Headline
Weight Loss Tips
Weight Loss Tips: गर्मियों में चिया सीड्स का ऐसे करें इस्तेमाल, पेट की चर्बी होगी छूमंतर और शरीर रहेगा कूल
BJP Foundation Day 2026
BJP Foundation Day 2026: 46 साल पहले ऐसे खिली थी ‘भाजपा’, जानें जनसंघ से अब तक का ऐतिहासिक सफर
World War 3 Alert
World War 3 Alert: ट्रंप की डेडलाइन ने बढ़ाया युद्ध का खतरा, होर्मुज स्ट्रेट पर परमाणु देशों में छिड़ी रार
Somvar Vrat 2026
Somvar Vrat 2026: महादेव की कृपा के लिए सोमवार को इस विधि से करें पूजा, चमक जाएगी सोई किस्मत
Amit Shah Security Breach
Amit Shah Security Breach : चुनाव आयोग का कड़ा एक्शन, कोलकाता पुलिस के 4 अधिकारी निलंबित
US Iran Operation
US Iran Operation : अमेरिका ने ईरान में दूसरे पायलट को भी सुरक्षित निकाला, भीषण गोलीबारी के बीच चला जादुई रेस्क्यू ऑपरेशन
Thyroid Control Tips
Thyroid Control Tips : थायरॉइड कंट्रोल करने के रामबाण तरीके, जानें क्या खाने से मिलेगा आराम और किनसे बढ़ेगी परेशानी?
Tirupati Balaji Miracles
Tirupati Balaji Miracles : तिरुपति बालाजी के 3 बड़े चमत्कार, असली बाल, पसीना और बिना तेल के जलता है अखंड दीपक!
DC vs MI
DC vs MI : समीर रिजवी का दिल्ली में तूफान, मुंबई इंडियंस को चटाई धूल, दिल्ली की लगातार दूसरी जीत

Phulera Dooj 2026: जानें शुभ मुहूर्त, तिथि और क्यों माना जाता है इसे अबूझ मुहूर्त

Phulera Dooj 2026

Phulera Dooj 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फाल्गुन महीने के आगमन के साथ ही फिजाओं में होली की खुशबू घुलने लगती है। इस महीने का सबसे सुंदर और पवित्र त्यौहार ‘फुलेरा दूज’ माना जाता है। यह पर्व विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के अनन्य प्रेम का प्रतीक है। ब्रज क्षेत्र में फुलेरा दूज का उत्साह देखते ही बनता है, क्योंकि इसी दिन से विधिवत रूप से फूलों की होली का शुभारंभ होता है। साल 2026 में यह पर्व आस्था और उल्लास के साथ 19 फरवरी को मनाया जाएगा, जो भक्तों के लिए आध्यात्मिक शांति और प्रसन्नता लेकर आएगा।

Phulera Dooj 2026: तिथि और समय: कब शुरू होगी द्वितीया तिथि?

पंचांग गणना के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत 18 फरवरी 2026 को दोपहर 04:57 बजे से होगी। इस तिथि का समापन अगले दिन 19 फरवरी 2026 को दोपहर 03:58 बजे होगा। चूंकि हिंदू धर्म में उदय तिथि (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) का विशेष महत्व होता है, इसलिए फुलेरा दूज का मुख्य उत्सव 19 फरवरी 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। इसी दिन से मथुरा, वृंदावन और संपूर्ण ब्रज मंडल में फूलों की होली की धूम शुरू हो जाएगी।

Phulera Dooj 2026: फुलेरा दूज 2026 के लिए विशेष शुभ मुहूर्त

इस दिन की पूजा और मांगलिक कार्यों के लिए शास्त्रों में कुछ विशेष समय बताए गए हैं। यदि आप इस दिन कोई विशेष अनुष्ठान या नया कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो इन मुहूर्तों का ध्यान रखना श्रेयस्कर होगा:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:14 बजे से 06:05 बजे तक (साधना के लिए श्रेष्ठ)

  • चर मुहूर्त: सुबह 11:10 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक

  • लाभ मुहूर्त: दोपहर 12:35 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:12 बजे से 06:37 बजे तक (आरती और दीपदान के लिए उत्तम)

अबूझ मुहूर्त का महत्व: बिना पंचांग देखे करें शुभ कार्य

ज्योतिष शास्त्र में फुलेरा दूज को ‘अबूझ मुहूर्त’ की श्रेणी में रखा गया है। इसका अर्थ यह है कि यह दिन हर प्रकार के दोषों से मुक्त होता है और अत्यंत मांगलिक माना जाता है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, सगाई, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश या नया व्यापार शुरू करने के लिए किसी विशेष ज्योतिषीय परामर्श की आवश्यकता नहीं होती। जिन जातकों की शादी में रुकावटें आ रही हैं या वैवाहिक जीवन में तनाव है, उनके लिए इस दिन राधा-कृष्ण की संयुक्त पूजा करना चमत्कारिक फल प्रदान करता है।

धार्मिक कथा और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फुलेरा दूज वह ऐतिहासिक दिन है जब भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और अपनी गोपियों के साथ पहली बार फूलों से होली खेली थी। यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि ईश्वर और भक्त के बीच के शुद्ध प्रेम का उत्सव है। इस दिन ब्रज के मंदिरों को हजारों क्विंटल ताजे फूलों से सजाया जाता है। भक्त अपने आराध्य को गुलाल के स्थान पर फूलों की पंखुड़ियां अर्पित करते हैं, जो शीत ऋतु की विदाई और वसंत के पूर्ण वैभव का स्वागत करने का तरीका है।

फुलेरा दूज पूजन विधि और परंपराएं

इस पावन दिन पर भक्तों को सुबह जल्दी उठकर स्नान के पश्चात साफ सुथरे वस्त्र धारण करने चाहिए। घर के मंदिर में राधा-कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष घी का दीपक जलाएं और उन्हें रंग-बिरंगे सुगंधित फूल जैसे गेंदा, गुलाब और चमेली अर्पित करें। ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करते हुए उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाएं। शाम के समय मंदिरों में भजन-कीर्तन का आनंद लेना और दान-पुण्य करना इस दिन की महत्ता को और बढ़ा देता है।

प्रेम, उल्लास और सकारात्मकता का संचार

अंततः, फुलेरा दूज केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि यह नकारात्मकता को त्याग कर जीवन में नए रंगों को भरने का संदेश देती है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि जिस प्रकार फूल अपनी सुगंध से वातावरण को महका देते हैं, वैसे ही हमें भी प्रेम और भक्ति से समाज को सुंदर बनाना चाहिए। 19 फरवरी को मनाया जाने वाला यह पर्व होली के महाकुंभ की एक सुखद प्रस्तावना के रूप में हमारे जीवन में दस्तक देने को तैयार है।

Read More: Diabetes Care: डायबिटीज होगी जड़ से कंट्रोल, आजमाएं ये 5 जादुई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ और बदलें अपनी जीवनशैली

One thought on “Phulera Dooj 2026: जानें शुभ मुहूर्त, तिथि और क्यों माना जाता है इसे अबूझ मुहूर्त

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top