Kiren Rijiju vs Rahul Gandhi : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के विरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर चुनाव आयोग तथा सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष से विरोध की राजनीति छोड़कर जनता के बीच काम करने और उसका विश्वास जीतने की अपील की।
300 सांसदों के मार्च के बाद BJP का हमला
रिजिजू की यह टिप्पणी ऐसे समय आई, जब INDIA गठबंधन के करीब 300 सांसद संसद परिसर से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करने पहुंचे। विपक्षी सांसदों ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्ति जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
रिजिजू ने विरोध को बताया ‘डेली ड्रामा’
किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के लगातार विरोध को ‘डेली ड्रामा’ करार देते हुए कहा कि यह सिलसिला वर्ष 2014 से चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत जनता का समर्थन और उसका जनादेश होता है। उनके अनुसार, यदि कोई पार्टी चुनाव में जनादेश हासिल नहीं कर पाती, तो उसे जनता के बीच जाकर अपना आधार मजबूत करना चाहिए।
चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर लगाए आरोप
रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है और सरकार को भी भ्रष्ट बताती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के बाद न्यायपालिका को भी निशाना बनाया जाता है। भाजपा नेता के मुताबिक, संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने की राजनीति से लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है और ऐसी राजनीति को अब रोकना चाहिए।
संबित पात्रा ने ‘वोट चोरी’ के आरोप पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ संबंधी आरोपों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि यदि चुनावों में वास्तव में वोट चोरी हुई है, तो राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी क्या इसी तरीके से सांसद चुने गए हैं? पात्रा ने कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश की सरकारों का उल्लेख करते हुए विपक्ष से पूछा कि क्या इन राज्यों में भी सरकारें वोट चोरी के जरिए बनी हैं।
फॉर्म-6 में बदलाव के दावे पर BJP का जवाब
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें फॉर्म-6 में कथित बदलाव को गैरकानूनी और एकतरफा बताया गया था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म-6 को अवैध घोषित नहीं किया है। पात्रा के अनुसार, अदालत ने रिकॉर्ड की समीक्षा से संबंधित याचिका स्वीकार की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फॉर्म में बदलाव किस स्तर पर और किसके द्वारा किए गए।
बिहार SIR पर भी भाजपा ने कांग्रेस को घेरा
बिहार में मतदाता सूची के SIR को लेकर भी भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाए। संबित पात्रा ने चुनाव आयोग के बयान का हवाला देते हुए कहा कि 24 जून 2025 को SIR से संबंधित आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से पारित हुआ था। उन्होंने दावा किया कि 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इस प्रक्रिया को कानूनी मान्यता मिली और अदालत ने इसे बरकरार रखा।
संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसे का मुद्दा
भाजपा ने विपक्ष के आंदोलन को केवल चुनावी प्रक्रिया का मुद्दा नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसे से जुड़ा विषय बताया। वहीं कांग्रेस और विपक्ष SIR के जरिए मतदाता सूची में संभावित बदलावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की प्रक्रिया, फॉर्म-6 और मतदाता अधिकारों को लेकर राजनीतिक विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।
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