Operation Sindoor Anniversary : आज 7 मई की तारीख भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। यह वही दिन है जब भारत ने पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले का न केवल करारा जवाब दिया, बल्कि पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंक के संरक्षकों को नेस्तनाबूद कर दिया था। केंद्र सरकार और सेना ने इस ऐतिहासिक जवाबी कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया था। भारतीय सशस्त्र बलों के पराक्रम का ही परिणाम था कि पाकिस्तान को महज 72 घंटों के भीतर घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा। आज इस सैन्य अभियान की पहली वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष और प्रतीकात्मक कदम उठाकर पूरे देश का ध्यान खींचा है।
पीएम मोदी का डिजिटल संदेश: एक्स पर बदली अपनी प्रोफाइल तस्वीर
ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने के गौरवशाली अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदल दी है। नई तस्वीर में ऑपरेशन सिंदूर का आधिकारिक लोगो प्रमुखता से दिखाई दे रहा है, जिसके ऊपर भारत का गौरवशाली तिरंगा शान से लहरा रहा है। प्रधानमंत्री का यह कदम भारतीय सेना के शौर्य के प्रति उनके सम्मान और आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को दर्शाता है। यह डिजिटल बदलाव देखते ही देखते वायरल हो गया और देशवासियों ने इसे राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक बताया।
अद्वितीय साहस और सटीक प्रहार का प्रदर्शन
इस खास मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक साल पहले आज ही के दिन हमारी सशस्त्र सेनाओं ने वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद दुनिया को नहीं थी। पीएम मोदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे जवानों ने अद्वितीय साहस, सटीकता और अटूट दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। उन्होंने उन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया जिन्होंने पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने का दुस्साहस किया था। आज पूरा देश हमारी सेनाओं के अदम्य शौर्य को सलाम कर रहा है।” प्रधानमंत्री के शब्दों ने एक बार फिर उस सैन्य अभियान की यादें ताजा कर दीं जिसने दुश्मन के खेमे में खलबली मचा दी थी।
राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की सबसे दृढ़ प्रतिक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन महज एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रमाण था। इसने दुनिया के सामने भारतीय सशस्त्र सेनाओं की व्यावसायिकता, युद्धक तत्परता और तीनों सेनाओं की समन्वित शक्ति (Combined Power) को उजागर किया है। पीएम ने जोर देकर कहा कि इस अभियान की सफलता ने यह भी सिद्ध कर दिया कि रक्षा क्षेत्र में भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ ने हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को कितनी मजबूती प्रदान की है।
आतंकवाद के इकोसिस्टम को नष्ट करने का संकल्प
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने भविष्य की चुनौतियों पर भी कड़ा रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आतंकवाद को पराजित करने का हमारा संकल्प आज पहले से कहीं अधिक दृढ़ है। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि भारत न केवल आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि उस पूरे समर्थक तंत्र (Ecosystem) को भी नष्ट कर देगा जो आतंक की खेती करता है। सरकार का यह संदेश स्पष्ट है कि भारत की शांति में खलल डालने वालों को उनकी अपनी भाषा में जवाब देना देश अच्छी तरह जानता है।
ऑपरेशन सिंदूर: जब सेना ने 3 दिन में लिख दिया नया इतिहास
ज्ञात हो कि एक साल पहले पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसमें थल सेना और वायु सेना के सटीक तालमेल ने दुश्मन के उन अड्डों को निशाना बनाया जहां से आतंकियों को ट्रेनिंग और रसद दी जा रही थी। इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी खासियत इसकी गति थी; 3 दिनों के भीतर ही भारत ने अपने लक्ष्य हासिल कर लिए और सीमा पार बैठे आकाओं को यह संदेश दे दिया कि ‘नया भारत’ अब घर में घुसकर मारता है। आज पूरा देश इस शौर्य दिवस को मनाते हुए अपने वीर सपूतों को याद कर रहा है।
