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US Iran Peace Deal : अमेरिका-ईरान शांति समझौते से वैश्विक मंच पर छाई खुशी, अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने किया स्वागत

US Iran Peace Deal

US Iran Peace Deal : विश्व राजनीति के मंच से एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से टकराव की स्थिति का सामना कर रहे अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार एक ऐतिहासिक शांति समझौता हो गया है। इस समझौते की खबर आते ही दुनिया भर के तमाम बड़े देशों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और बड़े नेताओं ने इस कदम का पुरजोर स्वागत किया है। वैश्विक नेताओं ने इस समझौते को आधुनिक दौर की एक बहुत बड़ी राजनयिक सफलता करार दिया है। इस महत्वपूर्ण पहल से न केवल दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम पूरी दुनिया पर सकारात्मक रूप से दिखाई देंगे।

पश्चिम एशिया में लौटेगी स्थिरता, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से आर्थिक मंदी का खतरा होगा दूर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते के लागू होने से लंबे समय से अशांत चल रहे पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के क्षेत्र में एक बार फिर स्थिरता और शांति की बहाली होगी। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि रणनीतिक और व्यापारिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाने वाला ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) इसके बाद दोबारा खोल दिया जाएगा। इस मार्ग के खुलने से पश्चिमी एशिया के देशों पर बना हुआ भारी आर्थिक दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में चल रहे युद्ध को 100 दिनों से भी अधिक का समय हो चुका था। हालांकि, बीच में सीजफायर (युद्धविराम) की घोषणा भी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद रहने के कारण दुनिया भर के व्यापारिक जहाजों की आवाजाही ठप थी, जिससे पश्चिमी एशिया के सभी देशों को हर दिन भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा था।

कतर ने समझौते को सराहा, विदेश मंत्रालय ने कहा- यह स्थायी शांति की दिशा में अहम कदम

इस ऐतिहासिक शांति समझौते की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है। कतर, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और फ्रांस जैसे प्रभावशाली देशों ने खुलकर इस समझौते का समर्थन किया है। इन देशों के नेताओं ने दोनों पक्षों से इस समझौते को पूरी तरह से जमीन पर लागू करने की अपील की है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि हम संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच हुए इस समझौता ज्ञापन का स्वागत करते हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि कतर भविष्य में होने वाली सभी वार्ताओं को एक सकारात्मक और रचनात्मक भावना के साथ आगे बढ़ाएगा। वहीं, कतर के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह समझौता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थायी शांति को मजबूत करने तथा वैश्विक आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक क्रांतिकारी मील का पत्थर साबित होगा।

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने जताई उम्मीद, कहा- दुनिया को लंबे समय से था इसका इंतजार

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने भी इस पूरे घटनाक्रम की दिल खोलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह हमारे क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल तैयार करने के लिए उठाया गया एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण कदम है। एर्दोगन ने विश्वास जताते हुए कहा, “मुझे पूरी उम्मीद है कि यह ऐतिहासिक खबर, जिसका पूरी दुनिया बहुत लंबे समय से इंतजार कर रही थी, हमारे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का एक स्थायी वातावरण स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।” इसके साथ ही, उन्होंने किसी भी तरह के बाहरी उकसावों के प्रति सभी पक्षों को आगाह भी किया। राष्ट्रपति एर्दोगन ने इस पूरी जटिल राजनयिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और सहयोग देने के लिए कतर और सऊदी अरब को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने दी बधाई, समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने का दिया भरोसा

यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस समझौते को युद्ध की समाप्ति, क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा सुरक्षित खोलने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ बताया। प्रधानमंत्री स्टारमर ने कहा, “मैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान, कतर सहित अन्य देशों के उन सभी मध्यस्थों को बधाई देता हूं, जिन्होंने अपनी अथक मेहनत से इस बड़ी सफलता को मुमकिन बनाया है।”

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि समझौते के सभी नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए। स्टारमर ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार प्राप्त नहीं करने दिए जाने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर तकनीकी वार्ता और समुद्री सुरक्षा के प्रयासों में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है, जिसमें समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगों को हटाने का विशेष अभियान भी शामिल है।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने बताया बड़ी राजनयिक उपलब्धि, वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिलेगी संजीवनी

जर्मनी के नवनियुक्त चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भी इस शांति समझौते का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उन्होंने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से एक युगांतरकारी राजनयिक उपलब्धि बताया। जर्मन चांसलर ने अपने संदेश में लिखा, “मैं अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस ऐतिहासिक समझौते का स्वागत करता हूं। इस शानदार राजनयिक सफलता के लिए मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व दोनों को बधाई देता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि इस महत्वपूर्ण कदम से न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक नई संजीवनी मिलेगी और वह पुनर्जीवित होगी, बल्कि इसके कारण पूरा मिडिल ईस्ट क्षेत्र आने वाले समय में पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और स्थिर बन सकेगा।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की अपील, प्रतिबंधों के बिना तत्काल खुले होर्मुज जलडमरूमध्य

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने इस समझौते की सराहना करते हुए इसे बिना किसी देरी के जल्द से जल्द लागू करने का पुरजोर आह्वान किया है। मैक्रॉन ने विशेष रूप से बिना किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध के होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत फिर से खोलने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “इस शांति समझौते के माध्यम से होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और बिना किसी शर्त के जहाजों की आवाजाही के लिए खोला जाना चाहिए।” मैक्रॉन ने यह भी साफ किया कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समुद्री यातायात को पूरी तरह से बहाल करने के वैश्विक प्रयासों का पूरा समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समझौते के बाद ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ क्षेत्र की अन्य सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए एक व्यापक संवाद का रास्ता खुलेगा।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की आधिकारिक घोषणा, 19 जून को स्विटजरलैंड में होंगे हस्ताक्षर

इस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए दुनिया को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता पूरी तरह से संपन्न हो चुका है। ट्रंप ने घोषणा की कि इस ऐतिहासिक दस्तावेज पर आगामी 19 जून को स्विटजरलैंड में दोनों देशों द्वारा आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। ट्रंप ने बड़े ही उत्साह के साथ ट्रुथ सोशल पर लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता पूरा हो गया है। सभी को बहुत-बहुत बधाई! दुनिया भर के जहाजों, अपने-अपने इंजन चालू करो। तेल को बहने दो!” हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बड़े दावे और उत्साह के बावजूद, अभी तक ईरान सरकार या वहां के विदेश मंत्रालय की तरफ से इस समझौते को लेकर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।

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