Assembly Election 2026: भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने साल 2026 के सबसे बड़े राजनीतिक मुकाबले की घोषणा कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के विस्तृत कार्यक्रम का अनावरण किया। इस घोषणा के साथ ही इन राज्यों में चुनावी हलचल तेज हो गई है और राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। चुनाव आयोग ने नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक की सभी महत्वपूर्ण तारीखों को स्पष्ट कर दिया है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार हो गई है।
Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल: दो चरणों में होगा सत्ता का संग्राम
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। राज्य में मौजूदा सरकार का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
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पहला चरण: गजट नोटिफिकेशन 30 मार्च को जारी होगा और नामांकन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल होगी। इस चरण के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा।
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दूसरा चरण: इसकी प्रक्रिया 2 अप्रैल से शुरू होगी और 9 अप्रैल तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को निर्धारित की गई है। बंगाल की सत्ता का फैसला 4 मई को नतीजों के साथ होगा।
Assembly Election 2026: असम, केरल और पुडुचेरी: 9 अप्रैल को एक साथ वोटिंग
असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव आयोग ने एकल चरण (Single Phase) में मतदान कराने का निर्णय लिया है। इन तीनों क्षेत्रों में चुनावी कैलेंडर एक समान है:
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शेड्यूल: गजट नोटिफिकेशन 16 मार्च को आएगा और 23 मार्च नामांकन की आखिरी तारीख होगी। इन तीनों राज्यों में 9 अप्रैल 2026 को वोट डाले जाएंगे। असम की 126 सीटों, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतदाता एक ही दिन करेंगे। इन राज्यों में सरकारों का कार्यकाल मई और जून में समाप्त हो रहा है।
तमिलनाडु: 234 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान
तमिलनाडु की राजनीति में 234 सीटों का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। यहाँ भी चुनाव एक ही चरण में संपन्न होगा। 30 मार्च को आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 6 अप्रैल तक चलेगी। तमिलनाडु की जनता 23 अप्रैल 2026 को अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी। यहाँ की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई को पूरा होने जा रहा है। 4 मई को आने वाले परिणाम यह तय करेंगे कि चेन्नई के ‘सेंट जॉर्ज फोर्ट’ पर इस बार किसका झंडा फहराएगा।
निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग की विराट तैयारी
चुनाव आयोग ने इस विशाल लोकतांत्रिक अभ्यास के लिए सुरक्षा और प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। लगभग 15 लाख मतदान कर्मियों और 8.5 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए 1,444 ऑब्जर्वर्स और हजारों माइक्रो ऑब्जर्वर्स की नियुक्ति की गई है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक 6.44 करोड़ मतदाता हैं, जबकि तमिलनाडु में 5.67 करोड़, केरल में 2.7 करोड़, असम में 2.25 करोड़ और पुडुचेरी में 9.44 लाख वोटर अपने अधिकारों का प्रयोग करेंगे। 4 मई को सभी राज्यों के परिणाम एक साथ घोषित किए जाएंगे।
