Headline
CBSE Board Exam 2027 Date Sheet OUT, 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं फरवरी से शुरू
Nishikant Dubey Statement : निशिकांत दुबे ने नेहरू पर साधा निशाना
ECMS Scheme 2026 : भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति की तैयारी, 118 नई यूनिट्स से बढ़ेंगे रोजगार और घटेगा आयात
UP Farmers News Today : यूपी में किसानों और आपदा पीड़ितों को बड़ी राहत, मुआवजा राशि में हुआ भारी इजाफा
Dhanteras 2026
Dhanteras 2026 : धनतेरस पर PM मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं, भगवान धन्वंतरि से की सुख-स्वास्थ्य की कामना
Iron Deficiency in Men
Iron Deficiency in Men : पुरुषों में आयरन की कमी के 6 संकेत, जानिए कब हो जाएं सावधान
Dhanteras Puja Muhurat
Dhanteras Puja Muhurat : धनतेरस पर शाम को इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, जानें क्या है खास धार्मिक महत्व
Hardeep Singh Puri
Hardeep Singh Puri मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज, निर्विरोध जीत दर्ज
Agniveer Scheme New Rules: अग्निवीरों को मिलेगा दो साल एक्सटेंशन, शादी की अनुमति पर भी विचार

शुक्र प्रदोष व्रत: 25 अप्रैल को शिव कृपा पाने का श्रेष्ठ योग, विधि-विधान से पूजा करने पर मिलता है मोक्ष

शुक्र प्रदोष व्रत: 25 अप्रैल को शिव कृपा पाने का श्रेष्ठ योग, विधि-विधान से पूजा करने पर मिलता है मोक्ष

25 अप्रैल को वैशाख मास का पहला प्रदोष व्रत रखा जाएगा, जो शुक्रवार को पड़ने के कारण शुक्र प्रदोष व्रत कहलाएगा। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। शिव पुराण के अनुसार, प्रदोष व्रत करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्त को सुख, शांति व मोक्ष का आशीर्वाद देते हैं। पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 25 अप्रैल को सुबह 11:44 बजे होगी और इसका समापन 26 अप्रैल को सुबह 8:27 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार व्रत 25 अप्रैल को ही मान्य रहेगा।

शुक्र प्रदोष व्रत में ऐसे पाएं शिव कृपा, जानें पूजा-विधान

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक विशेष व्रत है। वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 25 अप्रैल को शुक्रवार को पड़ रही है, इसलिए यह व्रत शुक्र प्रदोष के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन शिवभक्त दिनभर उपवास रखते हैं और प्रदोष काल में शिवलिंग की विधिवत पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख, समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है।

क्या करें प्रदोष व्रत में?

प्रदोष व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। व्रत का संकल्प लेकर शिवलिंग पर बेलपत्र, गंगाजल, दूध, दही, शहद आदि चढ़ाएं। चंदन, रोली और पुष्पों से शिवलिंग को सजाएं। रुद्राभिषेक और जलाभिषेक करें। शिव पुराण का पाठ करें और प्रदोष काल में धूप-दीप जलाकर आरती करें। इस दिन ब्राह्मणों, गरीबों और ज़रूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, फल, अन्न, काले तिल और गाय का दान करें।

क्या न करें प्रदोष व्रत में?

इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए, खासकर प्रदोष काल में कुछ भी खाना-पीना वर्जित होता है। मांसाहार, शराब, और तामसिक भोजन से दूर रहें। काले वस्त्र न पहनें, झूठ न बोलें और किसी का अपमान न करें। मन में किसी के प्रति नकारात्मक विचार नहीं लाएं।

व्रत से जुड़ी पौराणिक मान्यता

शिव पुराण के अनुसार, इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
धनतेरस पर खरीदारी के लिए बन रहे खास योग, जानें शुभ चौघड़िया 38 साल के हुए विराट कोहली, जानिए उनके करियर की 8 बड़ी उपलब्धियां इस दिवाली बाजार जैसे खूबसूरत दिखेंगे घर के दीये मिट्टी के दीयों से क्यों रोशन करते हैं घर? जानें इसका महत्व गुलमर्ग से औली तक, न्यू ईयर पर इन जगहों का करें दीदार