IND vs ENG: भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराते हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। मुंबई के प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए रोंगटे खड़े कर देने वाले दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने डिफेंडिंग चैंपियन इंग्लैंड को 7 रनों से पटखनी दी। इस जीत के साथ ही भारत ने चौथी बार इस छोटे फॉर्मेट के विश्व कप के फाइनल में कदम रखा है। इससे पहले टीम इंडिया 2007, 2014 और 2024 में भी खिताबी मुकाबले तक का सफर तय कर चुकी है। इस जीत ने न केवल करोड़ों भारतीय फैंस को जश्न मनाने का मौका दिया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि नॉकआउट मैचों में दबाव झेलने में भारतीय युवा ब्रिगेड का कोई सानी नहीं है।
वानखेड़े में रनों की बारिश: भारत ने खड़ा किया 253 रनों का विशाल लक्ष्य
मैच की शुरुआत इंग्लैंड के पक्ष में रही जब कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के इरादे कुछ और ही थे। टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 253 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी सेमीफाइनल मैच का सबसे बड़ा स्कोर है। भारतीय पारी की जान रहे संजू सैमसन, जिन्होंने मैदान के चारों ओर चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए 89 रनों की धमाकेदार पारी खेली। सैमसन की इस बल्लेबाजी ने इंग्लिश गेंदबाजों के मनोबल को पूरी तरह तोड़ दिया और भारत को एक ऐसी स्थिति में पहुँचा दिया जहाँ से हारना मुश्किल लग रहा था।
मिडिल ऑर्डर का कमाल: दुबे, किशन और तिलक का शानदार योगदान
सिर्फ संजू ही नहीं, बल्कि भारतीय मध्यक्रम के हर बल्लेबाज ने आज अपनी भूमिका बखूबी निभाई। शिवम दुबे ने अपनी पावर-हिटिंग का मुजाहिरा पेश करते हुए 43 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसने अंतिम ओवरों में रन गति को बनाए रखा। वहीं, सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने 39 रनों का तेजतर्रार योगदान दिया, जबकि हार्दिक पंड्या (27 रन) और युवा तिलक वर्मा (21 रन) ने छोटी लेकिन बेहद असरदार पारियां खेलकर स्कोर को 250 के पार पहुँचाने में मदद की। इंग्लैंड की ओर से विल जैक्स और आदिल रशीद ने 2-2 विकेट जरूर लिए, लेकिन वे भारतीय रनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे।
जैकब बेथेल का पलटवार: 48 गेंदों में शतक से मचाई खलबली
254 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। उनके शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए, लेकिन इसके बाद मैदान पर जैकब बेथेल का तूफान आया। बेथेल ने भारतीय गेंदबाजों, खासकर स्पिनरों को निशाने पर लिया और मैदान के हर कोने में बाउंड्री बटोरी। उन्होंने मात्र 48 गेंदों पर 105 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। बेथेल की इस बैटिंग ने एक समय भारतीय खेमे में चिंता की लकीरें खींच दी थीं। उन्होंने महज 19 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर मैच को अंतिम ओवर तक खींच लिया, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया।
आखिरी ओवर का रोमांच: भारत की 7 रनों से रोमांचक जीत
मैच की अंतिम गेंद तक यह कहना मुश्किल था कि जीत किसकी होगी। इंग्लैंड को आखिरी ओवरों में तेजी से रनों की दरकार थी और बेथेल क्रीज पर डटे हुए थे। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने डेथ ओवरों में अपना संयम बनाए रखा। इंग्लैंड की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 246 रन ही बना सकी और लक्ष्य से महज 7 रन दूर रह गई। बेथेल की शतकीय पारी बेकार गई क्योंकि उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। इस जीत के साथ भारत ने अपनी पिछली हारों का हिसाब चुकता किया और अब पूरी दुनिया की नजरें खिताबी भिड़ंत पर टिकी हैं।
