Veer Savarkar Bharat Ratna: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर स्वतंत्र वीर विनायक दामोदर सावरकर का नाम सम्मान और गौरव के साथ गूंज उठा है। वीर सावरकर की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा नेता और विधान परिषद सदस्य (MLC) प्रसाद लाड ने सदन में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजे जाने की पुरजोर मांग रखी। प्रसाद लाड ने इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को रखते हुए कहा कि सावरकर का राष्ट्र के प्रति योगदान अतुलनीय है और उन्हें यह सम्मान देना करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का सम्मान होगा। 26 फरवरी का दिन सावरकर के बलिदान और उनके वैचारिक संघर्ष को याद करने का दिन है, और इसी पावन अवसर पर यह मांग उठाई गई है।
Veer Savarkar Bharat Ratna: ब्रिटिश हुकूमत के लिए खौफ का पर्याय थे वीर सावरकर
सदन को संबोधित करते हुए प्रसाद लाड ने वीर सावरकर के ऐतिहासिक संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सावरकर केवल एक क्रांतिकारी नहीं, बल्कि एक प्रखर लेखक और ओजस्वी कवि भी थे। उनकी लेखनी में इतनी शक्ति थी कि तत्कालीन ब्रिटिश सरकार उनकी कविताओं और लेखों मात्र से थर-थर कांपती थी। लाड ने जोर देकर कहा कि जिस महापुरुष ने अपनी जवानी काले पानी की सजा काटते हुए देश की आजादी के लिए न्योछावर कर दी, उन्हें आने वाली पीढ़ियां कभी नहीं भूल सकतीं। सावरकर के साहित्य ने न केवल भारतीयों में राष्ट्रवाद की ज्वाला जलाई, बल्कि अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों की नींव हिला दी थी।
Veer Savarkar Bharat Ratna: विधान परिषद से सीधे प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा सम्मान का प्रस्ताव
प्रसाद लाड ने इस प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि वीर सावरकर को भारत रत्न देने के संबंध में रखा गया प्रस्ताव अब निर्णायक मोड़ पर है। हालांकि, चर्चा के दौरान विपक्षी दलों की ओर से कुछ हंगामे की स्थिति बनी, जिसे लाड ने जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। बावजूद इसके, सभापति ने इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए प्रस्ताव रखने की अनुमति दी। राज्य के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने भी इस पत्र पर सकारात्मक रुख अपनाया है। सभापति की सहमति के बाद, अब यह औपचारिक प्रस्ताव महाराष्ट्र सरकार की ओर से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भेजा जाएगा। भाजपा को पूर्ण विश्वास है कि केंद्र सरकार इस मांग पर मुहर लगाएगी।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार: अपमान की राजनीति का आरोप
अपने संबोधन के दौरान प्रसाद लाड ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक देश पर शासन किया, लेकिन उन्होंने कभी भी उन स्वतंत्रता सेनानियों को उचित सम्मान नहीं दिया जिन्होंने सशस्त्र क्रांति का मार्ग चुना था। लाड ने विशेष रूप से राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वे बार-बार सावरकर का अपमान करते हैं, जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए गठबंधन पूरी निष्ठा के साथ सावरकर की विरासत और उनके सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रवाद और सावरकर के प्रति अटूट विश्वास
अंत में, प्रसाद लाड ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में यह प्रस्ताव न केवल पारित होगा बल्कि सावरकर को ‘भारत रत्न’ मिलना तय है। उन्होंने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा कि सावरकर जैसे व्यक्तित्व को सम्मानित करना किसी भी राजनीति से ऊपर होना चाहिए। यह कदम उन सभी देशभक्तों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने मातृभूमि की सेवा में अपना सर्वस्व त्याग दिया। इस प्रस्ताव के माध्यम से महाराष्ट्र की जनता की आवाज को दिल्ली के गलियारों तक पहुँचाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

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