Weather Updates: भारत के एक बड़े हिस्से में इन दिनों सूरज की तपिश और झुलसाने वाली गर्म हवाओं (लू) ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। देश के मैदानी इलाके भीषण गर्मी की चपेट में हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, इस जानलेवा गर्मी के बीच राहत की एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देश में बहुप्रतीक्षित दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज हो गई है और उसने समय से पहले अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी है। 23 मई 2026 को मानसून का दायरा तेजी से आगे की ओर बढ़ा है, जिसके कारण देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून और मानसूनी गतिविधियों के तहत मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।
मानसून ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के एक बड़े हिस्से को किया कवर
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के साथ-साथ कोमोरिन क्षेत्र, अंडमान सागर के अधिकांश इलाकों और बंगाल की खाड़ी के एक बहुत बड़े हिस्से को अपने घेरे में ले लिया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून को आगे बढ़ने के लिए वायुमंडलीय परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल और मजबूत बनी हुई हैं। इसके प्रभाव से केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मूसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। यह सक्रियता इस बात का साफ संकेत है कि मानसून देश के मुख्य भू-भाग की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है।
यूपी, बिहार और पंजाब समेत देश के 19 राज्यों में तूफानी हवाओं और आंधी का अलर्ट
भले ही मानसून अभी सुदूर दक्षिणी और पूर्वी छोर पर सक्रिय है, लेकिन इसके प्रभाव से उत्तर और मध्य भारत के मौसम तंत्र में भारी उथल-पुथल शुरू हो गई है। आईएमडी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सहित देश के 19 राज्यों में गरज-चमक के साथ तूफानी आंधी और बारिश होने का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस अवधि के दौरान इन राज्यों के कई जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चल सकती है। इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के आपसी टकराव के कारण कुछ चुनिंदा राज्यों में हल्की से मध्यम स्तर की ओलावृष्टि (ओले गिरना) होने की भी आशंका जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
देश की राजधानी दिल्ली में बारिश के साथ लू का डबल अटैक, 45 डिग्री पहुंचेगा पारा
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मौसम के दो अलग-अलग रंग एक साथ देखने को मिलने वाले हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली में 24 से 26 मई के दौरान बारिश के साथ-साथ गंभीर लू (Heatwave) का दोहरा अलर्ट जारी किया है। आईएमडी की भविष्यवाणी के अनुसार, आज यानी 24 मई को दिनभर आसमान साफ रहेगा और कड़क धूप निकलेगी, जिससे कई इलाकों में भीषण लू चलने की संभावना है। आज दिल्ली में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल सकती हैं और अधिकतम तापमान रिकॉर्ड तोड़ 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है। हालांकि, इसके तुरंत बाद 25 मई को दिल्लीवासियों को चिलचिलाती गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि सोमवार को तेज आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। वहीं, 26 मई को एक बार फिर मौसम शुष्क होगा और लू की स्थिति दोबारा लौट आएगी।
उत्तर प्रदेश के मौसम का हाल: पश्चिमी यूपी में आंधी-पानी और पूर्वी हिस्सों में लू का प्रकोप
उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए मौसम विभाग ने 24 से 29 मई तक की एक विस्तृत चेतावनी जारी की है। आईएमडी के मुताबिक, राज्य के मौसम में इस समय क्षेत्रीय स्तर पर बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, शामली, बुलंदशहर और सहारनपुर समेत कई प्रमुख जिलों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ धूलभरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट दिया है; वहीं दूसरी तरफ पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई मैदानी इलाकों में 24 से 29 मई तक भीषण लू का कहर लगातार जारी रहेगा। इस दौरान लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, नोएडा, आगरा, गोरखपुर, वाराणसी और झांसी जैसे बड़े शहरों में दिन के समय पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। इन शहरों में उग्र गर्मी के साथ ही धूलभरी तेज हवाएं चलेंगी और कुछ स्थानीय स्थानों पर अचानक बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबांदी भी हो सकती है।
बिहार में आंधी-बारिश के साथ उमस बढ़ाएगी परेशानी, भारी बारिश की चेतावनी
पड़ोसी राज्य बिहार में भी आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक रहने वाला है। मौसम विभाग ने बिहार के लिए 24 से 29 मई तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। राजधानी पटना समेत गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, भागलपुर, दरभंगा और ऐतिहासिक राजगीर में इस दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ भारी उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राज्य में 24, 28 और 29 मई को कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। विशेष रूप से 24 मई को पूरे राज्य में तेज आंधी-तूफान देखने को मिलेगा, जबकि इसके प्रभाव से 25 और 26 मई को बिहार के उत्तर और पूर्वी जिलों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव हो सकता है।
प्रमुख शहरों का तापमान: जानिए आज आपके जिले में कितनी रहेगी तपिश
नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आप 24 मई 2026 को देश के विभिन्न प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों के संभावित अधिकतम और न्यूनतम तापमान के सटीक आंकड़ों को देख सकते हैं:
पंजाब में भीषण गर्मी से हाल बेहाल, मई के आखिरी दिनों में मिलेगी राहत
पंजाब और उसकी राजधानी चंडीगढ़ सहित आस-पास के इलाकों में इन दिनों रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है, जिससे लोग दोपहर के समय घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली और जालंधर में 24 से 29 मई तक लगातार लू (Heatwave) चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस पूरे हफ्ते लोगों को भीषण तपिश का सामना करना पड़ेगा और दिन के समय गर्म हवा के थपेड़े चलेंगे। हालांकि, इस भीषण गर्मी के बीच राहत की बात यह है कि 28 और 29 मई को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पंजाब के अधिकांश हिस्सों में तेज तूफानी हवाओं के साथ अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे मई के आखिरी दिनों में तापमान में बड़ी गिरावट आएगी।
हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि का बड़ा संकट
मैदानी इलाकों की झुलसाने वाली गर्मी के विपरीत, पहाड़ों की सैर पर गए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए हिमाचल प्रदेश का मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने शिमला, मनाली, धर्मशाला, मंडी, हमीरपुर और चंबा सहित राज्य के कई पर्यटन स्थलों के लिए 24 से 29 मई तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय क्षेत्रों में इस दौरान आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी। आईएमडी के अनुसार, कई संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भारी ओलावृष्टि होने की भी संभावना है, जिससे बागवानी और फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। पहाड़ों पर यात्रा करने वाले सैलानियों को मौसम की स्थिति देखकर ही ऊंचे इलाकों में जाने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी जिलों में भारी ओलावृष्टि और अंधड़ के आसार
देवभूमि उत्तराखंड में भी प्रकृति का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के पहाड़ी और मैदानी, दोनों ही क्षेत्रों के लिए 24 और 25 मई को विशेष चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड के प्रमुख जिलों जैसे देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में मौसम के तेजी से बदलने के पुख्ता आसार हैं। राज्य में विशेष रूप से 25 मई को तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान पहाड़ी ढलानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ (तेज हवाएं) चलने का अनुमान है, जिसके साथ कई स्थानों पर भारी ओलावृष्टि भी हो सकती है। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
झारखंड में मौसम का दोहरा मिजाज: शुरुआती दिनों में आंधी और बाद में झमाझम बारिश
झारखंड में भी मई के इस अंतिम सप्ताह में मौसम के कई रूप देखने को मिलेंगे, जो लोगों को गर्मी से राहत दिलाएंगे। रांची मौसम केंद्र के अनुसार, राज्य की राजधानी रांची समेत जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, देवघर और पाकुड़ में इस पूरे हफ्ते बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। पंचांग और मौसम चक्र के अनुसार, 24 और 25 मई को राज्य के कई हिस्सों में तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना है, जिससे राहगीरों को संभलकर चलने की सलाह दी गई है। इसके बाद, 26 से 29 मई के दौरान मानसून के आगे बढ़ने के असर से झारखंड के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने का पूर्वानुमान है, जिससे वातावरण में ठंडक घुलेगी।
जम्मू-कश्मीर के मौसम में बड़ा बदलाव, श्रीनगर और जम्मू में गरज-चमक के साथ वर्षा
उत्तर भारत के शीर्ष पर स्थित केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला-बदला नजर आ रहा है। आईएमडी के नवीनतम और ताजा सैटेलाइट अपडेट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, जम्मू, पहलगाम, बारामूला, अनंतनाग और कठुआ जिलों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि 24 और 25 मई को इन सभी इलाकों में तेज कड़क के साथ गरज-चमक होगी और मध्यम से भारी स्तर की बारिश दर्ज की जाएगी। बारिश के साथ ही घाटी में ठंडी और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे आ जाएगा और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों में जुटे स्थानीय प्रशासन को भी सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
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