Pinarayi Vijayan ED Raid : केरल के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार की सुबह केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के ठिकानों पर अचानक छापेमारी शुरू कर दी है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी की यह बड़ी कार्रवाई राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित विजयन के किराए के आवास सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुल 13 महत्वपूर्ण ठिकानों पर एक साथ चल रही है.
केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में ईडी के आला अधिकारी सभी परिसरों में बारीकी से छानबीन कर रहे हैं. जांच एजेंसी के वरिष्ठ सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के कड़े प्रावधानों के तहत की जा रही है. इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से ही राज्य की सियासत में भारी उबाल आ गया है और इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं.
सीएमआरएल और वीना थैक्कंदियिल से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले में देशव्यापी छानबीन
ईडी की इस बड़ी कार्रवाई का केंद्र मुख्य रूप से कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़ा एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामला है. अधिकारियों के मुताबिक, केवल पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर ही नहीं, बल्कि राज्य के प्रमुख औद्योगिक और राजनीतिक केंद्रों जैसे कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और कोच्चि में भी 12 अन्य जगहों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. यह पूरा विवाद केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीना थैक्कंदियिल और उनकी आईटी फर्म ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसी को संदेह है कि इस वित्तीय सौदेबाजी में व्यापक स्तर पर अवैध पैसों का लेन-देन और टैक्स की हेराफेरी की गई है, जिसके पुख्ता सबूत जुटाने के लिए यह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
केरल उच्च न्यायालय से झटका लगते ही शुरू हुई जांच एजेंसी की आक्रामक कार्रवाई
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब प्रवर्तन निदेशालय की इस आक्रामक कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले केरल हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया. दरअसल, निजी कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) ने ईडी की इस संभावित जांच और कार्रवाई के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की थी. इस याचिका में कंपनी ने ईडी द्वारा दर्ज मामले को अवैध बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की थी. हालांकि, अदालत ने मामले की गंभीरता और ईडी के पास मौजूद प्राथमिक साक्ष्यों को देखते हुए सीएमआरएल की याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया. कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही केंद्रीय जांच एजेंसी ने बिना समय गंवाए अगले ही दिन तड़के सुबह राज्यव्यापी छापेमारी को अंजाम दे दिया.
क्या है एक्सालॉजिक-सीएमआरएल वित्तीय सौदा और मनी लॉन्ड्रिंग के संगीन आरोप?
इस पूरे विवाद की जड़ें कुछ साल पुरानी हैं, जिसने अब एक बड़ा कानूनी रूप ले लिया है. ईडी द्वारा लगाए गए आधिकारिक आरोपों के अनुसार, निजी क्षेत्र की खनन और रसायन कंपनी सीएमआरएल ने साल 2018 से 2019 के बीच एक बड़ा संदिग्ध वित्तीय हस्तांतरण किया था. आरोप है कि इस अवधि के दौरान कंपनी ने पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीना थैक्कंदियिल की आईटी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ को कुल 1.72 करोड़ रुपये का भारी-भरकम भुगतान किया था.’
जांच एजेंसियों का दावा है कि इस आईटी कंपनी ने सीएमआरएल को इसके बदले में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक या तकनीकी सेवा (सर्विस) प्रदान नहीं की थी. बिना किसी काम के इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर किए जाने को केंद्रीय एजेंसियों ने ‘अवैध भुगतान’ और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला माना है. इसी के आधार पर साल 2024 में पीएमएलए के तहत औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जांच अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.
