Bengal Bulldozer Action : पश्चिम बंगाल की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और अराजक तत्वों पर नकेल कसने के लिए सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अब पूरे बंगाल के भीतर अवैध निर्माणों और सड़कों पर किए गए अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त करने का एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया गया है।
ताजा मामला हावड़ा रेलवे स्टेशन का है, जहां प्रशासनिक अमले ने एक विशाल अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत हावड़ा स्टेशन के बाहरी परिसर, प्रसिद्ध गंगा घाट के आस-पास के क्षेत्रों और नजदीकी बस स्टैंड के पास अवैध रूप से बनाई गई अनगिनत दुकानों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।
रेलवे और स्थानीय पुलिस की संयुक्त मौजूदगी में चला पीला पंजा
हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर अवैध कब्जों को मुक्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से यह अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई मानी जा रही है। अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर रेलवे के आईओडब्ल्यू (IOW) विभाग, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और हावड़ा सिटी पुलिस के कई आला अधिकारी खुद मोर्चे पर तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले काफी समय से स्थानीय और बाहरी दुकानदारों ने स्टेशन के बाहर मुख्य सड़कों और पैदल चलने वाले फुटपाथों पर अवैध रूप से अपना कब्जा जमा रखा था। इनमें से कई लोगों ने तो पक्के और अस्थायी ढांचे बनाकर सरकारी जमीनों पर पूरी तरह अपना अधिकार कर लिया था, जिससे यातायात व्यवस्था ठप हो रही थी।
सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी और छावनी में बदला पूरा स्टेशन परिसर
रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंततः इन सभी अवैध अतिक्रमणों को मलबे में तब्दील कर दिया और सरकारी जमीन को पूरी तरह से खाली करा लिया है। बुलडोजर की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद सालों से घिरा रहने वाला पूरा स्टेशन परिसर अब एकदम साफ और खुला-खुला नजर आ रहा है। इस अभियान की सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि अब हावड़ा स्टेशन आने-जाने वाले लाखों दैनिक यात्रियों को भीड़भाड़ और जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। आरपीएफ (RPF) की विशेष और कड़ी निगरानी में चलाए गए इस पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए गए थे। किसी भी संभावित विरोध-प्रदर्शन या अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरे हावड़ा स्टेशन इलाके को एक अभेद्य पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था।
प्रशासन की सख्त चेतावनी और राज्यव्यापी अभियान का बढ़ता दायरा
कार्रवाई को लेकर मौजूद उच्च अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि हावड़ा रेलवे स्टेशन जैसे अत्यधिक व्यस्त, संवेदनशील और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों को पूरी तरह जाम मुक्त रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। फुटपाथों पर अवैध रूप से किए गए कब्जों के चलते आम यात्रियों को हर दिन स्टेशन परिसर में आने-जाने के लिए भारी मशक्कत और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इसके साथ ही प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को कड़े लहजे में अंतिम चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में दोबारा रेलवे अथवा किसी भी सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया, तो इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इससे भी अधिक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बंगाल में बुलडोजर का यह एक्शन केवल हावड़ा तक ही सीमित नहीं है; इससे पहले भी प्रशासन तिलजाला और उत्तरी 24 परगना जिले के हसनाबाद इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण को मलबे में मिला चुका है।
