंधों को लेकर नए सवाल खड़े होने लगे थे। इसी नाराजगी के चलते ट्रंप ने अपनी वफादार रही अधिकारी को पदमुक्त करने का कठोर निर्णय लिया।

सेना प्रमुख रैंडी जॉर्ज को हटाने की तैयारी और ईरान युद्ध का साया

प्रशासनिक फेरबदल के साथ-साथ अमेरिकी सैन्य नेतृत्व में भी बड़ी सर्जरी की जा रही है। ईरान के साथ बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की आहट के बीच आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज से इस्तीफा मांगा गया है। हालांकि जनरल जॉर्ज ने अभी आधिकारिक तौर पर पद नहीं छोड़ा है, लेकिन रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के निर्देश के बाद उनका जाना तय माना जा रहा है। चर्चा है कि जनरल जॉर्ज ट्रंप की आक्रामक सैन्य नीतियों और विजन के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे थे। विशेष रूप से ईरान के मुद्दे पर ट्रंप की ‘बड़ी कार्रवाई’ की धमकी और सेना के मनोबल को लेकर सरकार और जनरल के बीच गहरे मतभेद उभर कर सामने आए हैं।

रक्षा मंत्री का नया विजन: ट्रंप की नीतियों के प्रति पूर्ण समर्पण

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अब सेना की कमान किसी ऐसे व्यक्ति को सौंपना चाहते हैं जो पूरी तरह से राष्ट्रपति ट्रंप के दृष्टिकोण (Vision) के अनुरूप कार्य करे। सैन्य गलियारों में यह चर्चा आम है कि जनरल जॉर्ज और वर्तमान सरकार के बीच ईरान युद्ध की रणनीति को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि ईरान समझौते की मेज पर नहीं आता, तो अमेरिका एक विनाशकारी हमला कर सकता है। ऐसे में हेगसेथ को एक ऐसे सेना प्रमुख की तलाश है जो बिना किसी हिचकिचाहट के राष्ट्रपति के आदेशों को धरातल पर उतार सके और युद्ध की स्थिति में सैनिकों का नेतृत्व मजबूती से करे।

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