UK Social Media Ban : वैश्विक स्तर पर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की मुहिम तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलिया और कनाडा द्वारा उठाए गए सख्त कदमों के बाद, अब यूनाइटेड किंगडम (UK) की सरकार ने भी बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से दूर रखने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे देश के भविष्य के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा कदम बताया है। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने घोषणा की है कि सरकार आगामी क्रिसमस से पहले इस संबंध में नया कानून पारित करने की पूरी योजना बना रही है। इस नए नियम के तहत सभी सुरक्षा उपायों को फरवरी या मार्च 2027 तक पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा।
सोशल मीडिया के अंतहीन स्क्रॉलिंग जाल में फंसकर बच्चों का बचपन हो रहा बर्बाद
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए इस फैसले के पीछे की वजह बताई। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक बच्चों की जिंदगी के हर पहलू में इस कदर दाखिल हो चुकी है कि इससे उनकी मासूमियत छिन रही है। उन्होंने माता-पिता (पेरेंट्स) से मिले फीडबैक का हवाला देते हुए कहा कि हजारों बच्चों को सोशल मीडिया की खतरनाक लत लग चुकी है। यह लत उन्हें कभी न खत्म होने वाले ‘अंधाधुंध स्क्रॉलिंग’ के चक्कर में फंसा देती है, जिसके कारण बच्चों के पास मैदान में खेलने, चैन से सोने और अपने परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का मौका ही नहीं बचता।
टेक कंपनियों के भारी विरोध का सामना करने और बच्चों को सुरक्षा देने का संकल्प
ब्रितानी प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का यह कठोर फैसला विभिन्न वैज्ञानिक और सामाजिक सबूतों को देखने के बाद लिया गया है। उन्होंने ईमानदारी से स्वीकार किया कि यह प्रतिबंध लगाना कोई आसान काम नहीं है और इसके लिए सरकार को दुनिया की कुछ सबसे अमीर और ताकतवर टेक कंपनियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा। स्टार्मर ने दृढ़ता से कहा, “हम इन बड़ी कंपनियों का सामना करेंगे और जीतेंगे, क्योंकि सोशल मीडिया हमारे बच्चों को उदास, दुखी और असुरक्षित बना रहा है। एक अभिभावक और प्रधानमंत्री के तौर पर मैं इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता।”
ऑस्ट्रेलियाई मॉडल पर आधारित होगा प्रतिबंध, व्हाट्सएप जैसी सेवाएं रहेंगी बाहर
ब्रिटिश सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस कानून को अमलीजामा पहनाने के लिए यूके के अधिकारी पूरी तरह से ऑस्ट्रेलियाई मॉडल का अनुसरण करने का प्लान बना रहे हैं। इस पूर्ण प्रतिबंध के दायरे में मुख्य रूप से स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (X) जैसे बेहद लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। हालांकि, आम लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए व्हाट्सएप (WhatsApp) और सिग्नल (Signal) जैसी पर्सनल मैसेजिंग सेवाओं को फिलहाल इस कड़े प्रतिबंध के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है ताकि आवश्यक संवाद प्रभावित न हो।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले रोमांटिक चैटबॉट्स पर भी कड़ा पहरा
इस नए कानून में सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि उभरती हुई तकनीक के खतरों को भी शामिल किया गया है। यूके सरकार ने साफ किया है कि तथाकथित एआई ‘रोमांटिक पार्टनर’ चैटबॉट, जो यूजर्स के साथ काल्पनिक यौन संबंध या एडल्ट रोलप्ले दिखाने के लिए डिजाइन किए गए हैं, उन पर भी सख्त पाबंदी होगी। इस प्रकार के किसी भी इंटिमेट फंक्शनैलिटी वाले एआई चैटबॉट का उपयोग करने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष तय की जाएगी। 18 साल से कम उम्र के किशोरों के लिए डिजिटल दुनिया में ऐसी संवेदनशील और अश्लील एआई गतिविधियों को अधिकांश जगहों पर पूरी तरह रिस्ट्रिक्ट (प्रतिबंधित) कर दिया जाएगा।
सर्वेक्षण में 10 में से 9 माता-पिता ने किया इस कड़े कानून का समर्थन
ब्रिटिश सरकार का यह बड़ा ऐलान देश भर में व्यापक स्तर पर माता-पिता और युवाओं के साथ किए गए गहन परामर्श के बाद किया गया है। सरकारी आंकड़ों और सर्वेक्षण के नतीजों से यह साफ हुआ है कि जनता इस सख्त कार्रवाई का भरपूर समर्थन कर रही है। देश के लगभग 10 में से 9 माता-पिता ने कहा कि वे 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन के पक्ष में हैं। केवल अभिभावक ही नहीं, बल्कि दो-तिहाई युवाओं ने भी इस बात पर अपनी सहमति जताई है कि बच्चों के मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए उन्हें कुछ चुनिंदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से दूर रखना बेहद जरूरी है।
