Headline
DC vs MI
DC vs MI : समीर रिजवी का दिल्ली में तूफान, मुंबई इंडियंस को चटाई धूल, दिल्ली की लगातार दूसरी जीत
PM Modi Kerala rally
PM Modi Kerala rally : केरल में पीएम मोदी की हुंकार, 4 मई को बनेगी एनडीए सरकार, विपक्ष का सफाया
Justice Nagarathna
Justice Nagarathna : जस्टिस नागरत्ना का बड़ा बयान, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता ही भारतीय लोकतंत्र की असली नींव
Iran-US War 2026
Iran-US War 2026: ईरान ने गिराए अमेरिका के 2 घातक फाइटर जेट, बौखलाए ट्रंप बोले- ‘यह युद्ध है!’
Green Sanvi Ship
Green Sanvi Ship : होर्मुज जलडमरूमध्य से निकला भारतीय जहाज ‘Green Sanvi’, 44000 टन LPG लेकर आ रहा है मुंबई!
Headache Symptoms
Headache Symptoms: बार-बार होने वाला सिरदर्द है खतरे की घंटी, इन गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत!
Shani Dev Upay: शनिवार को करें ये काम, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मिलेगी तुरंत मुक्ति!
Amit Shah Assam Rally
Amit Shah Assam Rally : यूनिफॉर्म सिविल कोड से रुकेगी घुसपैठ, अमित शाह ने असम में भरी हुंकार
Malda Conspiracy
Malda Conspiracy : मालदा कांड की साजिश का पर्दाफाश, AIMIM और ISF नेताओं की गिरफ्तारी से गरमाई बंगाल की सियासत

Kaliyug Ke Dev: कलयुग में आज भी जीवित हैं हनुमान जी! जानें धरती पर कहां है बजरंगबली का वह गुप्त निवास?

Kaliyug Ke Dev

Kaliyug Ke Dev:  सनातन धर्म में हनुमान जी को कलयुग का सबसे प्रभावशाली और जाग्रत देवता माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अंजनी पुत्र हनुमान आज भी सशरीर इस धरती पर विचरण कर रहे हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि प्रभु श्री राम ने उन्हें अमरता का वरदान दिया था, जिसके कारण उन्हें ‘चिरंजीवी’ कहा जाता है। हनुमान जी वास्तव में भगवान शिव के ही ग्यारहवें रुद्रावतार हैं। वे न केवल त्रेतायुग में श्री राम के साथ थे, बल्कि द्वापर में भी अर्जुन के रथ पर ध्वज के रूप में विराजमान थे। आज के इस कठिन दौर यानी कलयुग में हनुमान जी की भक्ति को संकटों से मुक्ति पाने का सबसे सरल और अचूक माध्यम माना जाता है।

Kaliyug Ke Dev:  भक्तों के संकट हरने वाले पवनपुत्र

बजरंगबली के बारे में यह प्रचलित है कि जो भी भक्त सच्चे मन और पूर्ण विधि-विधान से उनकी शरण में आता है, उसके जीवन से दरिद्रता, भय और बीमारियां कोसों दूर भाग जाती हैं। हनुमान जी की पूजा केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि अटूट विश्वास का प्रतीक है। उनकी कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। माना जाता है कि हनुमान जी आज भी अपने आराध्य प्रभु श्री राम की भक्ति में लीन रहते हैं, लेकिन वे अपने भक्तों की पुकार सुनकर तत्काल उनकी सहायता के लिए पहुंच जाते हैं। हालांकि, दुनिया की नजरों से दूर एक ऐसी गुप्त जगह है जिसे हनुमान जी का वर्तमान निवास स्थान माना जाता है।

Kaliyug Ke Dev:  गंधमादन पर्वत: हनुमान जी का रहस्यमयी ठिकाना

पौराणिक कथाओं और पुराणों के साक्ष्यों के अनुसार, कलयुग में हनुमान जी का स्थायी निवास गंधमादन पर्वत पर है। यह कोई सामान्य स्थान नहीं, बल्कि अत्यंत दिव्य और सिद्ध स्थान है। भौगोलिक दृष्टि से यह स्थान कैलाश पर्वत के उत्तर में और सुमेरु पर्वत के समीप स्थित माना जाता है। विद्वानों का मत है कि यह पवित्र पर्वत कैलाश मानसरोवर और बद्रीनाथ धाम के मध्य स्थित है। यह स्थान इतना दुर्गम और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है कि यहाँ केवल सिद्ध ऋषि-मुनि ही पहुंच पाते हैं। इसी गंधमादन पर्वत पर हनुमान जी निरंतर राम नाम का जप करते हुए वास करते हैं।

शास्त्रों और लोककथाओं में पर्वत की दिव्यता

गंधमादन पर्वत का महत्व केवल हिंदू धर्मग्रंथों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बौद्ध साहित्य में भी इसकी महिमा का वर्णन मिलता है। शास्त्रों की मानें तो इस पर्वत पर यक्ष, गंधर्व, अप्सराएं और किन्नर निवास करते हैं। भागवत पुराण के अनुसार, जब भगवान श्री राम अपनी लीला पूर्ण कर वैकुंठ लोक प्रस्थान कर रहे थे, तब उन्होंने हनुमान जी को निर्देश दिया था कि वे कलयुग के अंत तक धर्म की रक्षा के लिए इसी धरती पर निवास करेंगे। तभी से हनुमान जी ने गंधमादन पर्वत को अपनी तपस्थली बनाया है।

महाभारत काल और भीम का अहंकार मर्दन

गंधमादन पर्वत का ऐतिहासिक संबंध द्वापर युग और महाभारत से भी जुड़ा है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब पांडव वनवास पर थे, तब शक्तिशाली भीम को अपनी शक्ति पर अहंकार हो गया था। भीम का यह गर्व चूर करने के लिए हनुमान जी ने इसी गंधमादन पर्वत पर एक वृद्ध वानर का रूप धारण किया था। उन्होंने अपनी पूंछ भीम के रास्ते में रख दी थी, जिसे भीम पूरी शक्ति लगाने के बाद भी हिला नहीं पाए थे। यहीं पर भीम को हनुमान जी के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान हुआ था। आज भी यह माना जाता है कि इस पर्वत के आसपास की अदृश्य शक्तियां हनुमान जी की उपस्थिति का प्रमाण देती हैं।

Read More:  PM Modi in Gujarat: विरासत और विज्ञान का संगम! पीएम मोदी ने किया सम्राट सम्प्रति म्यूजियम का उद्घाटन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top