Rahul Gandhi Claim : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार (3 जून 2026) को दिल्ली में आयोजित ‘राष्ट्रीय आदिवासी प्रोफेशनल कॉन्क्लेव’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ‘आदिवासी’ और ‘वनवासी’ शब्दों के बीच के गहरे वैचारिक अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि आदिवासी समुदाय ही भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की असली जड़ है। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस की नीतियां आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन के मूल अधिकारों से पूरी तरह वंचित रखने के लिए बनाई गई हैं, जिसके खिलाफ कांग्रेस हमेशा खड़ी रहेगी।
आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प
आदिवासी प्रोफेशनल्स कॉन्क्लेव 2026 के मंच पर राहुल गांधी ने सबसे पहले भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने देश भर से आए आदिवासी बुद्धिजीवियों और प्रोफेशनल्स के साथ उनके हक और अधिकारों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। नेता प्रतिपक्ष ने आदिवासी समाज को आश्वस्त करते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी और मैं व्यक्तिगत रूप से आपके सभी संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करते हैं। आपकी जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए हम हर संभव कदम उठाने और हर मोर्चे पर आखिरी दम तक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।” इस खास मौके पर कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रमुख विक्रांत भूरिया ने राहुल गांधी को पारंपरिक आदिवासी टोपी और अंगवस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया।
देश में भयंकर आर्थिक सुनामी आने का दावा
कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर एक बेहद डरावनी भविष्यवाणी की। उन्होंने दावा किया कि भारत के भीतर एक बहुत ही भयंकर आर्थिक सुनामी दस्तक देने वाली है, जिसे अब कोई रोक नहीं सकता। राहुल गांधी ने कहा, “आने वाले दिनों में देश में हर छोटी-बड़ी चीज के दाम आसमान छूने वाले हैं। हिंदुस्तान के गरीब और मध्यम वर्ग को बचाने वाला जो पुराना आर्थिक प्रोटेक्शन सिस्टम था, उसे बीजेपी सरकार ने पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप देश में जल्द ही एक ऐसा अभूतपूर्व आर्थिक संकट (इकोनॉमिक क्राइसिस) पैदा होने जा रहा है, जो आज तक इस देश के किसी भी नागरिक ने अपने पूरे जीवन में कभी नहीं देखा होगा।”
सरकारी तंत्र में आंतरिक विद्रोह का दावा
कांग्रेस नेता ने अपने भाषण में देश के भीतर चल रहे प्रशासनिक घटनाक्रमों पर भी सनसनीखेज खुलासे किए। उन्होंने कहा कि आज हिंदुस्तान के अंदर सरकारी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के भीतर ही एक बड़ा आंतरिक विद्रोह (इंस्टीट्यूशनल रिवोल्ट) सुलग रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया, “अगर कोई यह सोचता है कि चुनाव आयोग आज भी पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में है, तो वह गलत है। तीन साल पहले तक सब कुछ उनके वश में था, लेकिन अब मुख्य चुनाव आयुक्त के संदेश खुद मेरे पास आ रहे हैं। देश की सीनियर ज्यूडिशरी (न्यायपालिका), खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी और प्रशासनिक अमला अंदर ही अंदर इस दमनकारी सिस्टम के खिलाफ विद्रोह कर रहा है। वे हमें खुद बता रहे हैं कि सरकार का जो नियंत्रण सिस्टम पर था, वह अब पूरी तरह से कोलैप्स (ध्वस्त) हो रहा है।”
‘एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे नरेंद्र मोदी‘
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पूरा सरकारी तंत्र अंदर से बुरी तरह हिल चुका है और अधिकारियों को अपने भविष्य का डर सता रहा है। उन्होंने दावा किया, “मेरे पास इस समय सरकारी सिस्टम के अंदर बैठे लोगों के जरिए पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उनके बेटे, अन्य कैबिनेट मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बारे में पल-पल की गुप्त जानकारियां और इनपुट्स आते रहते हैं। मुमकिन है कि अपनी कमजोर होती स्थिति को देखकर सरकार जनता के आक्रोश को दबाने के लिए देश में इमरजेंसी (आपातकाल) जैसी क्रूर चीजें लागू कर दे। लेकिन मेरा साफ अंदाजा है कि नरेंद्र मोदी अब एक साल के भीतर देश के प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे और यह सरकार गिर जाएगी।”
