Headline
NGT Conference
NGT Conference : भारत के कार्बन उत्सर्जन पर PM मोदी का बड़ा बयान, विकसित देशों का आंकड़ा चौंकाएगा
Disha Salian Case : दिशा सालियान केस में CCTV पर बड़ा दावा, फडणवीस गवाह और वकील के कई खुलासे
Dengue Vaccine 2027
Dengue Vaccine 2027 : भारत में 2027 में आएगी पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA, बच्चों और वयस्कों को लगेगी
Vitamin Timing
Vitamin Timing : कैल्शियम और जिंक साथ लें या अलग, जानें सप्लीमेंट लेने के जरूरी नियम और तरीका
Tulsi Mala and Rudraksha
Tulsi Mala and Rudraksha: क्या दोनों एक साथ पहनना सही है? जानें धार्मिक मान्यताएं और जरूरी नियम
Moody's GDP Forecast
Moody’s GDP Forecast : मूडीज ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर किया 7 फीसदी, IMF-RBI से आगे
Mohan Bhagwat on Gen Z
Mohan Bhagwat on Gen Z: Gen Z से मोहन भागवत ने धर्म पर क्यों पूछा सवाल, जानिए उन्होंने क्या कहा
JSCB Scam
JSCB Scam : JSCB घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, झारखंड-ओडिशा के सात ठिकानों पर छापेमारी
Nitin Nabin Mahakal
Nitin Nabin Mahakal : उज्जैन में महाकाल के दर पहुंचे नितिन नवीन, भस्म आरती में लिया हिस्सा

India Nepal Relations: भारत-नेपाल संबंधों में आया नया मोड़, सेना प्रमुख ने बालेंद्र शाह से की मुलाकात

India Nepal Relations

India Nepal Relations: भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को नेपाल के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री बालेंद्र शाह से मुलाकात की। सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय में हुई इस बैठक में दोनों देशों के आपसी हितों और सैन्य संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। भारत और नेपाल के बीच कुछ मुद्दों को लेकर तनाव के बावजूद यह बैठक दोनों देशों के पारंपरिक सैन्य और कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सैन्य सहयोग बढ़ाने पर हुई अहम बातचीत

नेपाल के प्रधानमंत्री सचिवालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को मजबूत करने के संभावित तरीकों पर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

भारतीय राजदूत से भी मिल चुके हैं बालेंद्र शाह

इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव के साथ अपनी पहली आमने-सामने की बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने भारत और नेपाल के बीच मौजूद ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। हाल के हफ्तों में शाह ने विदेशी राजदूतों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यक्तिगत मुलाकात नहीं करने की अपनी पहले की नीति में बदलाव करते हुए कई महत्वपूर्ण बैठकें की हैं।

नेपाल दौरे पर हैं भारतीय सेना प्रमुख

जनरल धीरज सेठ नेपाली सेना के प्रमुख जनरल अशोक राज सिगदेल के निमंत्रण पर 17 से 19 अगस्त तक नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने दोनों देशों के सैन्य संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की है। सोमवार को एक विशेष समारोह में नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने जनरल सेठ को नेपाली सेना के ‘ऑनररी जनरल’ की उपाधि से सम्मानित किया।

1950 से चली आ रही है मानद जनरल की परंपरा

भारत और नेपाल के बीच सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना में मानद जनरल का पद देने की परंपरा वर्ष 1950 से चली आ रही है। यह दोनों पड़ोसी देशों के बीच विशेष सैन्य संबंधों का प्रतीक मानी जाती है। इस परंपरा के तहत दोनों देशों के मौजूदा सेना प्रमुखों को दूसरे देश की सेना में मानद पद दिया जाता है। सोमवार को जनरल सेठ ने नेपाली सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगदेल के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की।

नेपाल की विदेश नीति में भारत और चीन दोनों महत्वपूर्ण

नेपाल के राजनीतिक नेतृत्व ने पारंपरिक रूप से भारत के साथ संपर्क को प्राथमिकता दी है। दोनों देशों के बीच गहरे सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंध हैं। हालांकि प्रधानमंत्री शाह ने अभी तक भारत या चीन में से किसी भी पड़ोसी देश की यात्रा नहीं की है। इसके बजाय नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने जून में नई दिल्ली और बीजिंग का दौरा किया था।

ओली ने पहली विदेश यात्रा में चीन को चुना था

बालेंद्र शाह से पहले प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने 2024 में पद संभालने के बाद चीन की यात्रा की थी। यह नेपाल की पुरानी राजनयिक परंपरा से अलग कदम था, क्योंकि इससे पहले नेपाली प्रधानमंत्री अक्सर अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुनते थे। इस बदलाव ने नेपाल की विदेश नीति और भारत-चीन के बीच उसके संतुलन को लेकर भी चर्चा तेज कर दी थी।

सीमा विवाद को लेकर शाह ने दिया था बयान

31 मई को संसद में अपनी पहली उपस्थिति के दौरान प्रधानमंत्री शाह ने भारत-नेपाल सीमा विवाद को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि नेपाल भारत के कुछ क्षेत्रों पर कब्जा कर रहा है। शाह ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के समाधान के लिए भारत के साथ बातचीत जरूरी है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया था कि नेपाल इस विषय पर चीन और ब्रिटेन के संपर्क में भी है।

भारत ने तीसरे पक्ष की भूमिका खारिज की

शाह की टिप्पणी के दो दिन बाद नई दिल्ली ने नेपाल के साथ सीमा विवाद को सुलझाने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था। भारत का कहना है कि सीमा से जुड़े मुद्दों को दोनों देशों के बीच मौजूद द्विपक्षीय तंत्र के माध्यम से ही हल किया जाना चाहिए। इस घटनाक्रम के बावजूद दोनों देशों के सैन्य स्तर पर संपर्क और संवाद जारी रहे हैं।

लिपुलेख और कालापानी पर पुराना विवाद

भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी क्षेत्रों को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। नेपाल इन क्षेत्रों पर अपना दावा करता रहा है, जबकि भारत का स्पष्ट रुख है कि ये क्षेत्र उत्तराखंड का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री शाह के बयान के बाद नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने भारत की यात्रा की और कई वरिष्ठ भारतीय नेताओं से मुलाकात की।

सैन्य संपर्क से संबंधों में सुधार की उम्मीद

जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा और प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के साथ उनकी मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के बीच कुछ राजनीतिक और सीमा संबंधी मतभेद मौजूद हैं। इसके बावजूद सैन्य स्तर पर जारी संवाद भारत-नेपाल संबंधों में संपर्क बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। माना जा रहा है कि नियमित सैन्य बातचीत से आपसी विश्वास बढ़ाने और भविष्य में सहयोग के नए रास्ते तलाशने में मदद मिल सकती है।

Read More : Protein Diet : प्रोटीन खाने के बाद पेट और सीने में जलन क्यों? जानें Protein पचाने का सही तरीका

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
कॉफी पीने का सही तरीका क्या है? जानिए दिन में कितने कप हैं सुरक्षित दूध से घर पर तैयार करें अलग-अलग तरह के चीज़, अपनाएं ये आसान तरीके क्या आप सही, तरीके से करते हैं चेहरे पर ब्लीच? जानिए आसान टिप्स वडनगर की गलियों से देश की सर्वोच्च सत्ता तक, पीएम मोदी की खास राजनीतिक यात्रा विश्वकर्मा पूजा की तैयारी कर रहे हैं? जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आसान पूजन विधि