अतिथि देवो भव: का अर्थ और उसका मूल स्रोत “अतिथि देवो भव:” एक संस्कृत वाक्य है जिसका अर्थ है – ‘अतिथि देवता के समान होता है।’ यह वाक्य तैत्तिरीय उपनिषद् से लिया गया है। हिन्दू धर्म में माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति बिना पूर्व सूचना के हमारे घर आता है, तो वह स्वयं […]
