JSSC CGL Cancelled: झारखंड में छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अगस्त 2026 में सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा समेत कुल 44 भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इनमें वर्ष 2014 से आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL यानी TSR Data Processing Pvt Ltd द्वारा संचालित परीक्षाएं भी शामिल हैं। सरकार के अनुसार, इन मामलों की जांच अपराध अनुसंधान विभाग यानी CID कर रहा है।
TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की भी होगी जांच
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, लंबे समय से TDPL के माध्यम से आयोजित की जा रही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इन्हीं शिकायतों और विवादों के बीच संबंधित परीक्षाओं को रद्द किया गया है। इसके अलावा छह ऐसी परीक्षाओं पर भी कार्रवाई की गई है, जिनका आयोजन TDPL से अलग किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से कराया गया था।
छह अन्य परीक्षाओं पर भी लगा रोक
सरकार ने गंभीर अनियमितताओं का हवाला देते हुए छह अन्य परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित रखने का फैसला किया है। आधिकारिक सूची में फूड एनालिस्ट भर्ती 2024, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन भर्ती 2025, प्रोजेक्ट मैनेजर एवं समकक्ष भर्ती 2025, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज भर्ती 2025, बॉयलर इंस्पेक्टर भर्ती 2025 और डायरेक्टर रिक्रूटमेंट 2025 शामिल हैं। इन परीक्षाओं के संबंध में आगे सरकार के निर्देश का इंतजार है।
कई बड़ी भर्तियां रद्द होने से बढ़ी चिंता
रद्द की गई परीक्षाओं में कई महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर नियुक्ति से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं। इनमें 14वीं सिविल सेवा रेगुलर पीटी, सिविल सेवा बैकलॉग पीटी 2023 और 2025, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, सहायक वन संरक्षक, एपीपी रेगुलर और बैकलॉग नियुक्ति तथा सिविल जज जूनियर जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा 11वीं और 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को भी सूची में रखा गया है।
प्रशासनिक और तकनीकी पदों की भर्तियां भी प्रभावित
सरकार के फैसले का असर केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। औषधि निरीक्षक, सहायक प्राध्यापक, डिप्टी कलेक्टर, दंत चिकित्सक, सहायक अभियंता, सिविल जज और अतिरिक्त लोक अभियोजक जैसे पदों से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाएं भी रद्द की गई हैं। इसके साथ ही फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, सरकारी पॉलिटेक्निक में प्रवक्ता, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी और सहायक वन संरक्षक जैसे पदों की परीक्षाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मंगलवार रात जारी हुई 44 परीक्षाओं की सूची
छात्रों के लगातार विरोध और प्रदर्शन के बीच झारखंड सरकार ने मंगलवार देर रात रद्द की गई 44 परीक्षाओं की सूची सार्वजनिक की। सरकार ने इसके लिए आठ अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं। इनमें झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और TDPL द्वारा वर्ष 2014 से आयोजित की गई विभिन्न परीक्षाओं को शामिल किया गया है। इस सूची के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा व्यवस्था को लेकर बहस और तेज हो गई है।
CID कर रही है पूरे मामले की जांच
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं की जांच CID द्वारा की जा रही है। सरकार के मुताबिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, परीक्षार्थियों के बीच इस फैसले को लेकर असमंजस बना हुआ है। हजारों अभ्यर्थियों की मेहनत और भविष्य इन भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा होने के कारण परीक्षा रद्द होने के बाद नए सिरे से प्रक्रिया शुरू होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर साधा निशाना
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को भ्रमित करने और उनके साथ अन्याय करने के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने सोची-समझी रणनीति के तहत परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। मरांडी ने दावा किया कि इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थी न्यायालय का रुख कर सकते हैं और अदालत सरकार तथा CID से जांच से जुड़े सबूत मांग सकती है।
CBI जांच की मांग पर अड़े रहने की अपील
बाबूलाल मरांडी ने छात्रों से अपनी मांग पर कायम रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र CBI जांच की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखें। उनके मुताबिक भाजपा झारखंड के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और जब तक CBI जांच का आदेश नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। हालांकि, ये नेता प्रतिपक्ष के राजनीतिक आरोप हैं और मामले की अंतिम स्थिति जांच तथा आधिकारिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
परीक्षार्थियों के सामने अब नई चुनौती
JSSC-CGL समेत 44 परीक्षाओं के रद्द होने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। अब उम्मीदवारों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई, CID जांच और नई परीक्षा प्रक्रिया को लेकर जारी होने वाले निर्देशों पर है। छात्रों की ओर से निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग लगातार उठाई जा रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा झारखंड की राजनीति और छात्र आंदोलन दोनों के लिए महत्वपूर्ण बना रह सकता है।
Read More : India Nepal Relations: भारत-नेपाल संबंधों में आया नया मोड़, सेना प्रमुख ने बालेंद्र शाह से की मुलाकात

