Nagpur Factory Blast: महाराष्ट्र के नागपुर जिले से एक अत्यंत दुखद और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। रविवार, 1 मार्च 2026 की सुबह औद्योगिक क्षेत्र में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब कटोल तहसील के राउलगांव स्थित ‘एसबीएल एनर्जी लिमिटेड’ (SBL Energy Limited) के कारखाने में एक भीषण विस्फोट हुआ। यह कंपनी मुख्य रूप से खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए विस्फोटक पदार्थ और एम्युनिशन बनाने का काम करती है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हृदयविदारक घटना में कम से कम 15 श्रमिकों की मौत हो गई है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कारखाने का एक हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।
Nagpur Factory Blast: सुबह की शिफ्ट में हुआ हादसा: मरने वालों में महिलाएं भी शामिल
शुरुआती जांच और रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जबरदस्त धमाका सुबह लगभग 6:45 बजे कारखाने के ‘नोनल क्रिम्पिंग प्लांट’ एरिया में हुआ। कर्मचारियों की शिफ्ट सुबह 6:00 बजे ही शुरू हुई थी। घटना के वक्त दो सुपरवाइजरों की देखरेख में लगभग 35 कर्मचारी वहां ड्यूटी पर तैनात थे। धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में भीषण आग लग गई, जिसने वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। जान गंवाने वालों में कई महिला श्रमिक भी शामिल हैं, जो फैक्ट्री के पैकिंग और असेंबली यूनिट में कार्यरत थीं। विस्फोट के कारणों का अभी सटीक पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि केमिकल प्रोसेसिंग के दौरान किसी तकनीकी खामी की वजह से यह हादसा हुआ।
Nagpur Factory Blast: युद्ध स्तर पर राहत कार्य: मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
विस्फोट की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। कलमेश्वर पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। घटना स्थल पर 18 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल पाए गए, जिन्हें स्थानीय एम्बुलेंस के जरिए तुरंत नागपुर शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस महानिरीक्षक (IG) संदीप पाटिल, जिला कलेक्टर विपिन इटांकर और पुलिस अधीक्षक (SP) हर्ष ए पोद्दार स्वयं मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं।
तकनीकी और वैज्ञानिक जांच शुरू: अधिकारियों ने दी जानकारी
आईजी संदीप पाटिल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर बुलाई गई है जो यह सुनिश्चित करेगी कि क्षेत्र अब सुरक्षित है। एसपी हर्ष पोद्दार ने कहा, “हम सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तकनीकी और वैज्ञानिक जांच कर रहे हैं ताकि विस्फोट की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।” पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) का पालन किया जा रहा था या नहीं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल: औद्योगिक बेल्ट में चिंता का माहौल
यह पहली बार नहीं है जब नागपुर की इस इंडस्ट्रियल बेल्ट में ऐसा हादसा हुआ हो। पिछले साल भी पास की ही एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने की घटना हुई थी। बार-बार हो रहे इन हादसों ने औद्योगिक सुरक्षा प्रोटोकॉल और ऑडिट की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने मांग की है कि विस्फोटक बनाने वाली कंपनियों के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं। वर्तमान में पूरी फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और मलबे के बीच अभी भी खोज अभियान जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और श्रमिक अंदर न फंसा हो।
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