Headline
Manjalpur Bypoll Result
Manjalpur Bypoll Result: BJP की बड़ी जीत, सतीश पटेल ने 30 हजार+ वोटों से मारी बाजी
RSS Gen Z Outreach
RSS Gen Z Outreach: 100+ शहरों में युवाओं से संवाद करेंगे मोहन भागवत, बड़ा अभियान तैयार
Brij Bhushan Singh Case
Brij Bhushan Singh Case: बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत, कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में किया बरी
CWG 2026
CWG 2026: भारत के 39 मेडल पर PM मोदी का संदेश, खिलाड़ियों की मेहनत को सलाम
US-Iran Talks
US-Iran Talks: ट्रंप बोले- समझौता हुआ तो बचेगी कई लोगों की जान, आज से शुरू होगी वार्ता
Vitamin C in Monsoon
Vitamin C in Monsoon: सर्दी-जुकाम से बचाएगा Vitamin C, मानसून में डॉक्टरों की ये सलाह जरूर मानें हर दिन
Sawan 2026
Sawan 2026: सावन में अगर दिखें ये सपने, तो समझिए भोलेनाथ की कृपा बरसने वाली है
NEET UG Counselling 2026
NEET UG Counselling 2026: काउंसलिंग डेट घोषित, 8 सितंबर से शुरू होगा नया मेडिकल सत्र
World Breastfeeding Week
World Breastfeeding Week: स्तनपान से मां और बच्चे दोनों को फायदे, जानें मिथक और सच

Budget Session 2026: क्या ‘एपस्टीन फाइल्स’ के जिक्र से फंसे राहुल गांधी? बीजेपी लाई विशेषाधिकार हनन नोटिस

Budget Session

Budget Session 2026: बुधवार को संसद का बजट सत्र हंगामे और राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही के दौरान उस समय तनाव चरम पर पहुँच गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका के साथ हुए हालिया व्यापारिक समझौतों में भारत के राष्ट्रीय हितों को “बेच” दिया गया है। उनके इस बयान ने सत्ता पक्ष को पूरी तरह से आक्रोशित कर दिया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही बाधित हुई और दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई।

Budget Session 2026 : विदेशी नीति पर सवाल: “हम अमेरिका के नौकर नहीं हैं”

बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि केंद्र में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार होती, तो भारत बराबरी के स्तर पर बातचीत करता। राहुल ने कड़े लहजे में कहा, “हमें अमेरिकी राष्ट्रपति की आंखों में आंखें डालकर कहना चाहिए कि हम आपके नौकर नहीं हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत की संप्रभुता खतरे में है और अब अमेरिका यह तय कर रहा है कि भारत को किससे तेल खरीदना चाहिए और किससे नहीं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री अब स्वतंत्र रूप से देश के हित में फैसले नहीं ले पा रहे हैं।

Budget Session 2026: किसानों के हितों पर प्रहार और तेल खरीद का विवाद

राहुल गांधी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सरकार की वर्तमान आर्थिक नीतियां भारतीय किसानों के लिए विनाशकारी साबित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी व्यापार समझौतों के कारण भारतीय किसानों को कुचला जा रहा है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। राहुल ने दावा किया कि ऊर्जा और तेल खरीद के मामलों में भी भारत अपनी स्वतंत्रता खो चुका है। गांधी के इन आरोपों ने सदन में भारी शोर-शराबे की स्थिति पैदा कर दी, जहाँ सत्ता पक्ष के सांसदों ने इसे भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर धूमिल करने वाला बयान बताया।

किरेन रिजिजू का पलटवार: “देश को कोई बेच नहीं सकता”

राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मोर्चा संभाला। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह से तथ्यहीन, निराधार और असंसदीय करार दिया। रिजिजू ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि भारत एक सशक्त लोकतंत्र है और कोई भी व्यक्ति या संस्था भारत को खरीदने या बेचने की सोच भी नहीं सकती। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राहुल गांधी बिना किसी सबूत के प्रधानमंत्री और सरकार पर इतने गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जो संसदीय मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है।

विशेषाधिकार हनन का नोटिस: राहुल गांधी की बढ़ेंगी मुश्किलें?

किरेन रिजिजू ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का नोटिस दाखिल करने जा रही है। रिजिजू ने तर्क दिया कि लोकसभा और राज्यसभा के नियमों के अनुसार, यदि कोई सदस्य किसी दूसरे सदस्य या सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाता है, तो उसे पहले नोटिस देना होता है और अपने आरोपों को प्रमाणित करना होता है। उन्होंने स्पीकर से अनुरोध किया कि राहुल गांधी को सदन के पटल पर बुलाकर उनके दावों का प्रमाण मांगा जाए। रिजिजू ने यह भी जोड़ा कि राहुल ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ भी बिना किसी पूर्व सूचना के आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं, जो स्वीकार्य नहीं है।

Read More :  Jeffrey Epstein: व्हाइट हाउस की सफाई, ट्रंप ने जेफरी एपस्टीन से बहुत पहले ही तोड़ लिए थे सारे रिश्ते

One thought on “Budget Session 2026: क्या ‘एपस्टीन फाइल्स’ के जिक्र से फंसे राहुल गांधी? बीजेपी लाई विशेषाधिकार हनन नोटिस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
पहले सावन सोमवार की पूजा ऐसे करें सफल कहां से आया फ्रेंडशिप डे का विचार? तवे पर बार-बार चिपक रहा डोसा? नमक बरसात में क्यों पकड़ लेता है नमी? इन छोटे बदलावों से सिंपल ब्लाउज बनेगा डिजाइनर पीस