Karnataka CM News : कर्नाटक कांग्रेस में पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान आखिरकार समाप्त हो गई है। लंबे समय से जारी राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दोनों ही शामिल हुए। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि राहुल गांधी का फैसला ही अंतिम और सभी को मान्य होगा। आलाकमान के इसी निर्देश के बाद सिद्धारमैया को अपने पद से हटने का फैसला करना पड़ा, जिससे अब डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने स्वीकारा इस्तीफा
राजनीतिक घटनाक्रम के तहत मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। जिस समय उन्होंने इस्तीफा दिया, उस वक्त राज्यपाल थावरचंद गहलोत बेंगलुरु में उपस्थित नहीं थे, जिसके कारण सिद्धारमैया ने अपना आधिकारिक त्यागपत्र राजभवन के सचिव को सौंप दिया था। हालांकि, बेंगलुरु लौटते ही राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया के इस्तीफे को औपचारिक रूप से मंजूर कर लिया। इस मंजूरी के साथ ही राज्य में नए नेतृत्व की कमान संभालने की तैयारियां तेज हो गई हैं और माना जा रही है कि डीके शिवकुमार अगले सप्ताह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
जून के पहले सप्ताह में होगा शपथ ग्रहण समारोह
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए 1 जून या 3 जून की तारीख तय की जा सकती है। शिवकुमार काफी लंबे समय से मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे थे। अब जब आलाकमान ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है, तो राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में बेंगलुरु में एक भव्य समारोह के दौरान डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में गोपनीयता और पद की शपथ लेंगे।
सरकार में संतुलन के लिए बन सकते हैं चार डिप्टी सीएम
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक सरकार में सामाजिक, जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को बनाए रखना पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस संतुलन को साधने के लिए नए मंत्रिमंडल में चार उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) नियुक्त किए जाने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही, सिद्धारमैया के कार्यकाल के कई मौजूदा मंत्रियों को डीके शिवकुमार के नए मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है, जिससे नए चेहरों को मौका मिल सके।
दिल्ली में आगामी मंत्रिमंडल और राज्यसभा उम्मीदवारों पर चर्चा
आने वाले दिनों में सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ दिल्ली में एक और महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा नए मंत्रिमंडल का गठन, मंत्रियों के विभागों का बंटवारा, आगामी राज्यसभा सीटों के उम्मीदवार और विधान परिषद (MLC) के प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाना होगा। इस फेरबदल का उद्देश्य संगठन और सरकार दोनों को मजबूत करना है।
‘मेरा राजनीतिक जीवन एक खुली किताब है’ – सिद्धारमैया
पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘हाईकमान के निर्देशानुसार मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मेरे लिए हमेशा से कर्नाटक राज्य और यहाँ की जनता का हित सर्वोपरि रहा है।’ अपने 50 साल के लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे कभी भी सत्ता, पद या पैसे के पीछे नहीं भागे और न ही उन्होंने कोई अवैध संपत्ति बनाई है। मतदाताओं की निस्वार्थ सेवा ही उनका एकमात्र लक्ष्य रहा है और उनका पूरा राजनीतिक जीवन जनता के सामने एक खुली किताब की तरह है।
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