Headline
Agniveer News
Agniveer News : अग्निवीरों को दिवाली का तोहफा, अब नियमित सैनिक बनने का मिलेगा अतिरिक्त मौका
PM Modi Diwali Wishes 2026
PM Modi Diwali Wishes 2026 : दिवाली पर PM मोदी ने देशवासियों को दी बधाई, जवानों संग मनाएंगे त्योहार, अयोध्या में भव्य दीपोत्सव
Ayodhya Deepotsav 2026
Ayodhya Deepotsav 2026 :  अयोध्या में दीपोत्सव की धूम, CM योगी ने की आरती, लाखों दीयों से जगमगाई रामनगरी
Ghaziabad Police Chowki Blast
Ghaziabad Police Chowki Blast : गाजियाबाद पुलिस चौकी धमाका, ‘गाजी 2’ अकाउंट के दावे से मचा हड़कंप, ATS जांच में जुटी
Weight Loss
Weight Loss: वजन घटाने के लिए प्रोटीन क्यों है जरूरी, जानिए इसके फायदे और सही मात्रा
Diwali 2026
Diwali 2026: दिवाली की रात कितने दीपक जलाएं, जानिए घर की किन जगहों पर रखना है शुभ
CBSE Board Exam 2027 Date Sheet OUT, 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं फरवरी से शुरू
Nishikant Dubey Statement : निशिकांत दुबे ने नेहरू पर साधा निशाना
ECMS Scheme 2026 : भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति की तैयारी, 118 नई यूनिट्स से बढ़ेंगे रोजगार और घटेगा आयात

Rangbhari Ekadashi 2026: इस रंगभरी एकादशी पर करें यह छोटा उपाय, महादेव हर लेंगे आपके सारे कष्ट

Rangbhari Ekadashi

Rangbhari Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। प्रत्येक माह के दोनों पक्षों में आने वाली यह तिथि मुख्य रूप से जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होती है। मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने वाले जातकों को मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। हालांकि, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे ‘रंगभरी एकादशी’ या ‘आमलकी एकादशी’ के नाम से जाना जाता है, अन्य एकादशियों से भिन्न और अद्वितीय है। यह एकमात्र ऐसी एकादशी है जिसका सीधा संबंध भगवान विष्णु के साथ-साथ देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती से भी है।

Rangbhari Ekadashi 2026: शिव-शक्ति के मिलन और काशी के उत्सव की पावन कथा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रंगभरी एकादशी का दिन भगवान शिव और माता पार्वती के वैवाहिक जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है। कहा जाता है कि इसी पावन तिथि पर बाबा विश्वनाथ, माता पार्वती का गौना (विवाह पश्चात विदाई) कराकर उन्हें पहली बार अपनी प्रिय नगरी काशी लेकर आए थे। अपने आराध्य देव और माता के स्वागत में पूरी काशी नगरी ने अबीर और गुलाल उड़ाकर खुशियां मनाई थीं। तब से लेकर आज तक, काशी में इस दिन भगवान शिव के साथ होली खेलने की परंपरा चली आ रही है। यही कारण है कि इस दिन शिवलिंग पर गुलाल अर्पित करना परम फलदायी माना जाता है।

Rangbhari Ekadashi 2026: शिवलिंग पर गुलाल चढ़ाने का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय लाभ

रंगभरी एकादशी के अवसर पर शिवलिंग पर गुलाल चढ़ाना केवल एक रस्म नहीं, बल्कि सौभाग्य प्राप्ति का द्वार है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन महादेव को अबीर-गुलाल अर्पित करने से घर में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता का संचार होता है। यह कार्य भगवान शिव और शक्ति की संयुक्त कृपा को आकर्षित करता है, जिससे साधक के जीवन में आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक शांति आती है। विशेष रूप से लाल और गुलाबी गुलाल चढ़ाना जीवन में प्रेम और उत्साह के रंगों को भर देता है।

पूजन की विधि: इस प्रकार करें महादेव और गौरी का अभिषेक

इस विशेष दिन की पूजा का पूर्ण लाभ उठाने के लिए शास्त्रोक्त विधि का पालन करना आवश्यक है। सर्वप्रथम प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मंदिर जाकर शिवलिंग पर सबसे पहले शुद्ध जल और गंगाजल की धारा अर्पित करें। इसके बाद पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से अभिषेक करें।

अभिषेक के पश्चात अपने दाहिने हाथ की अनामिका उंगली और अंगूठे के सहयोग से गुलाबी या लाल गुलाल लेकर शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक चढ़ाएं। इस दौरान “ॐ नमः शिवाय” या “ॐ गौरीशंकराय नमः” मंत्र का निरंतर जप करते रहें। महादेव के साथ माता पार्वती को भी लाल गुलाल और सुहाग की सामग्री (जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ियाँ) अर्पित करना न भूलें।

रंगभरी एकादशी 2026: विवाह और दांपत्य सुख के लिए वरदान

वर्ष 2026 में पड़ने वाली रंगभरी एकादशी उन जातकों के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है जिनके विवाह में विलंब हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन जो अविवाहित जातक शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करते हैं, उनके शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। वहीं, जिनका वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण चल रहा है या पति-पत्नी के बीच अक्सर क्लेश रहता है, उनके लिए इस दिन शिवलिंग पर अबीर चढ़ाना और माता पार्वती की विधिवत पूजा करना क्लेश दूर करने वाला और प्रेम बढ़ाने वाला सिद्ध होता है।

होली के त्योहार का आगाज़ और आध्यात्मिक उन्नति

सांस्कृतिक दृष्टि से रंगभरी एकादशी को ब्रज और काशी में होली के औपचारिक आरंभ का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व दर्शाता है कि आनंद और रंगों का उत्सव केवल सांसारिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक भी है। जो भक्त इस दिन नियमपूर्वक उपवास रखकर मंत्र जप और दान-पुण्य करते हैं, उनके जीवन की समस्त बाधाओं का निवारण स्वयं महादेव करते हैं। यह दिन भक्ति की पराकाष्ठा और शिव-शक्ति के प्रति पूर्ण समर्पण का दिन है, जो भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति के द्वार खोलता है।

Read More:  Yemen Crisis 2026: यमन में भड़की आजादी की आग, लाखों लोगों ने सड़कों पर उठाई अलग देश की मांग

One thought on “Rangbhari Ekadashi 2026: इस रंगभरी एकादशी पर करें यह छोटा उपाय, महादेव हर लेंगे आपके सारे कष्ट”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
धनतेरस पर खरीदारी के लिए बन रहे खास योग, जानें शुभ चौघड़िया 38 साल के हुए विराट कोहली, जानिए उनके करियर की 8 बड़ी उपलब्धियां इस दिवाली बाजार जैसे खूबसूरत दिखेंगे घर के दीये मिट्टी के दीयों से क्यों रोशन करते हैं घर? जानें इसका महत्व गुलमर्ग से औली तक, न्यू ईयर पर इन जगहों का करें दीदार